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पहले पीटा, फिर जय श्रीराम बोलने पर किया मजबूर... तिहाड़ में बंद ISIS संदिग्ध का आरोप

आईएसआईएस के एक कथित आतंकवादी ने एक वीडियो में कहा है कि उसे तिहाड़ जेल में 'जय श्री राम' का नारा लगाने के लिए मजबूर किया गया. राशिद जफर नामक इस आतंकी को साल 2018 में गिरफ्तार किया गया था. जेल के अधिकारियों ने आतंकी के आरोपों से इनकार किया है.

Tihar Jail Tihar Jail
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ISIS संदिग्ध का वीडियो में सनसनीखेज दावा
  • ISIS संदिग्ध बोला, जेल में 'जय श्री राम' बोलने को किया मजबूर
  • जेल के अधिकारियों ने आरोपों से किया इनकार

देशभर में आत्मघाती हमलों और सिलसिलेवार विस्फोटों की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार आईएसआईएस के एक संदिग्ध ने एक वीडियो में सनसनीखेज दावा किया है. उसने कहा है कि उसे तिहाड़ जेल में अन्य कैदियों ने पीटा और 'जय श्री राम' का नारा लगाने के लिए मजबूर किया. आरोपी आतंकी का नाम राशिद जफर है और उसे साल 2018 में आईएसआईएस समूह का सदस्य होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. 

जेल अधिकारियों ने राशिद के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उनका कहना है वह एक बैरक से दूसरे बैरक में जाना चाह रहा था जो कि अवैध है. राशिद के पास एक सेल फोन भी बरामद हुआ है, जिसको लेकर जेल के अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं.

इस वीडियो पर तिहाड़ जेल के डीजी का कहना है यह वीडियो जेल के अंदर कल बनाया गया है. वीडियो बनाने वाला शख्स एक कैदी है और आईएसआईएस का आतंकी है. इसका नाम राशिद जफर है. उन्होंने कहा, ''वीडियो में आतंकी जो आरोप लगा रहा है, वह सरासर गलत है और खुद आतंकी ने अपने आप को चोट पहुंचाई है. आतंकी जेल नंबर 8 में बंद है. इस मामले की जांच करवाई जा रही है कि आतंकी के पास मोबाइल फोन कैसे पहुंचा?''

बता दें कि राशिद जफर को साल 2018 में गिरफ्तार किया गया था. वीडियो के सामने आने के बाद राशिद के वकीलों ने अदालत में अर्जी दायर की है. एनआईए ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते की मदद से दिल्ली के जाफराबाद, सीलमपुर और उत्तर प्रदेश में 11 जगहों पर तलाशी लेने के बाद दिसंबर, 2018 में नौ अन्य लोगों के साथ आरोपी को गिरफ्तार किया था. 

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह से एक महीने पहले तलाशी और गिरफ्तारी की गई थी. एनआईए के अनुसार, तलाशी के दौरान एक रॉकेट लॉन्चर, आत्मघाती जैकेट के लिए सामग्री और टाइमर के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली 112 अलार्म घड़ियों को बरामद किया गया था.

 

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