मुंबई में कोरोना को लेकर हालात बिगड़ते जा रहे हैं. अभी एक दिन पहले ही वहां बीएमसी के डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर की कोरोना की वजह से मौत हो गई. लगातार बढ़ते केस के चलते दिल्ली की तरह मुंबई में भी बेड चर्चा के केंद्र में आ गया है.
बीएमसी कमिश्नर आई.एस चहल ने आजतक को बताया कि फिलहाल मुंबई में 7600 बेड पर कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज हैं. अब हमारे पोर्टल पर 10,400 बेड मौजूद हैं.
आई.एस चहल ने बताया कि हालात को देखते हुए बेड की संख्या बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने जानकारी दी कि अगले 10 दिन में 300 आईसीयू बेड का इंतजाम होने की संभावना है.
महाराष्ट्र में देश के सबसे ज्यादा केस हैं. वहां 90787 लोग वायरस की चपेट में हैं. जबकि 3289 लोगों की जान जा चुकी है. वहीं अकेले मुंबई में संक्रमितों का आंकड़ा 50 हजार के पार पहुंच चुका है. मुंबई में अब तक 1760 लोगों ने जान गंवाई है.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
इस बीच मुंबई के लिए सबसे बड़ी राहत भरी खबर उस जगह से है जो अब तक कोरोना का सबसे बड़ा डेंजर जोन बना था. एशिया के सबसे बड़े स्लम इलाके में शुमार धारावी की गलियों में कोरोना का बरेसा हो गया था. रोज कोई ना कोई जान गंवा रहा था, लेकिन अब वहां तेजी से हालात बदले हैं. संक्रमण कंट्रोल में आने लगा है. सबसे खास बात तो ये कि 1 जून से अब तक धारावी में एक भी मौत नहीं हुई.
बीएमसी कमिश्नर ने ये भी बताया कि मुंबई में केस का डबलिंग रेट कम हुआ है, जो एक राहत की खबर है. साथ ही डेथ रेट भी राष्ट्रीय औसत के बराबर 3 फीसदी के करीब ही है. कमिश्नर ने ये भी बताया कि पिछले 20 दिन के अंदर मुंबई में डायलिसिस न मिलने की वजह से कोई मौत नहीं हुई है.
देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें
कमिश्नर ने बताया कि कोरोना को हराने के लिये हम मुमकिन प्रयास किए जा रहे हैं. प्राइवेट अस्पतालों, क्लीनिक, निर्सिंग होम को भी सीधे टेस्टिंग इजाजत दी गई है ताकि कोरोना से लड़ाई को और आसान बनाया जा सके.