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मुंबई हमले के मास्टरमाइंड लखवी को हर महीने खर्च के लिए मिलेंगे डेढ लाख रुपये

पाकिस्तानी सरकार ने लखवी के लिए मासिक भुगतान पर विचार करने के लिए अनुरोध किया था जिससे खाना (50,000 रुपये), दवाइयों (45,000 रुपये), पब्लिक यूटिलिटी चार्जेज (20,000 रुपये), वकील की फीस (20,000 रुपये) और कहीं आने-जाने (15,000 रुपये) से संबंधित अपने खर्चों को वहन कर सके.

जकीउर रहमान लखवी को खर्च के लिए मिलेंगे 1.5 लाख रुपये (फाइल) जकीउर रहमान लखवी को खर्च के लिए मिलेंगे 1.5 लाख रुपये (फाइल)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • UNSC की 1267 प्रतिबंध समिति की आम सहमति से मंजूरी
  • लखवी को खाना और दवाइयों के लिए मिलेंगे 95,000 पाक रुपये
  • जरूरी खर्च की अनुमति देने को पाक सरकार ने लगाई थी गुहार

नई दिल्ली के लिए यह चिंता का सबब हो सकता है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 1267 प्रतिबंध समिति ने मुंबई आतंकी हमले के  मास्टरमाइंड में से एक और संगठन लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेशन्स प्रमुख जकीउर रहमान लखवी को हर महीने 1.5 लाख रुपये (पाकिस्तानी रुपये) जरूरी खर्च के लिए देने की अनुमति दे दी है.

आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध होने के बाद लखवी की संपत्ति और बैंक खाते सीज कर दिए गए थे. सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी सरकार ने उसके खाते में मासिक भुगतान किए जाने को लेकर विचार करने के लिए अनुरोध किया था जिससे खाना (50,000 रुपये), दवाइयों (45,000 रुपये), पब्लिक यूटिलिटी चार्जेज (20,000 रुपये), वकील की फीस (20,000 रुपये) और कहीं आने-जाने (15,000 रुपये) से संबंधित अपने खर्चों को वहन कर सके. पाकिस्तान सरकार के इस अनुरोध को यूएनएससी 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति द्वारा सहमति दे दी गई है. यह खर्च पाकिस्तान सरकार की ओर से दिया जाएगा.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने लश्कर-ए-तैयबा के नेता जकीउर रहमान लखवी और पाकिस्तानी परमाणु इंजीनियर महमूद सुल्तान बशीरुद्दीन जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र से सूचीबद्ध ईकाई उम्माह तमीर-ए-नौ के संस्थापक और निदेशक के तौर पर काम किया, को जरुरी खर्च के लिए अपनी सहमति दे दी है. महमूद सुल्तान को नवाज शरीफ की सरकार ने सितार-ए-इम्तियाज (पाकिस्तान में तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान) से सम्मानित भी किया था.

बशीरुद्दीन अभी पाकिस्तान में स्वतंत्र रूप से रहते हैं, जबकि लखवी जमानत पर बाहर है. ऐसी खबरें आई थीं कि पाकिस्तानी जेल में कैद रहने के दौरान उसे सभी तरह की सुविधाएं मिलती थी और बाहर से आए लोगों के साथ बैठकें किया करता था. लखवी 2015 से जमानत पर रिहा है.

किसी ने विरोध नहीं किया

एक अधिकारी के अनुसार, यूएनएससी के नियमों के अनुसार, इस तरह के अनुरोधों पर अनुमति तब तक दी जाती है जब सभी 15 सदस्य इस पर आपत्ति न करें. प्रक्रिया के अनुसार, एक राज्य 1267 यूएनएससी समिति के साथ एक अनुरोध करता है, और फिर यदि सभी 15 सदस्यों की ओर से अगले तीन दिनों के भीतर कोई आपत्ति नहीं दर्ज कराई जाती तो यह अनुमति मिल जाती है. चूंकि सभी राज्यों को आपत्ति करनी होती है, एक या दो आपत्तियों से फर्क नहीं पड़ता.

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साथ ही, अधिकारी ने बताया कि 'जरूरी खर्चों' के ऐसे मामलों में आमतौर पर UNSC समिति के सदस्य तब तक आपत्ति नहीं करते हैं जब तक कि राशि 'अनुपातहीन' ज्यादा न हो. 

यह पहली बार नहीं है जब यूएनएससी द्वारा नामित व्यक्तियों के लिए इस तरह के अनुरोध को मंजूरी दी गई है. अगस्त 2016 में इसी प्रावधान के तहत हाफिज सईद को 'जरुरी खर्च' की भी अनुमति दी गई थी.

हालांकि लखवी के मामले में कोई यह तर्क दे सकता है कि 1.5 लाख पाकिस्तानी रुपये (6,500 USD लगभग) एक ऐसे देश के लिए पर्याप्त राशि है जहां औसत आय इससे बहुत कम है.

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