देश के अंदर ऑक्सीजन की किल्लत लगातार बरकरार है. बुधवार को दिल्ली के मसले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सर्वोच्च अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि दिल्ली को सोमवार तक 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की सप्लाई की जाए, उससे कम सप्लाई नहीं होनी चाहिए.
तीन मुद्दों का अदालत ने किया जिक्र
बुधवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से ऑक्सीजन वितरण का फॉर्मूला भी मांगा. साथ ही अदालत ने तीन सुझाव भी दिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी एक राज्य की जरूरत क्या है, उसके के लिए सही कार्यप्रणाली की जरूरत है.
अदालत ने साथ ही कहा कि राज्य के लिए संसाधनों की क्या सुविधा है, उसकी प्लानिंग करना जरूरी है. इसके अलावा अदालत ने कहा है कि ऑक्सीजन की उपलब्धता कितनी है और कितनी सप्लाई हो रही है, इसकी जानकारी होनी जरूरी है.
दिल्ली को ऑक्सीजन सप्लाई के मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की सप्लाई सुनिश्चित होनी चाहिए. हम इसके लिए आपको कुछ वक्त देंगे कि आज से आप कैसे 700 एमटी तक पहुंच सकते हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि एक राज्य की सप्लाई की वजह से दूसरे राज्यों को तकलीफ हो. आपको (केंद्र) को समुचित प्लान तैयार करना होगा.
नोटिस के खिलाफ SC गया था केंद्र
दरअसल, दिल्ली के ऑक्सीजन संकट पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही थी. दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मसले पर केंद्र को नोटिस दिया था, जिसके बाद केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में नोटिस के खिलाफ याचिका दायर की थी. बुधवार को बाद में इसी मसले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी.
राजधानी दिल्ली में बीते कई दिनों से ऑक्सीजन की किल्लत है. राज्य सरकार का आरोप है कि केंद्र उसकी डिमांड के मुताबिक सप्लाई नहीं कर रहा है, जबकि केंद्र का कहना है कि जरूरत के मुताबिक सप्लाई हो रही है, लेकिन राज्य के पास ट्रांसपोर्ट, स्टोरेज की सुविधा नहीं है.