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दिल्ली बॉर्डर से किसान आंदोलन की कवरेज में गिरफ्तार पत्रकार मनदीप को बेल

मनदीप को इस शर्त पर जमानत दी गई है कि वे बिना बताए देश के बाहर नहीं जा सकते और साथ ही एसएचओ को भी अपना मोबाइल नंबर और पूरा पता देंगे.

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रोहिणी जिला अदालत (फाइल फोटो)
रोहिणी जिला अदालत (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने दी जमानत
  • 25000 के निजी मुचलके पर जमानत
  • सिंघु बॉर्डर से हुई थी गिरफ्तारी

स्वतंत्र पत्रकार मनदीप पुनिया को जमानत मिल गई है. 29 जनवरी को सिंघु बॉर्डर पर किसानों और पुलिस के बीच झड़प के बाद गिरफ्तार किए गए पत्रकार मनदीप पुनिया को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने 25 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है. मनदीप को इस शर्त पर जमानत दी गई है कि वे बिना बताए देश के बाहर नहीं जा सकते और साथ ही एसएचओ को भी अपना मोबाइल नंबर और पूरा पता देंगे.

कोर्ट ने मनदीप को जमानत देते हुए कहा है कि जब भी पुलिस को सहयोग की जरूरत होगी, वे सहयोग करेंगे. मनदीप के खिलाफ एफआईआर खुद पुलिसकर्मियों की ओर से ही दर्ज कराई गई थी. जिसे देखते हुए कोर्ट ने कहा कि वह सबूतों और गवाहों को प्रभावित नहीं कर सकता. ऐसे में उसे जेल में रखने का फिलहाल कोई औचित्य नहीं है. साथ ही इस मामले में मनदीप से कोई रिकवरी भी नहीं की जानी है.

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गौरतलब है कि मनदीप को 29 जनवरी के दिन सिंघु बॉर्डर के पास किसानों और कुछ कथित स्थानीय लोगों की झड़प के बाद गिरफ्तार किया गया था. पुलिस की ओर से खुद एफआईआर दर्ज की गई. पुलिस ने अगले दिन उसे कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने मनदीप को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद मनदीप ने रोहिणी कोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई थी. जिसे मंगलवार को मंजूर कर लिया गया.

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