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भारत में जनवरी 2020 से दिसंबर 2021 तक कोरोना से 40.7 लाख मौतें? लॉन्सेट की रिपोर्ट पर भड़के डॉ. वीके पॉल

लॉन्सेट ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि जनवरी 2020 से दिसंबर 2021 तक दुनिया में सबसे ज्यादा कोरोना से मौतें भारत में हुईं, यहां 40.7 लाख लोगों की कोरोना से जान गई. जबकि भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान कोरोना से 4.89 लाख लोगों ने अपनी जान गंवाई.

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भारत में जनवरी 2020 से दिसंबर 2021 तक कोरोना से 4,89,000 लोगों की मौत हुई.   भारत में जनवरी 2020 से दिसंबर 2021 तक कोरोना से 4,89,000 लोगों की मौत हुई.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • वीके पॉल ने लॉन्सेट की रिपोर्ट पर उठाए सवाल
  • लॉन्सेट ने दावा किया था कि भारत में कोरोना से 40 लाख लोगों की मौत हुई

भारत में कोरोना से मौत के आंकड़ों को लेकर नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने बड़ी बात कही. वीके पॉल ने मंगलवार को कहा कि भारत में 2019 की तुलना में 2020 में मृत्यु पंजीकरण में वृद्धि सिर्फ कोरोना से मौत की वजह से नहीं हुई. इतना ही नहीं उन्होंने कहा, कुछ एजेंसियों द्वारा भारत में कोरोना से मौत की अत्यधिक संख्या प्रकाशित किए जाने को भी रोका जाना चाहिए. 

कोरोना टास्क फोर्स के प्रमुख वीके पॉल ने लॉन्सेट की हालिया रिपोर्ट का जिक्र भी किया. इसमें दावा किया गया है कि भारत में जनवरी 2020 से दिसंबर 2021 के बीच कोरोना से अनुमानित मृत्यु दर्ज रिपोर्ट की तुलना में आठ गुना अधिक है.  

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान भारत में कोरोना से 4,89,000 लोगों की मौत हुई. लॉन्सेट ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि जनवरी 2020 से दिसंबर 2021 तक दुनिया में सबसे ज्यादा कोरोना से मौतें भारत में हुईं, यहां 40.7 लाख लोगों की कोरोना से जान गई. 

सरकार ने सीआरएस रिपोर्ट की जारी

सरकार ने मंगलवार को जन्म और मृत्यु रिपोर्ट के आधार पर नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) रिपोर्ट 2020 जारी की. आरजीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2019 में पंजीकृत मौतों की संख्या 76.4 लाख थी जो 2020 में 6.2 प्रतिशत बढ़कर 81.2 लाख हो गई. 

वीके पॉल ने बताया कि अब जब सभी कारणों से मौतों की वास्तविक संख्या की जानकारी है, तो अनुमानों और मॉडलों पर आधारित अनुमान लगाने का कोई औचित्य नहीं है. उन्होंने बताया कि 2018 की तुलना में 2019 में 6.9 लाख अधिक लोगों की मौत हुई. भारत में हाल ही में कोरोना से हुई मौतों का अनुमान लगाने वाली WHO की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे. इन सबके बीच सीआरएस अध्ययन के नतीजे काफी अहम हैं. 
 
भारत ने कहा था कि इस तरह के गणितीय मॉडलिंग का इस्तेमाल भौगोलिक आकार और जनसंख्या के दृष्टिकोण से इतने बड़े देश के लिए मौत के आंकड़ों का अनुमान लगाने के लिए नहीं किया जा सकता है. उधर, वीके पॉल ने कहा, कोरोना के लिए बने मजबूत निगरानी प्रणाली के आधार पर आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत में 2020 में कोरोना से 1.49 लाख लोगों की मौत हुई. पॉल ने कहा, राज्यों द्वारा मौत की संख्या को भी ठीक से गिना जा रहा है. यह पारदर्शी प्रक्रिया है. 

 

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