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कांप उठी बगदादी ब्रिगेड की रूह, अंत की ओर ISIS का आतंक!

सीरिया और इराक में जन्मी आतंक की फौज आईएसआईएस ने पूरी दुनिया को डरा रखा है. अपनी हैवानियत से इन्होंने पेरिस से लेकर बगदाद तक दहशत फैला रखी है. इन्हें कत्लों गारद से गुरेज नहीं. इन्हें मार-काट से परहेज नहीं. दिन रात इन्हें सिर्फ़ इंसान से दुश्मनी निभाने की पड़ी रहती है.

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भाग रहे हैं ISIS के लड़ाके, डरा हुआ है बगदादी
भाग रहे हैं ISIS के लड़ाके, डरा हुआ है बगदादी

सीरिया और इराक में जन्मी आतंक की फौज आईएसआईएस ने पूरी दुनिया को डरा रखा है. अपनी हैवानियत से इन्होंने पेरिस से लेकर बगदाद तक दहशत फैला रखी है. इन्हें कत्लों गारद से गुरेज नहीं. इन्हें मार-काट से परहेज नहीं. दिन रात इन्हें सिर्फ़ इंसान से दुश्मनी निभाने की पड़ी रहती है. वो अक्सर छुपकर वार करते हैं. भीड़ को ढाल बनाते हैं. रेगिस्तान में सिर छुपाते हैं. पहाड़ों पर खुफिया ठिकाने बनाते हैं. लेकिन अब ये कहीं भी छुपे हों. इन्हें ढूंढ निकाला जाएगा इन्हें चुन-चुन कर मारा जाएगा.

अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने मिलकर बगदादी ब्रिगेड के सफाए का बीड़ा उठा लिया है. इराक और सीरिया में छुपकर बैठे इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों को खोज खोजकर मारने का सिलसिला शुरू हो गया है. विमान बमबारी कर रहे हैं. इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी चौकन्ने हो जाते हैं. वो छुप छुपकर इधर-उधर फैलने लगते हैं, ताकि हमलावर विमानों को चकमा दे सकें. लेकिन उनकी हर हरकत पर अमेरिकी विमान निगरानी रखे हुए हैं. अपने इन्फ्रारेड थर्मल इमेजिंग कैमरों से बगदादी ब्रिगेड के हमलावरों पर निगाह बनाए हुए हैं.


सीरिया और इराक में अमेरिका, इस्लामिक स्टेट से लड़ने के लिए अपनी थल सेना को नहीं उतारना चाहता. इसीलिए हाई टेक्नोलॉजी की मदद से आतंकवादियों को बस्तियों से निकाल निकालकर मारा जा रहा है. पेरिस में कुछ दिनों पहले हुए आतंकवादी हमले के बाद से फ्रांस ने बगदादी का खात्मा करने की कसम खाई है. फ्रांस के लड़ाकू विमान लगातार इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर बम बरसा रहे हैं. फ्रांस ने बगदादी के वध के लिए सीरिया के पास अपना सबसे बड़े एयरक्राफ्ट करियर, शॉर्ल द गॉल को तैनात कर दिया है.


भूमध्य सागर में शान से खड़ा शार्ल द गॉल एयरक्राफ्ट करियर यानी समंदर में पूरा का पूरा युद्ध का बेड़ा. इसमें 26 लड़ाकू विमान हैं. इसमें घन गरज करके दुश्मन पर बरसने वाली तोपें हैं. दुश्मनों पर काल बनकर टूटने वाली मिसाइलें भी हैं. राजधानी पेरिस में सबसे भयंकर आतंकवादी हमले के बाद फ्रांस ने अपने सबसे बड़े विमानवाहक जहाज़ को सीरिया के पास तैनात कर दिया है. इससे सीरिया और इराक में इस्लामिक स्टेट पर मौत बरसाने की फ्रांस की ताकत दोगुनी हो गई है. पहले से ही बारह रफाल और मिराज विमान तैनात हैं.


- ये यूरोप का सबसे बड़ा युद्धपोत.
- इसकी लंबाई 860 फुट और वज़न 42,500 टन है.
- अमेरिका के बाद एटमी ताक़त से लैस पहला युद्धपोत है.
- इस पर 40 लड़ाकू विमान और सैकड़ों मिसाइलें तैनात हैं.


हर रोज फ्रांस अपनी दोगुनी ताकत की मदद से एक-एक करके इस्लामिक स्टेट के ठिकानों को तबाह कर रहा है. इन हमलों से तिलमिला बगदादी उठा है. इनसे इस्लामिक स्टेट को भयंकर चोट पहुंची है. धीरे-धीरे उसकी ताकत कम होती जा रही है. यानी आतंक की इस ब्रिगेड का अंत करीब है. ISIS के कब्जे वाले इलाकों में भगदड़ मची हुई है. इराक का मोसुल हो या फिर सीरिया का रक्का हर जगह से इस्लामिक स्टेट के लड़ाके भाग रहे हैं. बगदादी ब्रिगेड की रूह कांप उठी है. उनकी आत्मा हिल गई है. उनके पांव उखड़ रहे हैं.

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