दुनिया में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिलने से कई देशों में दहशत फैल गई है तो अन्य देशों ने सुरक्षा के मद्देनजर ब्रिटेन को आने-जाने वाली फ्लाइट्स रद्द कर दी हैं. इस बीच विभिन्न जगहों पर वैक्सीन का ट्रायल भी जारी है.
वहीं स्वदेशी वैक्सीन निर्माता कंपनी जायडस कैडिला ने गुरुवार को कहा कि जरूरी मंजूरी मिलने के बाद वह फेज 3 में 30 हजार वॉलंटियर्स पर अपनी कोरोना वैक्सीन ZyCov-D के क्लीनिकल ट्रायल करने की योजना बना रही है. कंपनी ने कहा कि फेज 1 और 2 के क्लीनिकल ट्रायल्स में उनकी वैक्सीन प्रतिरक्षात्मक साबित हुई है. ZyCov-D वैक्सीन के फेज 2 की स्टडी में इसे 1000 स्वस्थ व्यस्क वॉलंटियर्स पर टेस्ट किया गया है.
जायडस कैडिला ने अपने एक बयान में कहा, 'यह वैक्सीन सुरक्षित और प्रतिरक्षात्मक साबित हुई है. ट्रायल्स को इंडिपेंडेंट डेटा सेफ्टी मॉनिटरिंग बोर्ड (DSMB) ने रिव्यू किया है और उसे सुरक्षा परिणाम के अपडेट के लिए सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) के पास सब्मिट किया है.
'फेज 3 ट्रायल के लिए आशावान'
जायडस कैडिला के चेयरमैन पंकज पटेल ने कहा, 'ZyCov-D ने फेज 2 का क्लीनिकल ट्रायल पूरा कर लिया है और वैक्सीन सुरक्षित और प्रतिरक्षात्मक साबित हुई है. हम फेज 3 के क्लीनिकल ट्रायल को लेकर भी आशावान हैं और इसके पूरा होने के बाद हम वैक्सीन का उत्पादन शुरू कर सकते हैं.'
जायडस कैडिला ने अपनी कोविड-19 वैक्सीन के लिए नोवल अप्रोच अपनाई है. वैक्सीन में SARS-COV-2 प्रोटीन का जेनेटिक मटीरियल है, जो ह्यूमन सेल्स को SARS-COV-2 एंटीजेन बनाने के लिए प्रेरित करता है, जिसे प्रतिरक्षा पैदा होती है.
कंपनी का कहना है कि यह दृष्टिकोण आसानी से दोहराने योग्य और मापनीय है. इसके लिए सिर्फ बायोसैफिटी लेवल (बीएसएल) -1 की जरूरत होती है. जुलाई में जायडस कैडिला ने फेज 1 और 2 ट्रायल शुरू किए थे.
क्या है जायडस कैडिला की वैक्सीन की खासियतें
ZyCoV-D वैक्सीन को 2- डिग्री के तापमान में स्टोर किया जा सकता है, जो इसे मौजूदा कोल्ड चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर के मुफीद बनाता है. इस वैक्सीन को इंट्राडर्मल (एपिडर्मिस से लगाना) रूट से लगाया जाएगा. कंपनी का कहना है कि मार्च-अप्रैल 2021 तक फेज-3 के अंतिम डेटा आ जाएंगे. अगर सब कुछ सही रहा तो 2021 के मध्य में वैक्सीन लॉन्च कर दी जाएगी.