सोमवार को संजय राउत ने ट्वीट कर पीयूष गोयल से सवाल किया. उन्होंने लिखा कि जब नागपुर से उधमपुर के लिए 14 मई को ट्रेन गई थी, तो क्या तब आपने कोई लिस्ट ली थी? क्या आप बताएंगे कि ट्रेन का प्रबंध करने के बाद आपने लोगों को इकट्ठा करने के लिए क्या कदम उठाए? आप अब लिस्ट के लिए क्यों पूछ रहे हो? मत भूलें कि आप राज्यसभा में महाराष्ट्र का ही प्रतिनिधित्व करते हैं.
पियुषजी, १४ मे २०ला सुटलेल्या नागपुर - ऊधमपुर ट्रेन साठी कोठली यादी घेतली होती. आधी ट्रेन नंतर माणसे जमा करण्यासाठी काय कष्ट घेतले, कृपया जाहीर कराल? आता म यादी कसली मागताय? राज्यसभेत आपण महाराष्ट्राचे प्रतिनिधित्व करताय हे विसरू नका.
— Sanjay Raut (@rautsanjay61)
बता दें कि इससे पहले केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर महाराष्ट्र सरकार से ट्रेनों में सफर करने वाले श्रमिकों की लिस्ट मांगी थी.
पीयूष गोयल ने रविवार शाम को कई ट्वीट करते हुए लिखा था, ‘उद्धव जी, आशा है आप स्वस्थ हैं आपके अच्छे स्वास्थ्य के लिए शुभेच्छा. कल हम महाराष्ट्र से 125 श्रमिक स्पेशल ट्रेन देने के लिए तैयार हैं. आपने बताया कि आपके पास श्रमिकों की लिस्ट तैयार हैं, इसलिए आपसे अनुरोध है कि सभी निर्धारित जानकारी जैसे, कहां से ट्रेन चलेगी, यात्रियों की ट्रेनों के हिसाब से सूची, उनका मेडिकल सर्टिफिकेट और कहां ट्रेन जानी है, यह सब सूचना अगले एक घंटे में मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को पहुंचाने की कृपा करें, जिससे हम ट्रेनों की योजना समय पर कर सके.’
इसके कुछ घंटे बाद ही पीयूष गोयल ने देर रात को लिखा कि रात के बारह बज गए हैं और उन्हें अभी तक लिस्ट नहीं मिली है.
मेरा अनुरोध है की महाराष्ट्र सरकार अभी भी अगले एक घंटे में कितनी ट्रैन, कहाँ तक और पैसेंजर लिस्टें हमें भेज दें। हम प्रतीक्षा कर रहे है और पूरी रात काम कर कल की ट्रेनों की तैयारी करेंगे। कृपया पैसेंजर लिस्टें अगले एक घंटे में भेज दें।
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal)
इसके बाद संजय राउत की ओर से फिर ट्विटर पर जवाब दिया गया था. संजय राउत ने लिखा था कि महाराष्ट्र सरकार ने रेलवे मंत्रालय को अपेक्षित गाड़ियों की सूची दी है. पीयूष जी से सिर्फ विनती यही है कि ट्रेन जिस स्टेशन पर पहुंचनी चाहिए उसी स्टेशन पर पहुंचे. गोरखपुर के लिए जाने वाली ट्रेन ओडिशा न पहुंच जाए’.
महाराष्ट्र सरकार ने रेलवे मंत्रालय को अपेक्षित गाड़ियों की सूची दी है। पीयूष जी से सिर्फ विनती यही है कि ट्रेन जिस स्टेशन पर पहुंचनी चाहिए उसी स्टेशन पर पहुंचे। गोरखपुर के लिए जाने वाली ट्रेन उड़ीसा न पहुंच जाए।
@AUThakeray
— Sanjay Raut (@rautsanjay61)
गौरतलब है कि ट्रेनों के संचालन को लेकर केंद्र और कई राज्यों के बीच अनबन देखने को मिल रही है. जहां ट्रेन चलाने और पहुंचने की परमिशन को लेकर अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं.