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55% शहरी भारतीयों को स्वदेशी वैक्सीन पर भरोसा, चाहते हैं मुफ़्त टीका: सर्वे

YouGov की एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, शहरी भारतीयों का एक बड़ा हिस्सा (68%) टीकाकरण के लिए तैयार है. वहीं एक चौथाई (24%) इस बारे में अभी अनिश्चित हैं, जबकि 8% लोग वैक्सीन लेने के लिए तैयार नहीं हैं. 

वैक्सीनेशन ड्राई रन (फ़ोटो- पीटीआई) वैक्सीनेशन ड्राई रन (फ़ोटो- पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • टीकाकरण पर YouGov की सर्वे रिपोर्ट
  • 55% शहरी भारतीयों को स्वदेशी वैक्सीन पर भरोसा
  • फ्री टीकाकरण कराए जाने की मांग

देश में 16 जनवरी से कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत होने जा रही है. वैक्सीन को देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाने का काम भी शुरू हो गया है. ऐसे में अधिकांश लोग टीकाकरण के लिए उत्सुक हैं, लेकिन उनमें सेफ़्टी और असर को लेकर सवाल भी हैं. YouGov की एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, शहरी भारतीयों का एक बड़ा हिस्सा (68%) टीकाकरण के लिए तैयार है. वहीं एक चौथाई (24%) इस बारे में अभी अनिश्चित हैं, जबकि 8% लोग वैक्सीन लेने के लिए तैयार नहीं हैं. 

भारतीय वैक्सीन पर भरोसा 

सर्वे के मुताबिक, शहरी भारतीयों की आधे से अधिक (55%) आबादी ने कहा कि वे अमेरिका, ब्रिटेन और रूस जैसे विकसित राष्ट्रों की तुलना में भारतीय मूल के टीके (स्वदेशी वैक्सीन) पर अधिक भरोसा करते हैं. वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो वैक्सीन लेने के बारे में अनिश्चित हैं या लेना ही नहीं चाहते. कुछ लोग वैक्सीन की सेफ़्टी के बारे में संकोच कर रहे हैं और पहले इसकी समीक्षा करना चाहते हैं. 

फ्री टीकाकरण कराया जाए 

सर्वे में शामिल लोगों में से आधे (50%) ने कहा कि वे चाहते हैं कि सरकार देश में सभी के लिए मुफ्त टीकों की व्यवस्था करे. करीब 36% लोग कहते हैं कि टीका केवल गरीब, बुजुर्ग या जो गंभीर रूप से बीमार हैं, उन्हें फ्री दी किया जाना चाहिए, जबकि 14% लोग सोचते हैं कि टीकाकरण कराने के इच्छुक लोगों को इसके लिए भुगतान करना चाहिए. 

किसे पहले मिले वैक्सीन 

सर्वे में प्राथमिकता के क्रम के बारे में पूछे जाने पर, एक बड़े तबके ने कहा कि हाई रिस्क वाले और बुजुर्गों को टीकाकरण में प्राथमिकता दी जानी चाहिए. साथ ही फ्रंटलाइन वर्कर्स और इमरजेंसी सर्विस के लोगों को भी प्राथमिकता दी जाए. 

वैक्सीन की सेफ़्टी के बारे में शंकाओं के अलावा, ब्रिटेन में मिले कोरोना के नए स्ट्रेन ने भारतीयों की चिंता बढ़ा दी है. इस नए स्ट्रेन के संभावित प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर, आधे से अधिक (53%) लोगों को डर है कि यह हमें भी प्रभावित कर सकता है. 

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गौरतलब है कि हाल ही में पीएम मोदी ने था कि कोरोना वैक्सीनेशन अभियान के पहले चरण में स्वास्थकर्मियों, सफाईकर्मचारियों, पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल, डिजास्टर मैनेजमेंट फोर्स के कर्मचारियों को टीका लगाया जाएगा. उन्होंने कहा कि देश के सभी राज्यों में ऐसे लोगों की संख्या करीब तीन करोड़ है. पीएम मोदी ने बताया कि इन लोगों के वैक्सीनेशन का खर्चा केंद्र सरकार वहन करेगी.
 

 

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