12 मार्च, 1993. दिन शुक्रवार. हमेशा की तरह मुंबई में जिंदगी दौड़ रही थी. दोपहर का समय था. लोग लंच की तैयारी में थे. दोपहर के 1.30 बज चुके थे. अचानक मुंबई स्टॉक एक्सचेंज पर जोर धमाका हुआ. ऐसा धमाका, जिसकी गूंज दूर-दूर तक गई. चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई. इससे पहले कि हाहाकार के बीच लोग कुछ समझ पाते महज 2 घंटे 10 मिनट के भीतर मुंबई के अंदर 12 जगह धमाके हो गए. इनमें 257 लोगों की मौत हो गई, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे.
मुंबई में आज के ही दिन हुए सीरियल ब्लास्ट के 25 साल पूरे हो चुके हैं. लेकिन इन धमाकों के जख्म आज भी मौजूद है. इसके कई गुनहगार आज भी देश से बाहर हैं. इसका साजिशकर्ता दाऊद इब्राहिम पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में मजे कर रहा है. भारतीय सुरक्षा एजेंसियां ने कई आरोपियों को पकड़ा. कुछ दोषियों को उम्रकैद की सजा हुई, किसी को फांसी. आज भी कई सजा पाने की कतार में खड़े हैं. कुछ लोगों को बरी भी किया गया. लेकिन एक उम्र जेल में काटने के बाद.
यह उस वक्त का सबसे बड़ा आतंकी हमला था. इसमें 27 करोड़ रुपये की संपत्ति नष्ट हुई थी. 4 नवंबर 1993 को 189 आरोपियों के खिलाफ चार्जर्शीट दायर की गई. इनमें से कुछ को बाद में अदालत ने बरी कर दिया. टाडा अदालत के न्यायाधीश ने 100 को दोषी ठहराया और 23 अभियुक्तों को बरी कर दिया. 100 अभियुक्तों में से 99 को सजा सुनाई गई थी. विशेष अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को इस ब्लास्ट का मास्टरमाइंड मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी.
इन जगहों पर हुए थे धमाके
1- मुंबई स्टॉक एक्सचेंज
2- नरसी नाथ स्ट्रीट
3- शिव सेना भवन
4- एयर इंडिया बिल्डिंग
5- सेंचुरी बाज़ार
6- माहिम
7- झावेरी बाज़ार
8- सी रॉक होटल
9- प्लाजा सिनेमा
10- जुहू सेंटूर होटल
11- सहार हवाई अड्डा
12- एयरपोर्ट सेंटूर होटल
धमाकों के मुख्य अभियुक्त
1- दाऊद इब्राहिम
मुंबई बम धमाकों का सबसे बड़ा आरोपी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम भारत से फरार है. इनदिनों पाकिस्तान में है.
2- टाइगर मेमन
धमाकों के बाद से टाइगर मेमन फरार बताया जा रहा है. उस पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद से बम बनाने का आरोप है.
3- याकूब मेमन
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां याकूब मेमन को गिरफ्तार करके भारत लाई. कोर्ट द्वारा मौत की सजा दिए जाने के बाद फांसी दे दी गई.
4- मोहम्मद दौसा
मुंबई सीरियल ब्लास्ट केस में दोषी मुस्तफा दौसा की सीने में दर्द की शिकायत के बाद जेजे अस्पताल में 28 जून 2017 को मौत हो गई.
5- फिरोज खान
इसे फांसी की सजा दी गई.
6- करीमुल्लाह खान
आजीवन कारावास
7- ताहेर मर्चेंट
इसे भी फांसी की सजा दी गई है.
8- रियाज़ सिद्द्कुई
इसे 10 साल की सजा हुई है.
9- अबु सलेम
अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को इस ब्लास्ट का मास्टरमाइंड मानते हुए उम्रकैद की सजा दी गई है.
10- अयूब मेमन
ये भी फरार बताया जाता है.
इन बम धमाकों के 48 घंटे के भीतर मुंबई पुलिस ने आरोपियों की पहचना कर ली थी. तत्कालीन DCP राकेश मारिया के नेतृत्व में 150 पुलिसवालों की टीम इसकी जांच में जुटी हुई थी. इस अहम कड़ी माहिम में खड़े एक स्कूटर से मिली थी. उसमें आरडीएक्स रखा हुआ था. लेकिन वह फटा नहीं था. ऐसा पहली बार हुआ था कि धमाकों के लिए आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया हो. 1 अप्रैल 1994 को टाडा की विशेष अदालत में इस केस की सुनवाई शुरू हुई थी.