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पठानकोट हमला: अब सलविंदर का साइकोलॉजिकल टेस्ट होगा

सलविंदर सिंह को गुरुवार को मनोवैज्ञानिकों की एक टीम के सामने पेश किया जाएगा. यह पैनल उनके व्यक्तित्व का वैज्ञानिक आकलन करेगा. इसमें व्यवहार संबंधी विश्लेषण और मनोविश्लेषण शामिल हैं. उनसे पूछताछ कर आतंकियों द्वारा अगवा किए जाने के घटनाक्रम का पता लगाया जाएगा.

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सलविंदर का लाई डिटेक्टर टेस्ट पूरा सलविंदर का लाई डिटेक्टर टेस्ट पूरा

एनआईए ने पठानकोट हमले में संदिग्ध पुलिस अफसर सलविंदर सिंह पर बुधवार को लाई डिटेक्टर टेस्ट पूरा कर लिया. लगातार दो दिनों तक चले इस टेस्ट के बाद अब उनका साइकोलॉजिकल टेस्ट किया किया जाएगा. एनआईए ने लाई डिटेक्टर टेस्ट की जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया है.

सूत्रों के मुताबिक, सलविंदर सिंह को गुरुवार को मनोवैज्ञानिकों की एक टीम के सामने पेश किया जाएगा. यह पैनल उनके व्यक्तित्व का वैज्ञानिक आकलन करेगा. इसमें व्यवहार संबंधी विश्लेषण और मनोविश्लेषण शामिल हैं. उनसे पूछताछ कर आतंकियों द्वारा अगवा किए जाने के घटनाक्रम का पता लगाया जाएगा.

पूछताछ के दौरान घबराए हुए थे सलविंदर
बताते चलें कि गुरदासपुर के एसपी के पद से हटाए जाने के बाद से सलविंदर सिंह 75वीं पंजाब सशस्त्र पुलिस के सहायक कमांडेंट के तौर पर तैनात हैं. लाई डिटेक्टर टेस्ट के दौरान एनआईए ने उनसे वहीं सवाल पूछे, जिनके जवाब वह पहले भी दे चुके हैं. पूछताछ के दौरान वह काफी घबराए हुए थे.

लाई डिटेक्टर टेस्ट में पूछे गए प्रमुख सवाल
- आप शाम को कितने बजे बाबा की मजार के लिए घर से निकले थे?
- घर से निकलते समय आपके साथ कौन-कौन था?
- आप अपने साथ अपने गनर और ड्राइवर को क्यों नहीं लेकर गए?
- आप बाबा की मजार पर कितने बजे पहुंचे थे?
- आप बाबा सोमनाथ की मजार किस रास्ते से होकर गए?
- आपने लखनपुर होते हुए मजार जाने का रास्ता क्यों चुना जबकि ये बहुत लंबा रास्ता है?
- वापस लौटते समय आप लखनपुर के रास्ते ही क्यों नहीं लौटे?
- आप को आतंकवादियों ने जब रोका तब क्या समय हो रहा था?
- आप मजार से कितने बजे निकले थे?
- मजार से निकने के बाद आप दो घंटे तक कहां थे?
- क्या आपके पास आपकी लाइसेंसी पिस्तौल थी?

इसलिए शक के घेरे में है सलिवंदर सिंह
पठानकोट में हुए हमले के बाद से ही सलविंदर सिंह ने शक के घेरे में हैं. वह, उनके दोस्त और कुक के बयानों के बीच विरोधाभास है. सवाल ये भी है कि टैक्सी ड्राइवर की हत्या करने वाले आतंकियों ने उन्हें बिना गंभीर नुकसान पहुंचाए कैसे छोड़ दिया. वह बिना हथियार क्यों निकले थे.

तस्करी से हो सकता है सलविंदर का संबंध
एनआईए ने सलविंदर सिंह के सीडीआर से कई नंबरों की पहचान की है, जो ड्रग तस्करी से जुड़े हुए हैं. हालांकि, सलविंदर इन्हें मुखबिर बता रहे हैं, लेकिन एनआईए इस एंगल से जांच कर रही है कि ये नंबर ड्रग तस्करों के हैं. उस दिन वह वहां तस्करों की घुसपैठ के लिए मौजूद थे.

रिहा होने के बाद खुद को बताया था पीड़ित
इससे पहले एक बयान में सलविंदर ने कहा था कि वह खुद पीड़ित हैं, संदिग्ध नहीं. उनको गंभीर चोटें लगी थीं. पठानकोट के कोलिआं मोड़ पर अचानक आतंकी उनकी गाड़ी में घुस गए. उन्होंने अंदर की लाइट बंद करने के लिए कहा. उन्हें पीछे धकेल दिया. सभी आतंकियों के गन प्वाइंट पर थे.

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