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ट्रेनों पर पीयूष गोयल-संजय राउत में ट्विटर वॉर जारी, शिवसेना सांसद का वार - भूलें ना कि...

महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में श्रमिक अभी भी फंसे हुए हैं और इस बीच श्रमिक ट्रेनों के संचालन को लेकर राज्य सरकार-रेल मंत्रालय आमने सामने है.

संजय राउत ने ट्वीट कर साधा निशाना (PTI) संजय राउत ने ट्वीट कर साधा निशाना (PTI)

  • संजय राउत-पीयूष गोयल में ट्विटर वॉर जारी
  • श्रमिक ट्रेनों के संचालन को लेकर विवाद
कोरोना वायरस महासंकट के बीच सबसे बड़ी चुनौती प्रवासी मजदूरों को उनके घर वापस पहुंचाने को लेकर सामने आई है. इसी मसले पर बीते दो दिनों से केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल और शिवसेना के सांसद संजय राउत के बीच ट्विटर पर जंग छिड़ी है. अब सोमवार को एक बार फिर संजय राउत ने पीयूष गोयल पर निशाना साधा है और कहा है कि आप भी महाराष्ट्र से ही राज्यसभा में हैं, ये ना भूलें.

सोमवार को संजय राउत ने ट्वीट कर पीयूष गोयल से सवाल किया. उन्होंने लिखा कि जब नागपुर से उधमपुर के लिए 14 मई को ट्रेन गई थी, तो क्या तब आपने कोई लिस्ट ली थी? क्या आप बताएंगे कि ट्रेन का प्रबंध करने के बाद आपने लोगों को इकट्ठा करने के लिए क्या कदम उठाए? आप अब लिस्ट के लिए क्यों पूछ रहे हो? मत भूलें कि आप राज्यसभा में महाराष्ट्र का ही प्रतिनिधित्व करते हैं.

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बता दें कि इससे पहले केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर महाराष्ट्र सरकार से ट्रेनों में सफर करने वाले श्रमिकों की लिस्ट मांगी थी.

पीयूष गोयल ने रविवार शाम को कई ट्वीट करते हुए लिखा था, ‘उद्धव जी, आशा है आप स्वस्थ हैं आपके अच्छे स्वास्थ्य के लिए शुभेच्छा. कल हम महाराष्ट्र से 125 श्रमिक स्पेशल ट्रेन देने के लिए तैयार हैं. आपने बताया कि आपके पास श्रमिकों की लिस्ट तैयार हैं, इसलिए आपसे अनुरोध है कि सभी निर्धारित जानकारी जैसे, कहां से ट्रेन चलेगी, यात्रियों की ट्रेनों के हिसाब से सूची, उनका मेडिकल सर्टिफिकेट और कहां ट्रेन जानी है, यह सब सूचना अगले एक घंटे में मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को पहुंचाने की कृपा करें, जिससे हम ट्रेनों की योजना समय पर कर सके.’

इसके कुछ घंटे बाद ही पीयूष गोयल ने देर रात को लिखा कि रात के बारह बज गए हैं और उन्हें अभी तक लिस्ट नहीं मिली है.

इसके बाद संजय राउत की ओर से फिर ट्विटर पर जवाब दिया गया था. संजय राउत ने लिखा था कि महाराष्ट्र सरकार ने रेलवे मंत्रालय को अपेक्षित गाड़ियों की सूची दी है. पीयूष जी से सिर्फ विनती यही है कि ट्रेन जिस स्टेशन पर पहुंचनी चाहिए उसी स्टेशन पर पहुंचे. गोरखपुर के लिए जाने वाली ट्रेन ओडिशा न पहुंच जाए’.

गौरतलब है कि ट्रेनों के संचालन को लेकर केंद्र और कई राज्यों के बीच अनबन देखने को मिल रही है. जहां ट्रेन चलाने और पहुंचने की परमिशन को लेकर अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं.

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