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कोरोना संकट के बीच थोक महंगाई पर राहत, मार्च में आई मामूली गिरावट

थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई दर फरवरी के 2.26 प्रतिशत के मुकाबले मार्च में गिरकर एक प्रतिशत रह गई.

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने जारी किए आंकड़े वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने जारी किए आंकड़े

  • थोक महंगाई दर एक प्रतिशत रह गई
  • फरवरी में थोक महंगाई दर 2.26 थी

मार्च के महीने में थोक महंगाई के मोर्चे पर मामूली राहत मिली है. दरअसल, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं. इन आंकड़ों के मुताबिक मार्च में महंगाई दर फरवरी के 2.26 प्रतिशत के मुकाबले गिरकर एक प्रतिशत रह गई.

खाद्य महंगाई मार्च में गिरकर 4.91% रह गई

इस दौरान देश में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है. खाद्य महंगाई मार्च में गिरकर 4.91 प्रतिशत रह गई, जबकि इससे पिछले महीने में यह 7.79 प्रतिशत थी.सब्जियों की महंगाई दर मार्च में गिरकर 11.90 प्रतिशत रह गई, जबकि इससे पिछले महीने में यह 29.97 प्रतिशत थी. हालांकि, इस दौरान प्याज महंगा बना रहा. ईंधन और बिजली उत्पादों में 1.76 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली, जबकि विनिर्मित वस्तुओं की कीमतों में 0.34 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई.

ये पढ़ें- खुदरा महंगाई के मोर्चे पर मिली राहत

लॉकडाउन का आंकड़ों पर असर!

कोरोना वायरस महामारी के चलते 25 मार्च से शुरू हुए देशव्यापी लॉकडाउन का असर इस महीने के दौरान आंकड़े जमा करने पर भी पड़ा है.सरकार की ओर से बताया गया है कि कोरोना वायरस के प्रकोप और लॉकडाउन के कारण आंकड़े स्थायी नहीं हैं. आगे चल कर इन आंकड़ों में उल्लेखनीय परिवर्तन हो सकता है.

खुदरा महंगाई पर भी राहत

इससे पहले खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी हुए थे. मार्च में खुदरा महंगाई दर घटकर 5.91 फीसदी पर आ गई, जबकि फरवरी में खुदरा महंगाई दर 6.58 फीसदी थी. हालांकि इस दौरान पिछले साल खुदरा महंगाई दर महज 2.86 फीसदी थी. दरअसल, खाने-पीने की वस्तुओं के दाम घटने से खुदरा महंगाई दर में यह गिरावट आई है. इस पहले जनवरी तक लगातार 7 महीने महंगाई दर में इजाफा हुआ था.

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