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गाजियाबाद में नाइजीरियन नागरिक की मौत, मकान मालिक पर लगा 8 महीने तक भूखा प्यासा रखने का आरोप

गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि मकान मालिक द्वारा नाइजीरियन नागरिक को कैदी बनाने और उसे प्रताड़ित करने जैसी कोई भी शिकायत नहीं मिली है. इस बात की जानकारी भी नहीं दी गई है कि नाइजीरिया नागरिक को 8 महीने से कैद करके रखा गया था. 

सांकेतिक तस्वीर. सांकेतिक तस्वीर.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ऑटो पार्ट्स डीलर था नाइजीरियन नागरिक
  • पुलिस बोली- ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है

दिल्ली से सटे गाजियाबाद में एक नाइजीरियन की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है. कुपोषित पाए गए 30 साल के नाइजीरिया के नागरिक की पहचान माइकल मडुके के तौर पर हुई. राजधानी में एक नाइजीरियाई कार्यकर्ता ने मृतक की पहचान ऑटो पार्ट्स डीलर माइकल एमेनिके मडुके के रूप में की और आरोप लगाया कि किराए का भुगतान नहीं करने के कारण पिछले आठ महीनों से उसे अपने मकान मालिक द्वारा गाजियाबाद के एक फ्लैट में कैद करके और भूखा रखा गया था. 

गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि मकान मालिक द्वारा नाइजीरियन नागरिक को कैदी बनाने और उसे प्रताड़ित करने जैसी कोई भी शिकायत नहीं मिली है. इस बात की जानकारी भी नहीं दी गई है कि नाइजीरिया नागरिक को 8 महीने से कैद करके रखा गया था. 

दरअसल गाजियाबाद के नंद काम थाने के एसएचओ को शनिवार दोपहर पीसीआर नंबर 112 पर एक कॉल आया था जब गाजियाबाद पुलिस इस फ्लैट पर पहुंची तो पता चला कि बीमार नाइजीरियन राहुल नाम के एक शख्स के साथ इस फ्लैट में रहा करता था. पुलिस जिस वक्त फ्लैट में पहुंची वहां कैनेडी और उसके कई नाइजीरियन साथी फ्लैट में मौजूद थे.

 पुलिसकर्मियों ने देखा कि कमरे में पड़े माइकल की हालत बेहद खराब थी वह बहुत कमजोर नजर आ रहा था और बीमार भी लग रहा था जिसके बाद पुलिस ने माइकल को गाजियाबाद के अस्पताल में भर्ती करवा दिया. कुछ ही देर बाद माइकल की बिगड़ती हालत और ऑक्सीजन लेवल कम होने के बाद डॉक्टरों ने उसको दिल्ली के किसी बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया.

जिसके बाद माइकल को साउथ दिल्ली के मैडिक्स क्लीनिक में भेजा गया जहां कुछ ही देर बाद दिल का दौरा पड़ने से माइकल की मौत हो गई जिसके बाद माइकल की लाश को एवं मोर्चरी में शिफ्ट कर दिया गया. गाजियाबाद पुलिस ने इस संबंध में नाइजीरिया के दूतावास को जानकारी दे दी है. फिलहाल इस मामले में कोई भी पुलिस में शिकायत नहीं दी गई है. इस बीच खुलासा यह भी हुआ है कि माइकल के परिवार ने किराए के तौर पर 42 हज़ार रुपये माइकल के साथी राहुल के अकाउंट में भेजे थे लेकिन यह पैसे कहां गए या फिर मकान मालिक को क्यों नहीं दिए गए यह जांच का विषय है.

आरोप यह भी है कि माइकल को मकान मालिक ने किराया न मिलने के चलते कई दिनों तक भूखा प्यासा रखा और घर में कैद कर दिया था.  गाजियाबाद पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और जल्द ही अपनी रिपोर्ट नाइजीरियन दूतावास को सौंपेगी.

 

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