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पायरेसी रैकेट बॉस IPTV का भंडाफोड़, भारतीय प्रीमियम कंटेंट की अवैध स्ट्रीमिंग करने वाले गिरफ्तार

हाल ही में फरीदाबाद में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कथित रूप से फेस मास्क और पीपीई किट बनाने वाली कंपनी रिसले प्रा.लि. विभिन्न भारतीय और अंतरराष्ट्रीय प्रसारकों के सिग्नल से अवैध रूप से चुरा रही है.

भारतीय कंटेंट की अवैध स्ट्रीमिंग करने वाले 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है भारतीय कंटेंट की अवैध स्ट्रीमिंग करने वाले 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है

फरीदाबाद के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की टीम ने एक ऐसे बड़े पायरेसी रैकेट बॉस IPTV का भंडाफोड़ किया है, जो दुनियाभर में भारतीय प्रीमियम कंटेंट की अवैध स्ट्रीमिंग करता था. इस संबंध में पुलिस ने आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार भी किया है. इस मामले में साइबर क्राइम सेल को विभिन्न भारतीय और अंतरराष्ट्रीय प्रसारकों के सिग्नल चुराने की शिकायत मिली थी. 

जानकारी के मुताबिक हाल ही में फरीदाबाद में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कथित रूप से फेस मास्क और पीपीई किट बनाने वाली कंपनी रिसले प्रा.लि. (Rhysley Private Limited) विभिन्न भारतीय और अंतरराष्ट्रीय प्रसारकों के सिग्नल चुरा रही है. साथ ही बॉक्स सेलिंग, टेक सपोर्ट और एक्टिवेशन बॉक्स जैसे बैकएंड ऑपरेशन का संचालन भी कर रही है, जिसकी वजह से पूरी इंडस्ट्री को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंच रहा है. 

आरोपियों ने लगभग 70 से 80% प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इस वारदात को अंजाम दिया. भारतीय प्रसारकों को कोई शुल्क दिए बिना 400 से अधिक भारतीय और कई अंतरराष्ट्रीय चैनलों को इन क्षेत्रों में अवैध रूप से स्ट्रीम किया गया. अगर दुनियाभर में ऐसा करने वाले प्रमुख आरोपी बंद हो जाते हैं, तो उद्योग के लिए लगभग 113 मिलियन अमरीकी डॉलर का बाजार उपलब्ध होगा. विदेश में रहने वालों के लिए दक्षिण एशिया के लीडिंग ओवर-द-टॉप (ओटीटी) ऑडियो-विजुअल कंटेंट प्रोवाइडर में से एक यप्प टीवी ने रिसले प्रा.लि. का भंडाफोड़ हो जाना पूरे उद्योग के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है. 

स्टार, कलर्स सहित प्रमुख निजी ब्रॉडकास्टर रिसले प्रा.लि. के तहत या साथ काम कर रहे पाइरेट कार्टेल बॉस आईपीटीवी के खिलाफ हैं, जो दुनिया भर में बॉस आईपीटीवी सर्विसेस बेचकर सभी टॉप ब्रॉडकास्टर नेटवर्क्स के भारतीय प्रीमियम कंटेंट की अवैध रूप से स्ट्रीमिंग कर रहा है. बॉस आईपीटीवी जैसे पाइरेट्स हमारे वैध घरेलू या इंटरनेशनल सिग्नल्स को रोकते हैं और अवैध रूप से उन सिग्नल्स को पूरी दुनिया में प्रसारित करते हैं. 

नतीजतन, वैध लाइसेंसधारी, अधिकार धारक जैसे कि यप्प टीवी जो ब्रॉडकास्टरों के कार्यक्रम को प्रसारित करने के लिए अधिकृत हैं, वो इन अपराधों के कारण भारी नुकसान उठाते हैं. और दुख की बात यह है कि इसका संचालन/अपलिंक भारत से हो रहा है. ऐसे में ये चैनलों के ग्राहकों के लिए, और उनके पर्सनल डेटा के लिए गंभीर खतरा बनते हैं क्योंकि ये उनके क्रेडिट कार्ड और डेटाबेस को आसानी से हैक कर सकते हैं. इसके अलावा, चूंकि ऐसी कंपनियां अवैध हैं, इसलिए वे कंज्यूमर डेटा का दुरुपयोग भी कर सकते हैं.

बॉस आईपीटीवी, टशन आईपीटीवी, वोइस (Vois) आईपीटीवी, पंजाबी आईपीटीवी, इंडियन आईपीटीवी, ब्राम्पटन (Brampton) आईपीटीवी, बॉस एंटरटेनमेंट, और गुरु आईपीटीवी जैसे पाइरेट्स ग्रुप का हिस्सा है, जो एक ही चैट प्रोवाइडर, होस्टिंग प्रोवाइडर और आईपी एड्रेस का उपयोग करते हैं और अवैध रूप से ब्रॉडकास्टर के सिग्नल्स को दुनियाभर में स्ट्रीम करते हैं. यह कंपनी हरप्रीत रंधावा के नाम से रजिस्टर्ड है, जिसके नाम पर कई कंपनियां रजिस्टर्ड है, जैसे कि सर्वर सेंटर, चकदे टीवी, वोइस (VOIS), टिप्सी टाइम, टशन आईपीटीवी, 2144644 अलबर्टा लिमिटेड और रिसले काउचर प्रा.लि., जिसका नाम बदलकर रिसले प्राइवेट लिमिटेड रखा गया. 

थाने में दर्ज शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस ने फरीदाबाद में रिसले इंडिया मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और रिसले इंडिया सेल्स ऑफिस सहित कई स्थानों पर छापे मारे. इस दौरान मैन्युफैक्चरिंग सेट यूनिट में अवैध सेट टॉप बॉक्स और प्रीमियम भारतीय चैनलों की अवैध बिक्री से संबंधित ईमेल संचार वाले सिस्टम पाए गए, जबकि सेलर और ग्राउंड फ्लोर पर 20+ सीटर ऑफिस मिला, जहां विशेष रूप से सेल्स, सपोर्ट और उपरोक्त अवैध आईपीटीवी सेट टॉप बॉक्स के लिए एनओसी भी बरामद हुई है.  

छापे के दौरान दोनों स्थानों से फोरेंसिक जांच के लिए 10 से अधिक सिस्टम (लैपटॉप / डेस्कटॉप) जब्त किए गए हैं. मुख्य आरोपी के बिजनेस पार्टनर और कुछ प्रमुख कर्मचारियों सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया गया और वे अभी पुलिस हिरासत में हैं. इस मामले की जांच अभी भी शुरुआती दौर में है. इसके बाद भी बीती 10 मार्च को एक एफआईआर दर्ज की गई है. अब आरोपियों ने फरीदाबाद कोर्ट के समक्ष जमानत याचिका दायर की है. न्यायाधीश किम्मी सिंगला की कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रखा. 

बाद में इस पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी. 11 मार्च 2021 को गिरफ्तार किए गए सभी 6 लोगों की पहचान कर ली गई है, जिनमें सुमित शर्मा, हरमिंदर सिंह संधू, गणेश नायर, अनिल कुमार पाल, वीरेंद्र कुमार और देवव्रत राय शामिल हैं.

जांच में पता चला कि बॉस आईपीटीवी ने जिन अवैध सेट टॉप बॉक्स का इस्तेमाल किया है, उनमें डेटाकेम्प जैसे सीडीएन प्रोवाइडर, GoDaddy.com, प्रॉक्सी, एलएलसी, ऑलस्ट्रीमकॉर्प (AllstreamCorp), कनाडा और infomir.eu के रूप में विभिन्न वेंडर्स का इस्तेमाल होता है. बॉस आईपीटीवी के इन विक्रेताओं के लिंक की जांच और ऐसी चोरी का समर्थन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है. जानकारों के मुताबिक इस तरह के पाइरेट्स, इस उद्योग के लिए खतरा हैं. इनका खत्म होना ज़रूरी है. 

 

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