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Sulli Deal: TRAD ग्रुप पर रची गई थी मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ साजिश, क्रिएटर ओंकारेश्वर ठाकुर ने उगले राज

What is TRAD group: प्रारंभिक जांच में आरोपी ओंकारेश्वर ठाकुर ने कबूल किया है कि वह ट्विटर पर एक ट्रैड ग्रुप का हिस्सा था, जहां एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जाता था और बदनाम किया जाता था.

स्टोरी हाइलाइट्स
  • मामला दर्ज होने के 7 महीने बाद गिरफ्तार हुआ आरोपी
  • पुलिस ने कहा- मामले की जांच जारी है

दिल्ली पुलिस के आईएफएसओ (IFSO) यूनिट ने अब Sulli Deal केस में मध्य प्रदेश के इंदौर से आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी ओंकारेश्वर ठाकुर ही इसका मेन क्रिएटर है.

ओंकारेश्वर BCA का स्टूडेंट है. आरोप है कि BCA का ये छात्र ही सुल्ली डील ऐप का मेन क्रिएटर है. बता दें के BCA के स्टूडेंट ओंकारेश्वर ठाकुर ने पिछले साल जुलाई में Sulli deal तैयार किया था. इसमें मुस्लिम महिलाओं को टारगेट किया जा रहा था.

आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि सुल्ली डील केस में उसके अलावा दूसरे लोग भी शामिल थे. जिन्होंने इसमें छोटी-छोटी भूमिकाएं निभाई थीं. पुलिस ने बताया कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी गिरफ्तारी हो सकती हैं.

Bulli deals के मास्टरमाइंड से संपर्क

Bulli deals ऐप के मास्टरमाइंड बताए जा रहे नीरज बिश्नोई ने जांच के दौरान जानकारी दी कि वह ओंकारेश्वर ठाकुर के संपर्क में है. इसके बाद आईएफएसओ यूनिट ने मामला दर्ज होने के करीब सात महीने बाद ओंकारेश्वर को गिरफ्तार किया. प्रारंभिक जांच में आरोपी ओंकारेश्वर ठाकुर ने कबूल किया है कि वह ट्विटर पर एक ट्रैड ग्रुप (TRAD group) का हिस्सा था, जहां एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जाता था और बदनाम किया जाता था. आरोपी जनवरी 2020 में ट्विटर हैंडल @gangescion का इस्तेमाल कर ट्रैड ग्रुप में शामिल हुआ था.

ट्रैड ग्रुप क्या है?

ट्रैडनलिस्ट लोगों के लिए ट्विटर पर ट्रैड शब्द का इस्तेमाल किया जाता है, जो किसी निश्चित विचारधारा को शुद्ध रूप से दिखाते हैं.. हाल ही में बुल्ली बाई और सुल्ली डील के संदर्भ में ये शब्द लोकप्रिय हुआ है. सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखने वाली दिल्ली पुलिस की साइबर यूनिट के सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान उन्होंने जिन ट्रैड अकाउंट की निगरानी की है, उनमें से कुछ ऑनलाइन उत्पीड़न और अभद्र भाषा में लिप्त पाए गए हैं.

ट्रैड ग्रुप के जरिए महिलाओं को "बदनाम" करने के निर्देश

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, ट्रैड ग्रुप, हिंदुमहासभा का इस्तेमाल एक विशेष समुदाय के प्रति अभद्र भाषा को बढ़ावा देने के लिए किया गया था. सुल्ली डील्स ऐप के निर्माता को इस समूह के माध्यम से एक विशेष समुदाय की महिलाओं को बदनाम करने के लिए ऐप बनाने का विचार आया था. 

सुल्ली डील मामले में हंगामे के बाद आरोपी ओंकारेश्वर ने अपने सारे सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट कर दिए थे. डीसीपी आईएफएसओ यूनिट केपीएस मल्होत्रा ​​के नेतृत्व में दोनों मामलों में दिल्ली पुलिस की जांच अभी भी जारी है. 

 

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