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मुंबई: बीएमसी ने शुरू किया BCG वैक्सीन का ट्रायल, कोरोना में आएगी काम?

बीएमसी अधिकारियों के मुताबिक, बीसीजी वैक्सीन आमतौर पर बच्चों को ट्यूबरक्लोसिस बीमारी में दी जाती है और इसका अन्य सांस से जुड़ी बीमारियों में इस्तेमाल भी फायदेमंद साबित हुआ है.

कोरोना वैक्सीन का ट्रायल शुरू (प्रतीकात्मक तस्वीर) कोरोना वैक्सीन का ट्रायल शुरू (प्रतीकात्मक तस्वीर)

  • बीसीजी वैक्सीन आमतौर पर बच्चों को ट्यूबरक्लोसिस बीमारी में दी जाती है
  • बीसीजी वैक्सीन सावधानी से दी जा सकती है, ये फायदेमंद भी साबित हुई है

कोरोना वायरस के मामले देशभर में बढ़ते जा रहे हैं. लोग कोरोना वैक्सीन का इंतजार भी बेसब्री से कर रहे हैं. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने ICMR-BCG वैक्सीन का ट्रायल शुरू कर दिया है. बीएमसी अधिकारियों के मुताबिक, बीसीजी वैक्सीन आमतौर पर बच्चों को ट्यूबरक्लोसिस बीमारी में दी जाती है और इसका अन्य सांस से जुड़ी बीमारियों में इस्तेमाल भी फायदेमंद साबित हुआ है.

बीएमसी अधिकारियों ने कहा, 'बीसीजी वैक्सीन सावधानी से दी जा सकती है और ये फायदेमंद भी साबित हुई है.' भारत में 1949 से नवजात शिशुओं को Bacille Calmette-Guerin (BCG) दी जा रही है. आईसीएमआर मूल्यांकन करने के लिए एक अध्ययन कर रहा है कि क्या बीसीजी वैक्सीन वास्तव में बुजुर्ग आबादी में कोरोना रोकने में फायदेमंद साबित हो सकता है.

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दुनियाभर में कोरोना के मामले से समझ में आता है कि ये बीमारी बुजुर्ग लोगों को ज्यादा प्रभावित करती है और गंभीर असर डालती है. कोरोना से मरने वालों में भी 60 साल से ज्यादा के लोग हैं. इस स्टडी में कोरोना की गंभीरत और प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने पर पूरी निगाह रखी जाएगी. मुंबई के अलावा ये स्टडी नई दिल्ली, चेन्नई, अहमदाबाद, भोपाल और जोधपुर में भी किया जा रहा है. मुंबई ट्रायल सेठ जीएस मेडिकल कॉलेज, केईएम अस्पताल और बीएमसी के साथ किया जाएगा. इसके लिए विशेष अप्रूवल प्राप्त किया गया है.

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बुजुर्गों के लिए फायदेमंद होगी बीसीजी वैक्सीन?

ये स्टडी 60-75 वर्ष के विभिन्न बुजुर्ग व्यक्ति पर की जाएगी, इसमें शामिल होने वाले लोगों को कोरोना नहीं चाहिए और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां भी नहीं होनी चाहिए. सहमति मिलने के बाद ही किसी को ये वैक्सीन दी जाएगी. प्रतिभागियों को वैक्सीन देने के बाद 6 महीने तक उनकी निगरानी की जाएगी. ये ट्रायल एफ साउथ और जी साउथ वार्ड इलाके में किया जाएगा. बीसीजी ट्रायल में करीब 250 लोग शामिल होंगे और इसे बाद में जरूरत के हिसाब से आगे बढ़ाया भी जा सकता है. इस वार्ड के बुजुर्ग प्रतिभागियों को इसमें हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित भी किया जाएगा.

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अगर बीसीजी वैक्सीन असरदार साबित होती है तो ये बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए एक उम्मीद होगी. ये वैक्सीन बुजुर्ग व्यक्तियों में रोगों की संख्या और मृत्यु दर कम करने में काफी मदद कर सकती है. मुंबई में अबतक 1 लाख 32 हजार 817 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं और 7 हजार 311 लोगों की इस बीमारी से मौत हुई है. 24 घंटे में आर्थिक राजधानी मुंबई में 976 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं और 46 लोगों की कोरोना से मौत हुई है.

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