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सावधान! चीनी ऐप्स से कहीं इस्टेंट लोन तो नहीं लिया, साबित हो रहे जानलेवा

भारत में चीन के 250 से ज्यादा ऐप को नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा मानकर पिछले एक साल में बैन किया गया. लेकिन आज आपको चीन और चीन के आइडिया पर चलने वाले उन मोबाइल ऐप्स पर बैन लगाने की दस्तक देनी है, जो भारत के नागरिकों के सम्मान, और जीवन दोनों से खेल रहे हैं.

चीनी ऐप्स वालों से परेशान होकर कर्ज लेने वाला जान दे दे रहा है (फाइल फोटो) चीनी ऐप्स वालों से परेशान होकर कर्ज लेने वाला जान दे दे रहा है (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चीन के 250 से ज्यादा ऐप भारत में बैन
  • चंद मिनट में छोटा लोन मुहैया कराते हैं
  • समय से नहीं भरने पर करते हैं ब्लैकमेल

कर्ज एक बोझ होता है. फिर चाहे वो दो हजार का हो या दो हजार करोड़ का. कर्जदार डरता है, कहीं कर्ज देने वाला सबके सामने पैसा ना मांग ले. बस हिंदुस्तानी नागरिक के इसी डर को हथियार बनाकर 5 मिनट में लोन देने वाले चीन के एप जिंदगी पर भारी पड़ रहे हैं.  
 
क्या आप भरोसा करेंगे कि दक्षिण भारत में एक गांव में बेटी के रोने के पीछे वजह चीन के कुछ लोग और चीन के ऐप हैं. लेकिन क्यों और कैसे? अब दूसरी तस्वीर देखिए. पिता अपनी बहू को संभाल रहे हैं. क्योंकि बेटे ने जान दे दी. पूरा परिवार बिखर गया. लेकिन क्या आप भरोसा करेंगे देश में एक परिवार के महीने के मोबाइल फोन-इंटरनेट बिल जितना कर्ज लेने पर कुछ नागरिकों को जान देनी पड़ रही है? हैदराबाद की एसपी शिखा गोयल ने बताया कि हमने इस मामले में विदेशी पकड़े हैं वो चाइनीज हैं, चीन से हैं.

अब तक देश में हैदराबाद से लेकर गुरुग्राम तक छापेमारी करने के बाद तेलंगाना पुलिस ने ऐसे लोगों की गिरफ्तारी की है. इनके पीछे दिमाग चीन के नागरिकों का मिल रहा है. 27 साल का Zhu Wei उर्फ लैम्बो उन्हीं में से एक है जिसे भारत छोड़ चीन भागने के दौरान दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा गया था.

हैदराबाद की एसपी शिखा गोयल ने बताया कि चार कंपनियां 30 लोन ऐप चला रही हैं. एक्शन के दौरान दस बैंक अकाउंट और 80 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए. इनवेस्टिगेशन में 1.5 करोड़ ट्रांजेक्शन को लेकर तफ्तीश चल रही है. 

चीनी ऐप से कर्ज का 'मृत्य जाल'! 

शिखा गोयल बताती हैं कि इस लोन ऐप में है कि जब आप गूगल प्ले स्टोर पर एप डाउनलोड करते हैं, कॉन्टेक्ट डिटेल, पर्सनल डिटेल शेयर करना होता है. इस ऐप के जरिये आप 2 से 10 हजार ले सकते हैं. 7 से 15 दिन में रीपेंमेंट साइकिल शुरू होता है, कोई गारंटी नहीं देनी पड़ती है, छोटा लोन लेते हैं. 

चंद मिनट में लोन देंगे. 2000 से 1000 का छोटा कर्ज बांटेंगे. कोई इनकम प्रूफ नहीं मांगेंगे. छोटी समयसीमा का कर्ज तुरंत खाते में डालेंगे. समय पर नहीं भरा तो कई गुना पेनाल्टी डालेंगे. कर्ज भरने के लिए दूसरे एप से आप लोन लेंगे. किस्त नहीं दी तो लोन लेने वाले की फोटो सार्वजनिक करेंगे. आपकी कॉन्टेक्ट लिस्ट में कर्जदार को बदनाम करेंगे. परेशान होकर कर्ज लेने वाला जान दे दे रहा है. 
 
तेलंगाना से लेकर मध्य प्रदेश तक, बिहार से पश्चिम बंगाल तक. देश में अब तक 15 से ज्यादा मामले ऐसे सामने आ चुके हैं. जहां इस्टेंट लोन देने वाले चाइनीज एप के कारण आम लोगों को जान गंवानी पड़ी है. इस सिलसिले को तुरंत रोकने के लिए दस्तक देनी जरूरी है. इसलिए आपको सतर्क, जागरूक और सरकारी एजेंसियों को आगाह करने वाली ये रिपोर्ट हमने तैयार की है. 

जान गंवाने वाले 36 साल के मोहन का कहना था कि उन्होंने सिर्फ 10 हजार रुपये का कर्ज अचानक कुछ जरूरत पड़ने पर एक इस्टेंट लोन ऐप यानी तुरंत कर्ज देने वाले चीनी ऐप के जरिये लिया. लेकिन फिर उस कर्ज को चुकाने के नाम पर चीनी कंपनी के मृत्यु जाल में उलझकर फांसी लगाने को मजबूर कर दिया गया.  

इन ऐप से रहें सावधान

अब तक की तफ्तीश में पुलिस के मुताबिक कैश मामा, लोन जोन, धनाधन लोन, कैश अप, कैश बस, मेरा लोन, जैसे 50 से ज्यादा चाइनीज एप कर्ज के नाम पर बहुत बड़ी मुसीबत बांट रहे हैं. 

ऐसे ही एक चाइनीज ऐप से मोहन ने कर्ज लिया. ऐप स्टोर से डाउनलोड होने वाले ये ज्यादातर चाइनीज ऐप चंद मिनट की प्रक्रिया के बाद तुरंत 1.5 हजार से 50 हजार तक का लोन देते हैं. कर्ज भरने की मियाद 7 दिन से कुछ महीनों के भीतर तक की होती है. लेकिन ये ऐप दिन के हिसाब से कई गुना ब्याज वसूलकर किसी की जरूरत का फायदा गैरकानूनी तरीके से उठा रहे हैं. ऐसे ऐप एक दिन किश्त ना चुकाने पर 3000 रुपये तक की पेनल्टी लगा रहे हैं. 

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जैसे मोहन तय वक्त पर किस्त नहीं भर पाए तो सोचिए उनके साथ क्या कुछ किया गया कि उन्हें जान देनी पड़ी. ये सच अब आप सुनिए हैदराबाद पुलिस की एसीपी शिखा गोयल से. उन्होंने बताया कि जब आप पेमेंट नहीं करते हैं, कॉल सेंटर हैदराबाद, गुरुग्राम से, 2000 कर्मचारी करते हैं. टेलीकॉलर फोन करना शुरू करते हैं. डिफॉल्ट करते हैं तो परेशान करते हैं, गाली देते हैं, बदनाम करते हैं. इससे तनाव परेशानी जिसने लोन लिया उसे दी जाती है. 
 
आप सोचेंगे कि अगर तेलंगाना में इस बेटी को चाइनीज ऐप से 5 मिनट में कर्ज मिल जाने के बाद अपनी जान गंवानी पड़ी तो ऐसे कैसे बदनाम करने की धमकी दी गई होगी? ये बात समझने से पहले जान लीजिए.  

1.5 करोड़ से ज्यादा का ट्रांजेक्शन

हैदराबाद पुलिस के अब तक की छानबीन के मुताबिक चाइनीज ऐप से इस्टेंट लोन लेने वाला ये गोरखधंधा 21,000 करोड़ रुपये का पाया जा चुका है. 1.5 करोड़ से ज्यादा का ट्रांजेक्शन मिल चुका है. यानी डर है कि कुछ और लोगों को कर्ज की किश्त ना भर पाने पर बदनाम करने की धमकी देकर ये डिजिटल कातिल लालची साहूकार जिंदगी और मौत के बीच झूलने के लिए मजबूर कर रहे होंगे. 

 लॉकडाउन में बढ़े ऐसे ऐप

एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 45 फीसदी आबादी महीने में 10,000 से कम कमाती है. एक बड़ी आबादी सरकारी योजनाओं से दूर है. लोग छोटे कर्ज बैंक से लेने से बचते हैं. लॉकडाउन में रोज कमाने वालों पर बड़ा असर पड़ा है. लॉकडाउन के वक्त ही इस्टेंट लोन वाले ऐप बढ़े. अभी 60%-70% इस्टेंट लोन ऐप चाइनीज हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक देश में इस्टेंट लोन देने वाले ऐप में अभी 60 से 70 फीसदी चाइनीज हैं.

(हैदराबाद से आशीष पाण्डेय के इनपुट के साथ)


 

 

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