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लॉकडाउन में दिल्ली में बढ़े 90 फीसदी से ज्यादा साइबर अपराध, आंकड़े चौकाने वाले

पुलिस को मिली शिकायतों में वित्तीय धोखाधड़ी की करीब 50 फीसदी से ज्यादा शिकायतें आई हैं, जबकि ऑनलाइन उत्पीड़न को लेकर 20 फीसदी, और बाकी दूसरे प्रकार की भी 20 फीसदी शिकायतें पुलिस के पास आई हैं

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • पिछले साल की तुलना में भी करीब 49 फीसदी की हुई बढ़ोतरी
  • वित्तीय धोखाधड़ी की करीब 50 फीसदी से ज्यादा शिकायतें प्राप्त

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए देश लॉकडाउन किया गया लेकिन इस दौरान साइबर अपराधियों की चांदी रही. लॉकडाउन के बीच राजधानी में साइबर क्राइम का ग्राफ तेजी बढ़ गया. जहां एक तरफ कोरोना के चलते लोगों ने ऑनलाइन लेन-देन ज्यादा तेजी से की वहीं साइबर बदमाशों ने इसे अपना हथियार बना डाला. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लॉकडाउन के बीच साइबर अपराध को लेकर आने वाली शिकायतों में करीब 90 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है.

साइबर एक्सपर्ट पवन दुग्गल का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस साल ऐसे साइबर अपराध को लेकर आई. शिकायतों में भी करीब 40 फीसदी से ज्यादा इज़ाफ़ा हुआ है. दिल्ली में खासतौर से डेबिट-क्रेडिट कार्ड, ई-वॉलेट से संबंधित, कॉलिंग और फिशिंग के जरिये और इंटरनेट बैंकिंग संबंधित ऑनलाइन धोखाधड़ी की वारदातें बढ़ी हैं.

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पुलिस को मिली शिकायतों में वित्तीय धोखाधड़ी की करीब 50 फीसदी से ज्यादा शिकायतें आई हैं, जबकि ऑनलाइन उत्पीड़न को लेकर 20 फीसदी, और बाकी दूसरे प्रकार की भी 20 फीसदी शिकायतें पुलिस के पास आई हैं. पुलिस को जो शिकायते मिली हैं उनमें 60 फीसदी से ज्यादा शिकायतें ऑनलाइन के ज़रिए ही पुलिस को मिली है.

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लॉकडाउन के दौरान लोगों ने पुलिस के पास जाने के बजाए फोन पर संपर्क कर ईमेल पर ही शिकायत भेजी हैं. पिछले साल की तुलना में इस साल साइबर अपराध के मामलों में करीब 49 फीसदी ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं.

लॉकडाउन से पहले आईं शिकायतें
2020 जनवरी-1260
2020 फरवरी-1849
2020 मार्च( 24 तक)--900
कुल शिकायत— 4009


लॉकडाउन के बाद आई शिकायतें  
25मार्च से 30 अप्रैल तक-3858
2020 मई-3430
2020, 15 जून -804

ऐसे में दिल्ली पुलिस का साफ तौर पर यही कहना है कि किसी भी संदिग्ध ई-मेल को खोलने से बचें और सोशल मैसेजिंग ऐप सहित अन्य दूसरे ऑनलाइन माध्यमों से आने वाली सूचनाएं और लिंक को बिना जांच-पड़ताल के नहीं खालें. सोशल मीडिया और बैंकिंग गतिविधियों के लिए मजबूत पासवर्ड और बहुस्तरीय विकल्प का उपयोग करें. किसी भी अनजान से व्यक्तिगत डिटेल साझा न करें. साथ ही साथ उन तमाम नियमों का पालन करें जिससे वो इन साइबर अपराधियों की जालसाजी से बच सकें.

 

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