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केरल हाईकोर्ट के जज की गाड़ी पर फेंका काला तेल, आरोपी गिरफ्तार  

केरल हाईकोर्ट के न्यायाधीश की गाड़ी पर काला मोटर ऑयल फेंककर एक व्यक्ति ने हंगामा खड़ा कर दिया. यह व्यक्ति न्यायालय परिसर में लापता परिजन की तलाश और निष्पक्ष जांच के लिये प्रदर्शन कर रहा था. आरोपी को वहां मौजूद सुरक्षा जवानों ने हिरासत में ले लिया. उससे पूछताछ की जा रही है. 

केरल हाईकोर्ट के जज की गाड़ी पर फेंका गया काला तेल (फोटो-पीटीआई) केरल हाईकोर्ट के जज की गाड़ी पर फेंका गया काला तेल (फोटो-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • लापता छात्रा की तलाश के लिये कर रहा था प्रदर्शन
  • 2018 से लापता है आरोपी की रिश्तेदार छात्रा

केरल हाईकोर्ट में बुधवार को उस समय-अफरा तफरी मच गई, जब न्यायालय परिसर में आते हुये न्यायाधीश की गाड़ी पर एक व्यक्ति ने काला मोटर ऑयल फेंक दिया. घटना के बाद सुरक्षा जवान सतर्क हो गये. आरोपी को दबोच लिया गया.  उससे पूछताछ की जा रही है. बताया गया है कि आरोपी पिछले कई दिनों से न्यायालय के बाहर प्रदर्शन कर रहा था. वह अपने लापता रिश्तेदार के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है. 

आरोपी प्रदर्शनकारी की पहचान रघुनाथ के रूप में की गई है. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति वी शिरसी की कार जैसे ही मुख्य गेट से अंदर आई, तो रघुनाथ ने तख्ती के साथ नारे लगाते हुए कार पर काला मोटर ऑयल फेंक दिया. घटना के बाद मौके पर तैनात सुरक्षाबलों ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया. आरोपी को एर्नाकुलम केंद्रीय पुलिस को सौंप दिया गया है. 

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कोच्चि के एसीपी लालजी  द्वारा जब रघुनाथ से पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि उसकी एक रिश्तेदार जासना मारिया जेम्स गायब है. उसे आशंका है, कि जासना की हत्या कर दी गई है. उसने इस मामले में जब शिकायत की, तो उसकी सुनवाई नहीं की गई. इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर वह प्रदर्शन कर रहा है. इसी वजह से उसने ये कदम उठाया. पुलिस ने बताया कि केरल के कोट्टायम जिले के कांजीरापल्ली एसडी कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा जेसना मारिया जेम्स 22 मार्च 2018 को लापता हो गई थी. परिवार वालों के अनुसार उसे आखिरी बार कॉलेज जाते समय देखा गया था, उसके बाद से वह घर वापस नहीं आई. परिवार के लोगों ने इस मामले में पुलिस से शिकायत की. पुलिस ने उसकी तलाश की, लेकिन उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी. 

वहीं 27 मई 2018 को केरल के डीजीपी लोकनाथ बेहरा ने इस मामले में आईजी मनोज इब्राहिम के नेतृत्व में एसआईटी टीम का गठन कर दिया. इसके बाद मामले की जांच के लिये तिरुवल्ला एसपी को मुख्य जांच अधिकारी नियुक्त किया गया. इस मामले में एसआईटी को भी कोई सफलता हाथ नहीं लगी. इसके बाद जेसना तक पहुंचने के लिये एक लाख रुपये के इनाम की भी घोषणा की गई, जिसे बाद में बढ़ाकर पांच लाख तक कर दिया, लेकिन जेसना की किसी भी प्रकार से कोई सूचना नहीं मिली. जानकारी मिली थी, कि जेसना मरिया को मलप्पुरम जिले के कोट्टाकुन्नु में देखा गया था, इसके बाद केरल क्राइम ब्रांच ने बेंगलुरु, पुणे, गोवा और चेन्नई में भी उसकी तलाश की, लेकिन उसके बारे में कोई सुराग नहीं लग सका.  

लापता कॉलेज छात्रा को तलाशने के लिये जांच टीम ने 4 हजार से ज्यादा फोन कॉल्स और डेटा बॉक्स तक भी खंगाले. उसके लापता होने वाले दिन के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गये, जिसमें कोट्टायम जिले में इरुमेली के लिये जेसना को जाते हुये देखा गया. इसके बाद पतनमथिट्टा के पुलिस अधीक्षक आईपीएस केजी साइमन ने जांच में तेजी लाने के आदेश जारी कर दिये. बताया गया है कि उस समय पुलिस को जेसना मारिया जेम्स के बारे में महत्वपूर्ण सूचनायें भी मिलीं, लेकिन केजी साइमन 31 दिसंबर 2020 को सेवानिवृत्त हो गये, जिसके बाद ये मामला ठंडे बस्ते में चला गया. इस बीच कोच्चि में क्रिश्चियन अलायंस एंड सोशल एक्शन ने जेसना मारिया जेम्स को खोजने के लिए केरल उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की. बाद में न्यायमूर्ति की एक खंडपीठ ने इस मामले में चेतावनी दी कि याचिका खारिज कर दी जाएगी.
 

 

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