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Siddu Moosewala Murder: दिल्ली पुलिस की जांच में खुलासा, कत्ल के लिए 6 नहीं, भेजे गए थे 9 शूटर!

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की अब तक की तफ्तीश में पुलिस बेशक छह शूटरों को ही वारदात में शामिल बता रही हो, लेकिन दिल्ली पुलिस की छानबीन में अब एक नई जानकारी निकल कर सामने आई है. वो जानकारी है सिद्धू मूसेवाला के कत्ल में छह नहीं बल्कि नौ शूटर शामिल थे.

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इसी साल 29 मई की शाम पंजाब में सिद्धू मूसेवाला की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी इसी साल 29 मई की शाम पंजाब में सिद्धू मूसेवाला की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी

मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. जैसे-जैसे इस मामले की तफ्तीश आगे बढ़ रही है, वैसे वैसे नए राज खुलकर सामने आ रहे हैं. हाल ही में खुलासा हुआ है कि सिद्धू मूसेवाला के कत्ल के लिए 6 नहीं बल्कि 9 शूटर भेजे जाने थे. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या मूसेवाला पर सभी 9 शूटर हमला करने वाले थे? क्या 3 शूटरों को कवर फायर देने के लिए रखा गया था? अगर ऐसा था तो आखिर ऐन मौके पर गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने 3 शूटर क्यों हटाए थे? 

मूसेावाल की हत्या के लिए 9 शूटर!
दरअसल, मर्डर केस की अब तक की तफ्तीश में पुलिस बेशक छह शूटरों को ही वारदात में शामिल बता रही हो, लेकिन दिल्ली पुलिस की छानबीन में अब एक नई जानकारी निकल कर सामने आई है. वो जानकारी है सिद्धू मूसेवाला के कत्ल में छह नहीं बल्कि नौ शूटर शामिल थे. लेकिन मूसेवाला को बगैर सिक्योरिटी गार्ड्स के घर से बाहर निकलता जानने के बाद बराड ने नौ में से तीन शूटरों को हमलेवाली जगह से हटा लिया था. अब तफ्तीश में ये नई बात सामने आने के बाद जहां दिल्ली पुलिस ने पंजाब पुलिस को इस सिलसिले में नये सिरे से इनपुट शेयर किया है, वहीं अचानक से तीन और शूटर पुलिस की रडार पर आ गए हैं. जिनमें मनदीप सिंह उर्फ तूफ़ान बटाला, मनप्रीत सिंह उर्फ मनी राइया और एक अनजान शूटर शामिल है. जिसका नाम अभी साफ नहीं है.

बढ़ गया पुलिस की जांच का दायरा
अब मूसेवाला मर्डर केस से जुड़ी इस जानकारी के सामने आने के बाद जहां पुलिस की तफ्तीश का दायरा थोड़ा और बडा हो गया है, वहीं एक बात और साफ़ हो गई है कि अब तक पुलिस इस मामले की साजिश को जितनी बड़ी मान कर चल रही थी, साज़िश कहीं उससे भी कहीं ज़्यादा गहरी है. सूत्रों की मानें तो ये तीनों शूटर गोल्डी बराड़ के इशारे पर पहले से ही मूसेवाला की रेकी कर रहे थे. इन्हें गोल्डी ने पंजाब मॉड्यूल के शूटरों के साथ मूसेवाला की हत्या को अंजाम देने का काम सौंपा था. 29 मई को ये भी वहां मनप्रीत मन्नू और जगरूप रूपा के साथ कोरोला में सवार होकर वारदात को अंजाम देने जानेवाले थे, लेकिन वारदात से महज़ 24 घंटे पहले गोल्डी बराड ने अपने प्लान में दो बड़ी तब्दीलियां कर दीं.

चेंज ऑफ प्लान नंबर-1
गोल्डी बराड़ को जैसे ही पता चला कि अब सिद्धू मूसेवाला की सिक्योरिटी पहले के मुकाबले कम कर दी गई है, उसने मूसेवाला को मारने के लिए दो गाड़ियों में 9 लोगों को भेजने की जगह, तीन अलग-अलग गाड़ियों में 9 लोगों को लगाने का फैसला किया. इस प्लान के मुताबिक मनदीप सिंह उर्फ तूफ़ान बटाला और और मनप्रीत सिंह उर्फ़ मनी राइया को उनके तीसरे का साथी के साथ एक तीसरी कार में मौके पर भेजने का फैसला किया गया. इरादा था कि ये पंजाब मॉ्डूयल के दो मेन शूटर मनप्रीत मन्नू और जगरूप रूपा को कवर फायर देंगे. यानी अगर मूसेवाला की तरफ से या फिर उसके सिक्योरिटी गार्ड्स की तरफ से कोई जवाबी हमला किया गया, तो ये अपनी गोलियों से उस हमले का जवाब देंगे और शूटर साथियों की सुरक्षा का ख्याल रखेंगे, साथ ही मूसेवाला को मारने से भी पीछे नहीं हटेंगे और तो और इस काम के लिए गोल्डी बराड ने तूफान बटाला और मनी राइया एंड कंपनी के लिए तीसरी गाड़ी का भी इंतज़ाम कर लिया था.

लेकिन जब मूसेवाला की रेकी में लगे केकड़ा से उसे ऐन वारदात वाले दिन पता चला कि मूसेवाला घर से बगैर किसी सुरक्षा गार्ड के ही बाहर निकल चुका है, तो उसने अपने प्लान में दूसरा बदलाव कर दिया.

चेंज ऑफ प्लान नंबर-2
और ये बदलाव था इन तीन शूटरों को मूसेवाला पर हमले वाली जगह से बिल्कुल अलग करने का. गोल्डी बराड ने ऐन मौके पर कनाडा से बैठे-बैठे ही इन शूटरों से बात की और मनदीप सिंह उर्फ तूफ़ान बटाला और मनप्रीत सिंह उर्फ मनी राइया को अपने तीसरे साथी के साथ मौके से दूर हट जाने को कहा. गोल्डी ने कहा कि चूंकि अब मूसेवाला के साथ कोई सिक्योरिटी ही नहीं है, इसलिए उसे मारने के लिए फिलहाल छह लोग ही काफी हैं.

मौका-ए-वारदात से हटाए गए थे 3 शूटर
असल में ऐसा कर गोल्डी अपने कम से कम शूटरों से इस काम को अंजाम दिलवाना चाहता था. ताकि उसके गैंग और शूटरों पर ख़तरा भी कम से कम हो और यही वजह है कि 29 मई को छह शूटरों ने ही मूसेवाला को टारगेट कर आसानी से उनकी जान ले ली. और बिल्कुल मौका-ए-वारदात के करीब से ऐन मौके पर लौट आए इन तीन शूटरों के बारे में किसी को पता भी नहीं चला. वो तो अगर मूसेवाला मर्डर केस में शामिल बाकी शूटरों की गिरफ्तारी के साथ-साथ पुलिस को गोल्डी बराड से हुई इन शूटरों की बातचीत का पता नहीं चलता, तो शायद ये राज़ भी इतनी आसानी से बाहर नहीं आता.

गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के आदमी थे शूटर
अब तक की तफ्तीश में ये बात सामने आ चुकी है कि गोल्डी बराड को पंजाब के एक दूसरे गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया ने मूसेवाला की हत्या के लिए अपने शूटर दिए थे. इनमें जगरूप रूपा और मनप्रीत मन्नू के साथ-साथ बाकी के ये तीन शूटर भी भगवानपुरिया के ही थे. कहने का मतलब ये कि जिन तीन शूटरों तूफ़ान बटाला, मनी राइया और उनके तीसरे साथी के बारे अब तक किसी को पता नहीं था, जग्गू भगवानपुरिया के इशारे पर वो भी मूसेवाला को मारने पहुंचे थे, लेकिन मूसेवाला के बगैर सिक्योरिटी के घर से बाहर निकल जाने के चलते इन तीन शूटरों की जरूरत ही नहीं पड़ी. 

शूटरों को पॉलिटिकल कनेक्शन
अब इस मर्डर मिस्ट्री में इन तीन नए शूटरों की फुटप्रिंट सामने आने के साथ ही पुलिस को इस केस से जुड़ी एक और नई और चौंकानेवाली जानकारी भी हाथ लगी है. ये जानकारी शूटरों को पॉलिटिकल कनेक्शन की तरफ इशारा करती है. पुलिस सूत्रों की मानें तो वारदात को अंजाम देने से पहले इन तीन में दो शूटर यानी बटाला और राइया शिरोमणि अकाली दल के नेता और मंत्री रहे निर्मल सिंह के भतीजे संदीप काहलों के घर रुके हुए थे. ऐसे में अब संदीप काहलों की भूमिका की भी पुलिस जांच करने में लगी है.

पंजाब में जारी है पुलिस की छापेमारी
इन तीन शूटरों की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस जहां इनकी तलाश में पूरे पंजाब में ताबडतोड छापेमारी कर रही है. तलाशी अभियान चला रही है, वहीं सोशल मीडिया पर एक्टिव ये शूटर भी लगातार पुलिस को चुनौती दे रहे हैं. जग्गू भगवानपुरिया के खासमखास माने जानेवाला मनी राइया ने सोशल मीडिया पर अपने साथी तूफान बटाला समेत कुल चार लोगों को टैग करते हुए एक पोस्ट किया है. ब्लैक टैक शूट में अपनी एक तस्वीर के साथ मनी राइया ने अपनी पोस्ट में पंजाबी में लिखा है- जंग सिर्फ जीतने के लिए ही नहीं लड़ी जाती. कई बार ये बताने के लिए भी लड़ी जाती है कि अभी हम ज़िंदा हैं.

लगातार लोकेशन बदल रहे हैं तीनों शूटर
जाहिर है मनी राइया ने इस पोस्ट के जरिए सीधे-सीधे पुलिस को चुनौती देने का काम किया है. जानकारों की मानें तो वो पुलिस को ललकार रहा है कि पुलिस उसे डरा हुआ ना समझे, वो ज़रूरत पडने पर आगे भी घात कर सकता है. कहने की जरूरत नहीं है कि गैंगस्टर की इस नई पोस्ट ने पुलिस के लिए चुनौती थोड़ी और बड़ी कर दी है. पुलिस सूत्रों की मानें तो मनी राइया, तूफ़ान बटाला और उसके साथी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे हैं. ऐसे में कई मौके ऐसे भी आ चुके हैं, जिसमें ये शूटर पुलिस के बिल्कुल गिरफ्त में आते-आते रह गए. मनी राइया और तूफ़ान बटाला के बारे में कहा जाता है कि ये जुर्म के दूसरे मामलों के साथ-साथ पाकिस्तान से नाजायज़ अस्लहों और डग्स की तस्करी में भी शामिल हैं. 

पुलिस को चकमा दे रहा है तूफान बटाला 
उधर, मनदीप सिंह उर्फ तूफ़ान बटाला ने भी चंद रोज़ पहले एक पोस्ट डाल कर अपने बारे में मीडिया में आई कुछ खबरों को खंडन किया था. असल में तूफ़ान के बारे में भी ये खबर थी कि पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए धरपकड़ तेज़ कर दी है. वो लगातार पुलिस को चकमा देता फिर रहा है. खबरों के मुताबिक राइया के साथ मिलकर वो भी पाकिस्तान से हथियारों और ड्रग्स की तस्करी में शामिल है. लेकिन बटाला ने एक पोस्ट डाल कर इन खबरों से इनकार किया था. उसने मीडिया को हास्यास्पद तरीके से समाज की तीसरी आंख और कान बताते हुए पोस्ट में लिखा कि उसके बारे में डग्स की तस्करी वाली खबरें झूठी हैं. उसने आज तक कभी ये काम नहीं किया है और वो किसी भी कीमत पर किसी मां के बेटे को नशे की अंधी गली में झोंकना नहीं चाहता है. और तो और उसने अपने इस पोस्ट के साथ हैशटैग एवॉयड डग्स और रेस्पेक्ट गर्ल्स जैसी बात भी लिखी थी.

बौखलाहट का नतीजा है गैंगस्टर की सोशल मीडिया पोस्ट
हालांकि पुलिस सूत्रों की मानें तो ये सारे के सारे पोस्ट दरअसल इन गैंगस्टर पर छाये पुलिस को ख़ौफ़ और बौखलाहट की निशानी है और ऐसा करके वो खुद को कानून की जद में आने से बचाने की कोशिश कर रहे हैं. पुलिस का कहना है कि इन दोनों के साथ-साथ मूसेवाला मर्डर केस कई और किरदारों की भी तलाश जारी है, जो जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे. आपको पता होगा कि पंजाब पुलिस ने पहले की नशे के खिलाफ अभियान छेड रखा है, ऊपर से अब एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने भी आजतक के जरिए पंजाब के गैंगस्टर को आख़िरी चेतावनी दे दी है. ऐसे में गैंगस्टरों में पुलिस का खौफ़ लाज़िमी है.

 

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