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मुख्तार अंसारी ने कोर्ट से कहा- मैं 5 बार का विधायक हूं, बीजेपी मुझसे हारी है, अब मेरी हत्या की साजिश रच रही

मुख्तार ने कोर्ट से कहा कि मजदूर की हत्या में मुझे फर्जी मुल्जिम बनाया गया है, उस समय मैं आगरा जेल में बंद था. 16 वर्षों से मैं गाजीपुर गया ही नहीं, जबकि केस में गाजीपुर की पेशी को आधार बनाया गया है. मैं पांच बार का विधायक हूं, मुझसे बीजेपी हारी है. सत्ता में आने के बाद मेरी हत्या की साजिश रची जा रही है.''

बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी (फाइल फोटो) बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मुख्तार अंसारी ने अपने पक्ष में दीं दलीलें
  • '6 साल पुराने केस में गैंगेस्टर का मुकदमा दर्ज किया'
  • 24 मई को होगी अगली सुनवाई

बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को पंजाब की जेल से यूपी लाया जा चुका है. आजमगढ़ पूर्वांचल के बाहुबली विधायक मुख्तार की पेशी गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र यादव के गैंगस्टर कोर्ट में हुई. 15 मिनट की सुनवाई में मुख्तार ने अपने बचाव में खुद कई दलीलें पेश करते हुए जांच की मांग उठाई. मुख़्तार ने कोर्ट से कहा कि मुझे साजिशन फंसाने के लिए तरवां थाना क्षेत्र में हुए मर्डर के छह वर्ष बाद गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया गया है.

मुख्तार की दलीलें सुनने के बाद जज ने न्यायिक रिमांड की कार्यवाही पूरी होने के बाद सुनवाई की अगली तिथि 24 मई को मुकर्रर कर दिया है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि विवेचक प्रशांत श्रीवास्तव बांदा जेल में पहुंच मुख्तार का बयान दर्ज कर सकेंगे.

बता दें कि मुख्‍तार को कोर्ट में सुबह साढ़े 10 बजे पेश होना था इसके दृष्टिगत सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, लेकिन कोविड संक्रमण के दृष्टिगत वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये रिमांड पर सुनवाई हुई. जो दोपहर 1.10 बजे से लेकर 1.25 बजे तक चली. मुख्तार ने कोर्ट से कहा कि मजदूर की हत्या में मुझे फर्जी मुल्जिम बनाया गया है, उस समय मैं आगरा जेल में बंद था. 16 वर्षों से मैं गाजीपुर गया ही नहीं, जबकि केस में गाजीपुर की पेशी को आधार बनाया गया है. मुख़्तार ने कोर्ट से कहा ''मैं पांच बार का विधायक हूं, मुझसे बीजेपी हारी है. सत्ता में आने के बाद मेरी हत्या की साजिश रची जा रही है.''

मुख्‍तार ने कोर्ट के सामने जेल मैनुअल 432 की अनदेखी किए जाने की बात रखते हुए अपने लिए सुविधाएं मांगी, और जमानत की भी मांग उठाई, जिस पर जज ने कहा कि प्रार्थना पत्र मिलेगा तो विचार किया जाएगा.

 

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