बिहार के खगाड़िया जिले से बाल विवाह का एक संगीन मामला सामने आया है. जहां मां-बाप ने चंद रुपये के लालच में अपनी सात साल की बेटी की शादी एक 45 साल के विधुर से करा दी. यह मामला तीन महीने पुराना है. हालांकि इस मामले में इतने दिनों के बाद भी तीनों आरोपी फरार हैं. जबकि मां-बाप को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
दरअसल बच्ची को इसी साल 11 मार्च को शिवरात्रि का मेला दिखाने के बहाने कन्हैयाचक ठाकुरबाड़ी ले जाया गया. जंहा रात के अंधेरे में गुप-चुप तरीके से 7 साल की बच्ची की शादी 45 साल के सुशील के साथ करा दी गयी.
बताया जाता है कि शादी के दौरान बच्ची रोती-बिलखती थी. इसके बावजूद मां-बाप ने अपनी मौजूदगी में मासूम बच्ची की शादी करा दी. बताया जाता है कि सुशील की यह दूसरी शादी थी. पहली पत्नी की मौत एक हादसे में हो गयी. इनसब के बीच स्थानीय लोगों ने फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करके कड़ी सजा दिलवाने का मांग की है.
हालांकि पुलिस का दावा है कि बांकी बचे तीन आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर उनका प्रयास जारी है. जल्द ही दूल्हा भी सलाखों के पीछे होगा.
इस मामले में पुलिस ने बच्ची के माता-पिता और अधेड़ दूल्हा सुशील कुमार मिश्रा समेत 5 के खिलाफ केस दर्ज किया था. मगर दूल्हा समेत तीन आरोपी अब भी फरार हैं. हालांकि पुलिस ने बच्ची को दूल्हे के चंगुल से मुक्त करा लिया है. जबिक बच्ची के माता-पिता को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. यह पूरा मामला खगड़िया जिले के भरखण्ड सहायक थाना इलाके की है.
पुलिस के मुताबिक दूल्हा सुशील कुमार मिश्रा ने बच्ची के पिता को शादी के एवज में प्रलोभन दिया था. जिसके बाद बच्ची के मां-बाप शादी कराने को राजी हो गए.