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उत्तराखंड़ के पूर्व CM के बेटे समेत 18 के खिलाफ केस दर्ज, मारपीट और धमकी देने का भी आरोप

दिल्ली से सटे गाजियाबाद के इदिरापुरम थाने में इंडियाबुल्स के डायरेक्टर और सीनियर अधिकारियों सहित कुल 18 लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज हुआ है. उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के बेटे साकेत बहुगुणा का नाम भी एफआईआर में शामिल है.

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उत्तराखंड के पूर्व CM के बेटे और इंडियाबुल्स के 17 अन्य अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज
उत्तराखंड के पूर्व CM के बेटे और इंडियाबुल्स के 17 अन्य अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज

देश के प्रमुख एनबीएफसी में से एक इंडियाबुल्स फाइनेंस हाउसिंग लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन समीर गहलोत , वाइस चेयरमैन एमडी गगन बांगा, फाउंडर चेयरमैन वसंत वंसल और  3 डायरेक्टर सहित कुल 18 सीनियर अधिकारियो पर गाजियाबाद में एफआईआर दर्ज हुई है. उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे और इंडियाबुल्स में कार्यरत साकेत बहुगुणा के नाम भी FIR में शामिल है. यह एफआईआर शिप्रा समूह की तरफ से दर्ज कराई गई है.

कोर्ट ने दिए आदेश

एफआईआर में इंडियाबुल्स के पूर्व चेयरमैन , डायरेक्टर और अन्य सीनियर अधिकारियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी, अवैध कार्यों, मारपीट, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और 6,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है.

आरोप है कि इंडियाबुल्स के डायरेक्टर और सीनियर अधिकारियों ने लालच के चलते शिप्रा समूह को हजारों करोड़ रुपये की लोन दिलाने की पेशकश की और हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई. पूरे मामले में शिप्रा समूह ने गाजियाबाद के मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में शिकायत दी थी. जिसमें सीजेएम ने , शिप्रा समूह की शिकायत पर सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत गाजियाबाद पुलिस को मुकद्दमा दर्ज करने के आदेश दिए.

 लगाए गए हैं गंभीर आरोप

इसी आदेश के क्रम में गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में दर्ज यह एफआईआर दर्ज हुई है. इस पूरे मामले में पुलिस के अनुसार शिप्रा समूह द्वारा इंडिया बुल्स फाइनेंस हाउसिंग लिमिटेड पर हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं. कई गम्भीर धाराओं में यह मुकदमा दर्ज हुआ है. इसलिए ईओडब्ल्यू या अन्य जांच शाखा से भी मामले की जांच कराई जा सकती है. फिलहाल पुलिस द्वारा मामले में जांच जारी है.

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पहले सामने आया था ये मामला

इंडियाबुल्स के खिलाफ कुछ साल पहले फ्रॉड सहित कई आरोप लगए थे. हाईकोर्ट में इस संबंध में याचिका भी दायर की थी और आरोप लगाया है कि पिछले सालों में इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (IBHFL) ने विभिन्न सार्वजनिक और निजी बैंकों से भारी मात्रा में कर्ज लिया है.

याचिका में कहा गया है कि ये सार्वजनिक धन दांव पर है इसके साथ ही इंडियाबुल्स के शेयरधारकों और निवेशकों द्वारा IBHFL में निवेश किए गए पैसे भी दांव पर हैं.याचिका में इंडियाबुल्स पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. इन आरोपों में आईबीएचएफएल द्वारा अपने प्रमोटरों और उनके विभिन्न ग्रुप फर्मों और सहायक कंपनियों के माध्यम से बड़े कॉरपोरेट समूहों के स्वामित्व वाली कंपनियों को संदिग्ध लोन देना भी शामिल है. 

 

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