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इस्लामाबाद में घंटों चला सिरफिरे का हंगामा

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के पॉश इलाकों में से एक यानी जिन्ना एवेन्यू में शाम के वक़्त एक अजीब और खौफनाक ड्रामे ने सभी को सकते में डाल दिया. करीब छह बजे तक यहां जिंदगी अपनी रफ्तार पर थी, लेकिन चंद मिनटों के बाद जैसे ही एक काली टोयटा कार को यहां नाके पर पुलिसवालों ने रोकने की कोशिश की, इस ड्रामे की शुरूआत हो गई.

इस्‍लामाबाद में फायरिंग इस्‍लामाबाद में फायरिंग

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के पॉश इलाकों में से एक यानी जिन्ना एवेन्यू में शाम के वक़्त एक अजीब और खौफनाक ड्रामे ने सभी को सकते में डाल दिया. करीब छह बजे तक यहां जिंदगी अपनी रफ्तार पर थी, लेकिन चंद मिनटों के बाद जैसे ही एक काली टोयटा कार को यहां नाके पर पुलिसवालों ने रोकने की कोशिश की, इस ड्रामे की शुरूआत हो गई.

अभी पुलिसवाले कुछ समझ पाते कि तभी कार ये यहां पहुंचा शख्स अपने हाथ में दो ऑटोमेटिक असलहों के साथ बाहर आ गया और पुलिसवालों पर तान कर खड़ा हो गया. पुलिस इस शख्स के तेवर से जितनी हैरान थी, उसके साथ मौजूद लोगों को देख कर उतनी ही परेशान. दरअसल, दो-दो खतरनाक हथियारों के साथ पुलिस को डरानेवाला ये शख्स अकेला नहीं था बल्कि उसके साथ कार में एक महिला और दो बच्चे भी थे.

मंजर रौंगटे खड़े करनेवाला था. लिहाज़ा, पुलिस ने कार से दूरी बनाना ही मुनासिब समझा, लेकिन इसके बाद उसे दूर से ही समझाने-बुझाने की कोशिश शुरू कर दी गई लेकिन अभी पुलिस ज्‍यादा कुछ कर पाती कि इस शख्स ने एक के बाद एक हवा में कई राउंड फायर कर अपने इरादों का अहसास करा दिया.

अब आनन-फानन में तमाम बड़े अफसरों को मौके पर बुलाया गया और फिर बिना किसी बुलेटप्रूफ़ जैकेट या ख़ास तैयारी के पुलिस की उससे बातचीत भी शुरू हो गई. सबसे पहले उसने अपनी बीवी को बातचीत के लिए पुलिसवालों के पास भेजा और फिर ऐसा एक नहीं कई बार और घंटों तक चलता रहा.

ये शख्स कभी पाकिस्तानी फ़ौज के आला अफसरों से बात करने की जिद करता, तो कभी मुल्क में शरिया कानून लागू करने की मांग. इसी बीच में उसने कागज पर भी अपनी बात लिख कर बातचीत के सिलसिले को आगे बढ़ाने की कोशिश की लेकिन इसके बाद अचानक कुछ ऐसा हुआ, जिसे देख कर लोगों की सांसें अटक गई. अभी कुछ हथियारबंद पुलिसवाले उसके क़रीब आने की कोशिश कर ही रहे थे कि इस शख्स ने पुलिसवालों पर सीधी फायरिंग कर दी. हालांकि खुशकिस्मती से इस फायरिंग में किसी को गोली नहीं लगी.

इसी बीच कभी वो अपने साथ लाई बोतल से पानी पीता रहा, तो कभी सिगरेटें सुलगाता रहा और उसके सहमे से दो बच्चे कार की पिछली सीट पर बैठ कर ये सबकुछ देखते रहे. घंटों तक चले इस ड्रामे में पुलिस शायद उसके साथ सख्ती कर भी लेती, लेकिन एक महिला और बच्चों के साथ होने की वजह से शायद उसके हाथ बंधे हुए थे.

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