कर्नाटक राज्य महिला आयोग ने सीनियर IPS अधिकारी और पुलिस महानिदेशक (नागरिक अधिकार प्रवर्तन) रामचंद्र राव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. महिला आयोग का यह रुख तब सामने आया, जब वर्दी में अपने आधिकारिक चैंबर के भीतर महिलाओं के साथ अश्लील हरकतें करते हुए उनके वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.
महिला आयोग ने इस मामले में तुरंत पारदर्शी जांच, अधिकारी को सेवा से निलंबित करने और ज़ीरो-टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई की मांग की है. इस संबंध में आयोग ने सोमवार रात कर्नाटक के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई. आयोग ने न्यूज चैनलों पर प्रसारित विज़ुअल्स का बेहद गंभीर संज्ञान लिया है.
इन वीडियो में सीनियर IPS अधिकारी अपने ऑफिस में वर्दी पहनकर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न जैसे व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं. महिला आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि जिस अधिकारी से महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा की उम्मीद की जाती है, यदि वही इस तरह का आचरण करता है, तो यह समाज के लिए बेहद गलत संदेश देता है.
इससे राज्य की महिलाओं में असुरक्षा और अविश्वास की भावना पैदा होती है. आयोग ने यह भी रेखांकित किया कि यह पूरा मामला कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम 2013 के दायरे में आता है. ऐसे में मामले को हल्के में नहीं लिया जा सकता. आयोग ने आग्रह किया कि इस मामले में तुरंत पारदर्शी जांच के आदेश दिए जाएं.
इसके साथ ही अधिकारी के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सात दिनों के भीतर आयोग को सौंपी जाए. इधर, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने रामचंद्र राव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है. बेंगलुरु में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि पुलिस अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है. इस मामले की जांच कराई जाएगी.
कर्नाटक सरकार ने रामचंद्र राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है. सस्पेंशन आदेश में कहा गया है कि यह आचरण एक सरकारी कर्मचारी के लिए अशोभनीय है और इससे राज्य प्रशासन की छवि को ठेस पहुंची है. वहीं, अपने ऊपर लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए रामचंद्र राव ने वायरल वीडियो को पूरी तरह खारिज किया है.
उन्होंने इन वीडियो क्लिप्स को मनगढ़ंत और झूठा बताया है. हालांकि, महिला आयोग और सरकार दोनों ही इस मामले में सख्त रुख अपनाए हुए हैं. आगे की जांच पर सबकी नजर बनी हुई है.