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किम जोंग उन ने उत्तर कोरिया में लगा दी शादी और अंतिम संस्कार पर रोक

शायद ही इससे पहले ऐसा बेतुका फरमान किसी ने जारी किया हो. सनकी तानाशाह किम जोंग उन छह मई को आधिकारिक रूप से उत्तर कोरिया के राष्ट्र अध्यक्ष के तौर पर खुद की ताजपोशी कराने जा रहा है. इस ताजपोशी समारोह के दौरान कोई अड़चन न आए, बस इसलिए उसने एक हुक्म जारी कर दिया. हुक्म ये कि एक हफ्ते तक उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में न कोई शादी होगी, न कोई अंतिम संस्कार और न ही कोई मातम मनेगा. बस होगी तो सिर्फ सनकी सुल्तान की ताजोशी की खुशियां.

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किम जोंग उन किम जोंग उन

शायद ही इससे पहले ऐसा बेतुका फरमान किसी ने जारी किया हो. सनकी तानाशाह किम जोंग उन छह मई को आधिकारिक रूप से उत्तर कोरिया के राष्ट्र अध्यक्ष के तौर पर खुद की ताजपोशी कराने जा रहा है. इस ताजपोशी समारोह के दौरान कोई अड़चन न आए, बस इसलिए उसने एक हुक्म जारी कर दिया. हुक्म ये कि एक हफ्ते तक उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में न कोई शादी होगी, न कोई अंतिम संस्कार और न ही कोई मातम मनेगा. बस होगी तो सिर्फ सनकी सुल्तान की ताजोशी की खुशियां.

जी हां, यही हुक्म है उस सनकी सुल्तान का जिसकी सनक के किस्से फिलहाल पूरी दुनिया में सुने और सुनाए जा रहे हैं. उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की ये सबसे ताज़ा सनक है. इस फरमान का साफ मतलब है कि एक हफ्ता न यहां कोई अपने हिसाब से खुशी मना सकता है और न ही मातम.

चार साल पहले ही उसने उत्तर कोरिया की गद्दी संभाल ली थी. बीते चार साल में उसने उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता के तौर पर अपना दबदबा कायम भी कर लिया. मगर अब आधिकारिक तौर पर वो खुद की ताजपोशी करना चाहता है.

36 साल बाद हो रहा ताजपोशी का कार्यक्रम
दरअसल उत्तर कोरिया की सत्ताधारी वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया ने छह मई को राजधानी प्योंगयांग में एक सम्मेलन बुलाया है. ऐसा सम्मेलन 36 साल बाद हो रहा है. इससे पहले 1980 में किम जोंग उन के पिता की ताजपोशी के लिए इतना बड़ा समारोह हुआ था. छह मई के समारोह में उत्तर कोरिया के शासक के तौर पर किम जोंग उन की आधिकारिक ताजपोशी होगी. इस ताजपोशी समारोह में शामिल होने के लिए हजारों डेलीगेट्स उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग पहुंचने वाले हैं.

ताले में बंद रहेंगे लोग
ताजपोशी समारोह में कोई गड़बड़ी न हो बस इसलिए किम जोंग उन ने पूरी राजधानी की सुरक्षा इतनी कड़ी कर देने का हुक्म सुना दिया कि एक हफ्ते तक आम आदमी सड़क पर तो क्या घरों में भी लगभग कैद होकर रहेगा. राजधानी के हर घर की तलाशी ली जा रही है और सभी को हुक्म दिया गया है कि एक खास वक्त पर सब अपने घरों में ताला लगा कर रहें. जिन जगहों को लेकर जरा भी शक हुआ वहां पहले ही सेना ने ताला लगा दिया है.

न होगी शादी, न अंतिम संस्कार, न ही मनेगा मातम
समारोह के दौरान कोई गड़बड़ी न हो जाए इसलिए छह मई तक राजधानी में होने वाली तमाम शादियों और अंतिम संस्कार पर भी रोक लगा दी गई है. शादी की तारीख तो फिर भी लोगों ने आगे खिसका दी मगर दिक्कत उनके साथ है जिनके घरों में मौत हो गई. अब न तो छह मई तक वो उनका अंतिम संस्कार कर सकते हैं और न ही जी भर के रो सकते हैं क्योंकि ताजपोशी के दौरान मातम पर मनाही है.

शक होने पर पहले ही जेल में भर दिए लोग
खबरों के मुताबिक ताजपोशी के दौरान किम जोंग उन उत्तर कोरिया को परमाणु लैस राष्ट्र घोषित करने जा रहा है. इस ताजपोशी में किसी तरह की कोई बाधा न आए इसके लिए उसने उन तमाम लोगों को पहले ही बंधक बनाकर जेल में डाल दिया है जिनपर उसे जरा सा भी शक था.

सैकड़ों लोग को मौत, लाखों बंधक
2011 में सत्ता संभालने के बाद से किम जोंग उन अपने राजनीतिक विरोधियों और सत्ता को चुनौती देने वाले करीब 200 से ज्यादा नेताओं और अफसरों को मौत के घाट उतार चुका है. कहते हैं कि उत्तर कोरिया में मौजूद कैंप और अलग-अलग जेलों में लगभग 2 लाख लोगों को बंधक बना कर रखा गया है. इन्हीं में से एक कैम्प से अचानक तीस हजार बंधक गायब हो गए थे. उनकी तलाश आज भी जारी है. साल 2013 में आई मानवाधाकिर आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक किम जोंग उन के अब तक के कार्यकाल के दौरान एक लाख 20 हजार नेताओं को अलग-अलग जेलों में बंद कर दिया गया है.

भूख से मर रहे हैं लोग
खबर है कि ताजपोशी समारोह के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं और दूसरी तरफ एक अफसोसनाक सच्चाई ये है कि उसी उत्तर कोरिया के हजारों लोग भूख की वजह से दम तोड़ चुके हैं. पिछले चार सालों से जब से किम जोंग उन ने गद्दी संभाली है बस बम और बंदूक ही उसका शौक रहा है. उसने हाइड्रोन बम तो बना लिया पर अपने ही लोगों का पेट नहीं भर पा रहा है. आलम ये है कि लोग घास खा-खा कर किसी तरह अपनी सांसें चला रहे हैं.

बच्चों को मारकर खाने को मजबूर लोग
उत्तर कोरिया की हालत अब कुछ इतनी भयानक है कि कुछ इलाकों से तो लोगों के अपने ही बच्चों को मार कर खाने तक की कचोटने वाली खबरें सामने आई हैं. एशिया प्रेस के हवाले से संडे टाइम्स में छपी इस खबर के मुताबिक उत्तर कोरिया में भूख की वजह से एक शख्स अपने ही पोते की लाश खा गया. कई शहरों और कस्बाई इलाकों में लोगों के अपने खाने के लिए घास उखाड़ कर ले जाने की तस्वीरें भी सामने आई हैं. एक अंदाजे के मुताबिक हाल के दिनों में सिर्फ भूख और अकाल से ही उत्तर कोरिया में 10 हजार लोग मारे गए हैं.

पोर्न फिल्म देखने पर मौत की सजा
देश में लोग भूखे मर रहे हैं मगर उसे अमेरिका को धमकी देने में मज़ा आता है. बम बनाने में मजा आता है. किम जोंग उन के पागलपन की कहानियां सुन कर कोई भी हैरान हो सकता है. क्या आप यकीन करेंगे कि उत्तर कोरिया इस दौर में भी एक ऐसा मुल्क है जहां मोबाइल के इस्तेमाल तक पर पाबंदी है? जी हां, यही सच है. लेकिन उत्तर कोरिया में तानाशाही की बस यही एक मिसाल नहीं बल्कि यहां बाइबल पढ़ना या पोर्न मूवी देखने पर सीधे मौत की सजा है.

विदेशी भी नहीं कर सकते मोबाइल का इस्तेमाल
सूचना क्रांति के इस दौर में जब हर दूसरे दिन कोई नई चीज़, नया गैजेट दुनिया का आकार छोटा कर रही है, उत्तर कोरिया ने अपने यहां मबोइल के इस्तेमाल पर ही पाबंदी लगा रखी है. यहां विदेशों से घूमने आने वाले सैलानियों तक को अपने साथ मोबाइल फोन लाने और उसका इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है. अगर कोई यहां मोबाइल लेकर आता है, तो उसे सुरक्षाकर्मी पहले ही अपने पास रख लेते हैं और वापसी के वक्त उन्हें उनका मोबाइल फोन लौटा दिया जाता है.

बाइबल पढ़ने पर मिलती है मौत
हैरानी ये भी कि यहां मारिजुआना जैसी चीज तक को ड्रग्स नहीं माना जाता और उसके इस्तेमाल करने की आजादी है, जबकि बाइबल पढ़ना इतना बड़ा गुनाह है कि ऐसे करते हुए पकड़े जाने पर मौत मिलती है. यहां जींस पहनना भी एक गुनाह है और किसी गरीब की तस्वीर उतारना उससे भी बड़ा गुनाह क्योंकि किम जोंग उन मानता है कि गरीब की तस्वीर खींच कर उसे रखने या कहीं बाटने से देश की छवि खराब होती है.

सिर्फ एक ही रंग से घर होते हैं पेंट
लेकिन तानाशाही का इससे बड़ा सुबूत क्या होगा कि उत्तर कोरिया का कोई भी नागरिक 8 जुलाई और 17 दिसंबर को खुशियां खास कर अपनी बर्थ डे नहीं मना सकता क्योंकि 8 जुलाई को देश के पहले शासक किम इल सुंग की मौत हुई थी, जबकि 17 दिसंबर को किम जोंग उन के पिता किम जोंग इल की. तानाशाही का एक और सुबूत ये है कि यहां कोई अपनी मर्जी से अपने घर को पेंट भी नहीं करवा सकता. बल्कि किम जोंग उन की ओर से तय किए गए ग्रे कलर से ही सारे लोगों को अपना घर रंगना पड़ता है.

रिश्तेदारों को शिकारी कुत्तों के सामने फिंकवाया
किम जोंग उन एक ऐसा बेरहम तानाशाह है जो किसी भी हद तक जा सकता है. कहते हैं वो अब तक हजारों लोगों को मौत के घाट उतरवा चुका है. उसका जुल्म उसके देश के लोग झेलने को मजबूर हैं क्योंकि किम बगावत बर्दाश्त नहीं करता. वह विरोध की आवाज को सख्ती से दबा देता है. इसने अपने रिश्तेदारों को भी शिकारी कुत्तों के आगे फिंकवाया था. जो लोग उस पर जान छिड़कते हैं, उन पर भी उसका जुल्मो-सितम चलता रहता है.

लोगों को जबरदस्ती बनाया जाता है सैनिक
अमेरिका ने किम के देश पर कई तरह की पाबंदियां लगा रखी हैं. अमेरिकी सरकार उत्तर कोरिया को एक्सिस ऑफ इविल्स यानी शैतान की धुरी कहती है, लेकिन किम जोंग-उन की सेहत पर शायद ही इसका कभी असर पड़ा हो. दक्षिण कोरिया और अमेरिका के साथ लगातार तनाव के चलते यहां हमेशा युद्ध जैसे हालात बने रहते हैं. इसलिए अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए ये तानाशाह हर घर से लोगों को जबरदस्ती सेना में शामिल करवाने का आदेश देता है. इतना ही नहीं, सेना की ताकत बढ़ाने के लिए लड़कियों को भी जबरदस्ती सैनिक बनाता है.

सबकुछ किम करता है तय
सिर्फ 32 साल की उम्र में उसे नर्थ कोरिया की गद्दी मिली और जिन रिश्तेदारों ने उसे गद्दी पर बिठाने लायक बनाया उसने सबसे पहले उन्हीं अपनों की जान ले ली. वो भी ऐसे-वैसे नहीं बल्कि तोप से उड़ा कर या फिर भूखे कुत्तों के आगे डाल कर. उसकी हुकूमत में आम लोगों को कार रखने या कार में चलने की इजाजत नहीं है. उसके देश में बालों का स्टाइल वही होता है जो खुद उसके बाल का होता है. शहर के घरों का रंग भी वही तय करता है.

हाइड्रोजन बम के टेस्ट से पहले पिछले साल अप्रैल में ये तब सुर्खियों में आया था जब इसने अपने ही रक्षा मंत्री को सिर्फ इसलिए तोप से उड़ा दिया था क्योंकि वो एक मीटिंग के दौरान सो गए थे. इसमे अपने ही फूफा को नंगा कर सौ भूखे कुत्तों के आगे इसलिए फेंक दिया था क्योंकि वो इसकी कुर्सी के लिए खतरा बन गया था. इसके मुल्क में अगर कोई विदेशी टीवी चैनल, विदेशी फिल्में या विदेशी गाना सुने तो उसे ये फांसी पर चढ़ा देता है और उसके घर को आग के हवाले कर देता है. इसके मुल्क में आम लोग कार से नहीं चल सकते. ये हक सिर्फ मंत्री और रक्षा मंत्रालय के अफसरों को है. इसके मुल्क में इसके बालों का स्टाइल ही सबके बालों का फैशन माना जाता है.

अजीबो-गरीब हरकतें
खबरों के मुताबिक उत्तर कोरिया के सेना प्रमुख ह्योन योंग जोल ने सेना की एक मीटिंग में हलकी सी झपकी ले ली थी. बस उनकी इसी खता के लिए 66 साल के ह्यान को सैकड़ों लोगों की मौजदूगी में 30 अप्रैल को एक सैन्य प्रशिक्षण रेंज में विमानभेदी तोप से उड़ा दिया गया. ह्यान को मौत की सजा उनकी गिरफ्तारी के तीन दिन बाद दी गई. ऊपर से कमाल देखिए कि तोप से शरीर के चीथड़े उड़ा देने के बाद किम ने उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान से कराया.

किम को अपने दादा की तरह दिखने का जबरदस्त शौक है. कहते हैं कि कि उसने अपने दादा की शक्ल की चाह में अपने चेहरे और शरीर के कई कॉस्मेटिक ऑपरेशन करवाए हैं. इसलिए वो अपने वजन भी कम नहीं करता. किम को घुड़सवारी का जबरदस्त शौक है लेकिन शर्त यही है कि जिस वक्त वो घुड़सवारी करे, कोई और घुड़सवारी करता न दिखाई दे वरना वो उसको गोली से मरवा देता है.

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