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गाजियाबाद: कुरियर बॉय से बने ATM फ्रॉड के मास्टरमाइंड, की लाखों की ठगी, यूपी STF ने ऐसे किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने ऐसे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कुरियर कार्ड डिलीवरी से पहले ही एटीएम कार्ड की चिप बदलकर लाखों की ठगी करते थे. इनके पास से पुलिस ने 45 चिप और अन्य चीजें बरामद की हैं.

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एसटीएफ ने किया है दोनों आरोपियों को गिरफ्तार. एसटीएफ ने किया है दोनों आरोपियों को गिरफ्तार.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कुरियर कार्ड डिलीवर करने से पहले बदलते थे ATM कार्ड की चिप
  • कार्ड होल्डर के बैंक अकाउंट से उड़ा लेते थे रकम, 2 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स ने खोड़ा कॉलोनी में रहने वाले संजय यादव और शाहदरा दिल्ली के रहने वाले हर्षित शर्मा नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ये दोनों आरोपी एटीएम में फ्रॉड करके लाखों की ठगी करते थे. पुलिस ने इनके पास से एटीएम की 45 चिप और दर्जनों एटीएम कार्ड बरामद किए हैं.

पिछले कई महीने से स्पेशल टास्क फोर्स को दिल्ली-एनसीआर में बैंकों से ठगी करने वाले ऑर्गनाइज गैंग की जानकारियां मिल रही थीं. टास्क फोर्स के एसपी कुलदीप नारायण और सब इंस्पेक्टर डीके त्यागी की टीम एटीएम कार्ड के आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी. 21 मई को एसटीएफ की टीम को खबर मिली थी कि एटीएम फ्रॉड का बड़ा सरगना, पैसों के लेनदेन के लिए खोड़ा कॉलोनी में आने वाला है. एसटीएफ की टीम ने खोड़ा पहुंचकर घेराबन्दी कर गाजियाबाद पुलिस के सहयोग से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

गिरफ्तार अभियुक्त संजय यादव से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह 12वीं पास है. अभियुक्त संजय यादव लगभग 3 साल से ब्लूडार्ट कम्पनी में कुरियर डिलीवरी करने का काम कर रहा था. कुरियर डिलीवरी करते समय वह 3-4 बार आरोपी कुलदीप के खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद स्थित घर पर भी गया था. दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई. फिर कुलदीप ने ही संजय यादव को एटीएम कार्ड के फ्रॉड के बारे में जानकारी दी.

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शुरुआत में कुलदीप, संजय यादव को प्रति कार्ड 5 हजार रुपये देता था और बाद में इस धोखाधड़ी से मिली धनराशि का आधा हिस्सा देने लगा. इन पैसों के बदले संजय यादव, कुलदीप को एटीएम कार्ड डिलीवरी करने से पहले कुछ घंटों के लिए दे देता था. साथ ही ग्राहक के एकाउंट में रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर, जो कि कुरियर में पते के साथ लिखा होता था, वो भी नोट करा देता था.

ऐसे ठगी की वारदात को अंजाम देते थे शातिर

आरोपी रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर से कॉल स्पूफिंग ऐप का इस्तेमाल करके बैंक के ऑटोमेटिक कॉल रेस्पॉन्स सिस्टम से कार्ड होल्डर के बैंक अकाउंट का बैलेंस जान लेते थे. इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की ओटीपी नहीं जनरेट होती है. इसलिए इस गतिविधि का पता वास्तविक ग्राहक को नहीं चल पाता है. इसके अलावा ग्राहक को एटीएम कार्ड डिलीवरी करते समय ग्राहक से संजय यादव जानबूझकर ग्राहक के आधार कार्ड की डिटेल ले लेता था.

कुलदीप के साथ मिलकर संजय यादव ओरिजनल एटीएम कार्ड से चिप बदल लेता था. इस एटीएम कार्ड के लिए जरूरी पिन कोड पाने करने के लिए बैंक के इट्रेक्टिव वॉयर रेस्पांस सिस्टम में कॉल स्पूफिंग ऐप का प्रयोग करके, एटीएम कार्ड का नम्बर, एक्सपायरी डेट, आधार नम्बर जन्म तिथि बताते हुए  हुए एटीएम कार्ड का पिन कोड भी हासिल कर लेता था. पुलिस ने गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है. आरोपियों से पूछताछ जारी है.

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