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भारत में फाइजर की वैक्सीन को जल्द मिल सकती है मंजूरी, CEO ने दी ये जानकारी

अमेरिकी कंपनी फाइजर की कोरोना वैक्सीन को जल्द ही भारत में मंजूरी मिल सकती है. कंपनी के सीईओ अल्बर्ट बौर्ला ने कहा कि हम भारत सरकार के साथ जल्द ही समझौते को अंतिम रूप देंगे.

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फाइजर की वैक्सीन को WHO से भी मंजूरी मिली है. (फाइल फोटो-PTI)
फाइजर की वैक्सीन को WHO से भी मंजूरी मिली है. (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कंपनी के सीईओ अल्बर्ड बौर्ला ने दी जानकारी
  • बोले- जल्द ही समझौते को अंतिम रूप देंगे
  • डील हुई तो इसी साल 5 करोड़ डोज मिल सकती हैं

भारत में जल्द ही अमेरिकी कंपनी फाइजर की वैक्सीन आ सकती है. कंपनी के सीईओ अल्बर्ट बौर्ला का कहना है कि भारत में फाइजर की वैक्सीन की मंजूरी की प्रक्रिया फाइनल स्टेज में है और जल्द ही कंपनी भारत सरकार के साथ समझौते को आखिरी रूप दे सकती है. प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत में फाइजर की वैक्सीन को मंजूरी मिल जाएगी.

फाइजर के सीईओ अल्बर्ट बौर्ला ने मंगलवार को सालाना होने वाली बायोफार्मा एंड हेल्थकेयर समिट में कहा कि "वैक्सीन को भारत में मंजूरी मिलने की प्रक्रिया फाइनल स्टेज में है. मुझे उम्मीद है कि हम भारत सरकार के साथ जल्द ही समझौते को अंतिम रूप देंगे."

फाइजर ने ये वैक्सीन जर्मनी की कंपनी बायोएनटेक के साथ मिलकर बनाई है. इस वैक्सीन की एफिकेसी 90% तक है. यानी, कोरोना के खिलाफ ये वैक्सीन 90% तक असरदार है.

भारत को 'नो-प्रॉफिट' पर वैक्सीन देने की पेशकश, अमेरिकी कंपनी Pfizer का ऐलान

भारत सरकार और फाइजर के बीच लंबे वक्त से बात चल रही है. फाइजर भारत को वैक्सीन देने के लिए तैयार है, लेकिन उसकी कुछ मांग भी है. कंपनी चाहती है कि अगर भारत में वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट दिखता है तो उसमें कंपनी की जवाबदेही न हो. यानी, अगर वैक्सीन के साइड इफेक्ट को लेकर कोई केस होता है तो उसका हर्जाना कंपनी को नहीं देना पड़े. अगर डील हो जाती है तो इस साल फाइजर वैक्सीन की 5 करोड़ डोज भारत आ सकती हैं.

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भारत में वैक्सीनेशन को रफ्तार देने के लिए सरकार फाइजर, मॉडर्ना समेत कई विदेशी कंपनियों से बात कर रही है. नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने बताया था कि फाइजर और मॉडर्ना से सरकार की बात चल रही है. 

पिछले महीने ही ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने विदेशी वैक्सीन के लिए नियमों में ढील दी थी. DCGI ने बताया था कि अगर किसी वैक्सीन को अमेरिका, यूरोप, यूके, जापान या डब्ल्यूएचओ से मंजूरी मिल चुकी है, तो उसे भारत में लोकल ट्रायल करने की जरूरत नहीं होगी.

 

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