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कोरोना से ठीक हुई स्मृति ठक्कर, गुजरात की पहली प्लाज्मा डोनर बनीं

कोरोना से ठीक हुई स्मृति ठक्कर, गुजरात की पहली प्लाज्मा डोनर बनीं

इस वक्त जब पूरा देश कोरोना के खिलाफ महायुद्ध लड़ रहा है. कई लोग घरों में बंद हैं तो कई अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. हर कोई स्वस्थ होकर जल्दी घर लौटना चाहता है लेकिन इन्ही में से कुछ ऐसे कर्मवीर हैं जो दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए स्वस्थ होने के बाद रक्तदान कर रहे हैं ताकि प्लाज्मा थेरेपी से किसी और की जिंदगी बचाई जा सके. स्मृति ठक्कर अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में कोरोना के इलाज के लिए भर्ती हुई थीं. ठक्कर के लिए कोरोना के खिलाफ ये जंग मानसिक तौर पर भी बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुई. पर अब वो ठीक हैं और कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए जीवन दान का स्रोत बनने जा रही हैं. ठक्कर गुजरात की पहली प्लाज्मा डोनर हैं. स्वस्थ होने के बाद भी वो अस्पताल में हैं और प्लाज्मा के लिए रक्तदान किया है.

Novel coronavirus confirmed cases surge past 16,000 and death toll 519. More than 2,300 people recover from this deadly virus. Gujarat government had started plasma transfusion treatment for coronavirus critical patients as ICMR gives approval. A 23-year old, Smriti Thakkar of Ahmedabad becomes the first donor of plasma, she got recovered from coronavirus. In plasma transfusion treatment blood taken out from fully recovered coronavirus patient and injected into a patient that help to generate antibodies.

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