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एकतरफा प्यार बना JNU कांड की वजह

जेएनयू कांड के पीछे एकतरफा प्यार था. आकाश ने जिस लड़की पर कुल्हाड़ी से हमला किया था, उससे प्यार करता था और शादी करना चाहता था. लेकिन लड़की उसे बस अपना अच्छा दोस्त मानती थी. दो अलग-अलग सोच के साथ रिश्ते की गाड़ी इसी तरह आगे बढ़ी. आकाश ने लड़की को प्रपोज कर डाला और जब लड़की ने उससे दूरी बनानी चाही तो उसके ऊपर कुल्हाड़ी से हमला कर खुद मौत को गले लगा लिया.

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जेएनयू कांड के पीछे एकतरफा प्यार था. आकाश ने जिस लड़की पर कुल्हाड़ी से हमला किया था, उससे प्यार करता था और शादी करना चाहता था. लेकिन लड़की उसे बस अपना अच्छा दोस्त मानती थी. दो अलग-अलग सोच के साथ रिश्ते की गाड़ी इसी तरह आगे बढ़ी. आकाश ने लड़की को प्रपोज कर डाला और जब लड़की ने उससे दूरी बनानी चाही तो उसके ऊपर कुल्हाड़ी से हमला कर खुद मौत को गले लगा लिया.

जेएनयू में बुधवार को जो कुछ हुआ वो दरअसल एकतरफा प्यार की सनक का नतीजा था. आकाश का जो खत मिला है, उसके मुताबिक, 'जिस दिन हमने एडमिशन लिया था, उसी दिन हम दोस्त बन गए. मैंने उसके लिए सबकुछ किया, लेकिन मुझे लगता है कि उसने मेरा इस्तेमाल किया और मुझे धोखा दिया.'

हालांकि लड़की के भाई ने कहा, 'आकाश से मेरी बहन का कोई रिश्ता नहीं था. हां, आकाश ने कई बार उसे प्रपोज जरूर किया था. पर मेरी बहन ने मना कर दिया था.' आकाश ने खत में और भी काफी कुछ लिखा है. आकाश ने लिखा, 'वो मेरा मजाक बनाती थी. उसके मेरे बीच में बहुत कुछ था, इसी वजह से हम काफी अच्छे दोस्त थे. ये बात हमारे दोस्तों को भी पता है, लेकिन आज हम दोनों के बीच में उसकी ईगो आ गई थी. वो इस बात को अनदेखा करने लगी थी कि हम दो साल से एक दूसरे को जानते हैं. क्लास में हम एक साथ रहते थे, क्लास के बाद हम नोट्स एक दूसरे को देते थे. वो खाना मेरे साथ खाती थी. वो मेरे लिए बहुत कुछ थी.'

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वहीं लड़की के भाई ने कहा, 'दोनों एक ही क्लास में थे. एक ही राज्य से आए थे. इसलिए जान-पहचान और दोस्ती थी. दोनों बातें भी करते थे. पर एक दोस्त की तरह. हां, जब आकाश ने मेरी बहन को प्रपोज करना शुरू कर दिया तब मेरी बहन ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी थी.'

आकाश के खत के मुताबिक, 'मैं ये बताना नहीं चाहता कि उसके मेरे बीच में ऐसा क्या हुआ, लेकिन वो अचानक बदल गई. वो मुझसे अपसेट रहने लगी थी और वो मुझे नजरअंदाज करने लगी थी. मैं तब से ज्यादा अपसेट रहने लगा, जब से उसने मेरा मजाक बनाना शुरू किया. उसके अजीब और इकतरफा फैसले के कारण मैं ये बहुत बड़ा कदम उठाने जा रहा हूं.'

लड़की के भाई ने कहा, 'मेरी बहन आकाश को बस एक दोस्त भर मानती थी. चूंकि दोनों साथ पढ़ते थे. तब क्लास के बाकी स्टूडेंट्स की तरह ही वो उससे बातें करती थी. नोट्स भी एक्सचेंज करती थी. मेरी बहन पढ़ने में शुरू से ब्रिलियंट है. वो हमेशा क्लास में सेकेंड या थर्ड पोजिशन लाती है. मगर जब आकाश ने उसे प्रपोज किया तो उसने आकाश से दूरी बना ली. उससे बात करनी बंद कर दी.'

एक तरफ है आकाश का सुसाइड नोट और दूसरी तरफ है उस लड़की के भाई के बयान. आकाश ये लिख कर मर गया कि वो लड़की के एकतरफा फैसले की वजह से ये कदम उठा रहा है. तो दूसरी तरफ लड़की के भाई के बयान के हिसाब से आकाश एकतरफा प्यार में पड़ा था. तो क्या जेएनयू में हुए इस जानलेवा हमले की वजह एकतरफा प्यार बना? क्या ये दहला देने वाली वारदात एक नाकाम आशिक के गुस्से का अंजाम था? या फिर कहानी कुछ और है?

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क्या है पूरे वारदात के पीछे का सच?
कहते हैं जब दिल टूटता है तो आवाज नहीं होती, आकाश का दिल भी टूटा था. ना सिर्फ टूटा था, बल्कि उसे ये लगने लगा था कि वो लड़की उसके दिल के साथ धोखे का खेल खेल रही है. और यही इस खूनी खेल की सबसे बड़ी वजह बन गई. लड़की के दिल की बात जाने बिना आकाश उससे एकतरफा प्यार कर बैठा, और फिर उसी एकतरफा प्यार को पाने के लिए उसने उसी प्यार पर हमला भी कर दिया. मगर इससे पहले उसने चार पन्ने का एक नोट भी लिखा. जिसमें वो सारी बातें बता गया.

आकाश के आखिरी माने जाने वाले 4 पन्नों के खत में एक लड़के और एक लड़की के बीच रिश्ते का तानाबाना दिखाई दे रहा है लेकिन यहां गौर करने वाली सबसे अहम बात ये भी है कि यहां पक्ष एकतरफा यानी सिर्फ आकाश का है. आकाश ने बेशक अपनी ही क्लास में पढ़ने वाली अपनी क्लासमेट के साथ अपने संबंधों को इस खत के जरिए बेपर्दा करने की कोशिश की है, लेकिन सवाल बरकरार है कि क्या अगर किसी का दिल टूटता भी है तो खुद के साथ किसी और की जिंदगी के साथ इतना खतरनाक खिलवाड़ वाजिब है.

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फेसबुक पर भी दिखा था आकाश का दर्द...
'रिश्तों की डोरी तब कमजोर होती है, जब इंसान गलतफहमी में पैदा होनेवाले सवालों का जवाब खुद ही बना लेता है...' ऐसी वजनदार बातें सोशल नेटवर्किंग साइट पर अक्सर दिखती हैं, लेकिन इन बातों के पीछे टूटते दिल की आहट भला कौन सुनता है? लेकिन आकाश के इस फेसबुक स्टेटस पर उसके दोस्तों को ये आहट सुनाई दे गई थी, लेकिन वो चाह कर भी होनी को टाल नहीं सके.

जेएनयू कैंपस में दसियों लोगों के बीच कुल्हाड़ी से अपनी दोस्त पर जानलेवा हमला करने वाले आकाश गुप्ता ने 14 मई को अपने फेसबुक पर 'रिश्तों की डोरी तब कमजोर होती है, जब इंसान गलतफहमी में पैदा होनेवाले सवालों का जवाब खुद ही बना लेता है...' यही स्टेटस अपडेट किया था. तब उसके दोस्तों को इस बात का एहसास तो हो चुका था कि उसके साथ उसकी दोस्त की दूरियां लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन तब भी किसी ने दूर-दूर तक ये नहीं सोचा था कि एक रोज आकाश वो सबकुछ कर जाएगा, जिसके बाद कहने-सुनने के लिए कुछ बचेगा ही नहीं.

करीबी दोस्तों ने तब आकाश को इस हालत से निकलने के लिए समझाने की भी कोशिश की थी, लेकिन आकाश नहीं समझा, और फिर मंगलवार रात या बुधवार की सुबह उसने चार पन्नों में वो सुसाइड नोट लिखा, जिसके बाद उसने अपने इस रिश्ते के साथ-साथ जिंदगी भी खत्म करने का फैसला कर लिया.

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