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Kanpur Raid: 36 घंटे नॉन स्टॉप एक्शन...150 करोड़ नकद और 21 कैश के बक्से बरामद

पहले गुरुवार को DGGI  के अधिकारियों ने कर चोरी के मामले में पीयूष जैन के घर, दफ्तर और कोल्ड स्टोरेज में रेड मारी थी. लेकिन जब वहां पर भारी मात्रा में कैश की बरामदगी होने लगी, तब इनकम टैक्स की टीम को भी सूचना दे दी गई और फिर दोनों ने साथ मिलकर 36 घंटे तक इस रेड को अंजाम दिया.

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36 घंटे की रेड, पीयूष जैन के घर से 150 करोड़ बरामद 36 घंटे की रेड, पीयूष जैन के घर से 150 करोड़ बरामद
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कानपुर कारोबारी के खिलाफ 36 घंटे की रेड
  • कैश के 21 बक्से बरामद, करीब 150 करोड़ रुपये

कानपुर कारोबारी पीयूष जैन के घर से कैश का इतना बड़ा भंडार मिल गया है कि आयकर और जीएसटी अधिकारियों को 36 घंटे तक रेड जारी रखनी पड़ी और पैसे गिनने के लिए बैंक से 6 मशीनों का भी इंतजाम करना पड़ा. अभी के लिए 150 करोड़ के करीब नकद को बड़े कंटेनर के जरिए स्टेट बैंक ले जाया गया है.

36 घंटे की नॉनस्टॉप रेड

पहले गुरुवार को DGGI  के अधिकारियों ने कर चोरी के मामले में पीयूष जैन के घर, दफ्तर और कोल्ड स्टोरेज में रेड मारी थी. लेकिन जब वहां पर भारी मात्रा में कैश की बरामदगी होने लगी, तब इनकम टैक्स की टीम को भी सूचना दे दी गई और फिर दोनों ने साथ मिलकर 36 घंटे तक इस रेड को अंजाम दिया. इस रेड के दौरान अधिकारियों को 21 पैसों के बक्से मिल गए हैं. इन सभी बक्सों को बड़े कंटेनर में रख स्टेट बैंक रवाना कर दिया गया है.

बताया गया है कि पीयूष जैन के कन्नौज, कानपुर के साथ मुंबई में भी ऑफिस हैं. इनकम टैक्स को इनकी लगभग चालीस से ज्यादा ऐसी कम्पनियां मिली हैं, जिनके माध्यम से वो अपना इत्र कारोबार चला रहा था. एजेंसी की तरफ से कारोबारी के बेटे प्रत्यूष जैन से भी सवाल-जवाब किए जा रहे हैं.  अभी तक पीयूष भी अलमारी में पड़े पैसों की इन गड्डियों का कोई हिसाब नहीं दे पाया है, इस वजह से भी उस पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है.

कानपुर का बड़ा नाम, राजनीतिक कनेक्शन आए सामने

पीयूष जैन की बात करें तो वो पहले कन्नोज में रहता था. लेकिन अपने बिजनेस की वजह से उसने अपना ठिकाना बदल कानपुर कर लिया. अभी वो कानपुर के आनंद पुरी इलाके में रह रहा है. ऐसा कहा जा रहा है कि पीयूष जैन समाजवादी पार्टी के भी करीब रहा है. अभी तक इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं बताया गया है, लेकिन ऐसे दावे जरूर हैं कि उसकी तरफ से ही समाजवादी इत्र शुरू किया गया था. बीजेपी भी पूरे मामले के इसी पहलू पर जोर दे रही है और चुनावी मौसम में सपा पर गंभीर आरोप लगा रही है.

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