scorecardresearch
 

एल्गार परिषद केसः फादर स्टेन स्वामी के निधन से भूख हड़ताल पर कैदी, NIA और जेल सुप्रिंटेंडेंट पर लगाए आरोप

जेल में बंद एल्गार के कैदियों ने फादर स्टेन स्वामी की मौत को 'संस्थागत हत्या' बताया है. इसके लिए उन्होंने नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी (NIA) और तलोजा जेल के सुप्रिंटेंडेंट कौस्तुभ कुरलीकर को जिम्मेदार ठहराया है.

लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे फादर स्टेन स्वामी (फाइल फोटो) लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे फादर स्टेन स्वामी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 5 जुलाई को हुई थी स्वामी की मौत
  • एल्गार केस में हिरासत में थे स्वामी
  • जेल में बंद कैदी भूख हड़ताल पर

एल्गार परिषद केस (Elgar Parishad Case) मामले में आरोपी फादर स्टेन स्वामी की मौत (Father Stan Swamy Death) की जांच कराने की मांग तेज हो गई है. मुंबई की तलोजा सेंट्रल जेल (Taloja Central prison) में बंद एल्गार परिषद से जुड़े लोग बुधवार को भूख हड़ताल कर रहे हैं. 

जेल में बंद एल्गार के कैदियों ने इसे 'संस्थागत हत्या' बताया है. इसके लिए उन्होंने नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी (NIA) और तलोजा जेल के सुप्रिंटेंडेंट कौस्तुभ कुरलीकर को जिम्मेदार ठहराया है. 

तलोजा जेल में बंद कैदियों का मानना है कि NIA और कौस्तुभ कुरलीकर ने फादर स्टेन स्वामी (Father Stan Swamy) को उत्पीड़ित करने का एक भी मौका नहीं छोड़ा. चाहे वो जेल के अंदर मिलने वाला इलाज हो या फिर अस्पताल से जेल लाने की जल्दबाजी हो या फिर सिपर जैसी मामूली चीजों का विरोध करना हो. उनका कहना है कि इन्हीं सब वजहों से फादर स्टेन स्वामी की जान ली. 

उन्होंने NIA के अफसरों और कौस्तुभ कुरलीकर के खिलाफ हत्या का मुकदमा चलाने की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने स्टेन स्वामी की हत्या को 'संस्थागत हत्या' बताते हुए इसकी न्यायिक जांच (Judicial Enquiry) की भी मांग की है. उनका कहना है कि वो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को इन्हीं सब मांगों को लेकर एक लेटर भी भेजने वाले हैं. 

ये भी पढ़ें-- 9 महीने पहले हुई थी गिरफ्तारी, एल्गार परिषद केस में क्या थे स्टेन स्वामी पर आरोप, जानें जांच से जुड़ी हर बात

जेल सुप्रिंटेंडेंट पर और भी आरोप लगाए

जेल में बंद एल्गार कैदियों ने जेल सुप्रिंटेंडेंट पर और भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं. एल्गार परिषद केस से जुड़े दो बंदियों ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि जेल सुप्रिंटेंडेंट उनके पर्सनल लेटर या वकीलों के लेटर समय पर नहीं दे रहे हैं या उन्हें रोक रहे हैं. हाईकोर्ट ने इस मामले में जेल सुप्रिंटेंडेंट से जवाब दाखिल करने को कहा है.

5 जुलाई को हुई थी स्टेन स्वामी की मौत

मुंबई की तलोजा सेंट्रल जेल में बंद स्टेन स्वामी की तबीयत काफी दिनों से खराब चल रही थी. उन्होंने इसके लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में जमानत याचिका (Medical Bail) भी दायर की थी, लेकिन उन्हें जमानत नहीं मिल सकी. हाईकोर्ट के आदेश पर उन्हें मुंबई के होली फैमिली अस्पताल (Holy Family Hospital) में भर्ती कराया गया था. उनकी कोविड रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी. 4 जुलाई को उन्हें कार्डिएक अरेस्ट (Cardiac Arrest) आया था, जिसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था. लेकिन 5 जुलाई की दोपहर 1.30 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया. उन्हें पार्किंसन नाम की बीमारी भी थी. 

पिछले साल अक्टूबर में हुए थे गिरफ्तार

फादर स्टेन स्वामी को NIA ने पिछले साल अक्टूबर में गिरफ्तार किया था. उन्हें भीमा कोरेगांव हिंसा (Bhima Koregaon Case) से जुड़े एल्गार परिषद केस के मामले में गिरफ्तार किया गया था. उनके ऊपर UAPA की कई धाराएं लगाई गई थीं. NIA ने दावा किया था स्टेन स्वामी के संबंध प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) से हैं और 1 जनवरी 2018 को भीमा कोरेगांव में जो हिंसा भड़की थी, उसकी एक वजह एल्गार परिषद का कार्यक्रम भी था, जिसमें स्टेन स्वामी ने कथित तौर पर भड़काउ भाषण दिया था. हालांकि, स्टेन स्वामी अक्सर इन आरोपों को नकारते रहे.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें