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Sputnik light vaccine: एक वैक्सीन, ट्रिपल सुरक्षा... जानिए कैसे काम करेगी सिंगल डोज वैक्सीन, कितनी प्रभावी

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत को एक और हथियार मिल गया है. केंद्र सरकार ने रूसी वैक्सीन Sputnik Light के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है. ये सिंगल डोज वैक्सीन है. दावा है कि ये वैक्सीन कोरोना के सभी वैरिएंट्स पर असरदार है.

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स्पूतनिक लाइट वैक्सीन सभी वैरिएंट्स पर असरदार है. (फाइल फोटो) स्पूतनिक लाइट वैक्सीन सभी वैरिएंट्स पर असरदार है. (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 30 देशों में हो रहा स्पूतनिक लाइट का इस्तेमाल
  • स्पूतनिक लाइट की एफिकेसी 80 प्रतिशत है

Sptunik Light Vaccine: ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने सिंगल डोज वैक्सीन स्पूतनिक लाइट के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है. स्पूतनिक-वी के बाद स्पूतनिक लाइट रूस की दूसरी वैक्सीन है, जिसे इस्तेमाल की मंजूरी मिली है. इस वैक्सीन की एक डोज लगाए जाने के बाद दूसरी डोज की जरूरत नहीं होगी. अब तक देश में 9 वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी मिल चुकी है. 

30 से ज्यादा देशों में इस्तेमाल हो रही Sputnik Light

- स्पूतनिक लाइट वैक्सीन को रूस के गामालेया इंस्टीट्यूट ने रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (RDIF) की फंडिंग से बनाया है. भारत में इसे हैदराबाद स्थित Dr. Reddy's बनाएगी. 

- स्पूतनिक कंपनी की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, स्पूतनिक लाइट का इस्तेमाल दुनिया के 30 देशों में हो रहा है. इसमें अर्जेंटिना, बहरीन, यूएई और फिलीपींस जैसे देश शामिल हैं. इन देशों में स्पूतनिक लाइट का इस्तेमाल बूस्टर डोज के तौर पर किया जा रहा है.

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स्पूतनिक लाइट से ट्रिपल सुरक्षा

1. वैक्सीनः कोरोना के खिलाफ स्पूतनिक लाइट 80% तक प्रभावी है. कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ ये 70% तक असरदार है. जबकि, 60 साल से ऊपर के लोगों में ये 75% तक कारगर है.

2. बूस्टरः स्पूतनिक लाइट को दुनिया के ज्यादातर देशों में बूस्टर डोज के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है. इसे बूस्टर डोज के तौर पर ही मान्यता भी दी गई है. स्टडी के मुताबिक, बूस्टर डोज के तौर पर डेल्टा के खिलाफ वैक्सीन की एफिकेसी 83% है. इतना ही नहीं, ये वैक्सीन अस्पताल में भर्ती होने का खतरा 94% तक कम कर देती है.

3. ओमिक्रॉनः कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट पर ये वैक्सीन काफी असरदार है. ओमिक्रॉन के खिलाफ स्पूतनिक लाइट 75% तक असरदार है. वहीं, अगर किसी व्यक्ति को बूस्टर के तौर पर ये वैक्सीन लगाई जाती है तो ओमिक्रॉन के खिलाफ उसकी सुरक्षा 100% तक बढ़ जाती है.

स्पूतनिक लाइट के फायदे क्या हैं?

- ये सिंगल डोज वैक्सीन है. इसके अलावा इसे बूस्टर डोज के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है. कंपनी का दावा है कि कॉकटेल वैक्ससीन में स्पूतनिक लाइट ज्यादा कारगर है.

- स्पूतनिक लाइट की एफिकेसी 80% है. वैक्सीन लगवाने में 100% लोगों में 10 दिन बाद ही एंटीबॉडीज 40 गुना तक बढ़ गई. 

- स्पूतनिक लाइट को 2 से 8 डिग्री टेम्परेचर पर स्टोर किया जा सकता है. इससे इसे आसानी से ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है. दावा है कि ये सभी वैरिएंट्स से लड़ सकती है.

कितनी कीमत हो सकती है?

- स्पूतनिक लाइट की कीमत को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी मौजूद नहीं है. हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस वैक्सीन की कीमत 10 डॉलर के आसपास हो सकती है. भारत में इसकी कीमत 750 रुपये से कम होने की उम्मीद है.

 

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