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India Today Healthgiri: गांधी जी के विचारों से प्रेरित है हेल्थगीरी अवॉर्ड्स: मनसुख मांडविया

aajtak.in | नई दिल्ली | 02 अक्टूबर 2021, 9:07 PM IST

दूसरी लहर के दौरान कोरोना ने देश में भारी तबाही मचाई. अस्पतालों में बेड्स की कमी, ऑक्सीजन की कमी की वजह से कितने ही मरीजों की जान चली गई. ऐसे में लोगों को डर सता रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर तो नहीं आएगी? गौतमबुद्ध नगर के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि जब कोरोना आयो तो हम बिल्कुल तैयार नहीं थे. दूसरी लहर आयी, तीसरी लहर आने वाली है. जाहिर सी बात है हमने सबक सीखा. अब बहुत कुछ तैयार कर चुके हैं.

हेल्थवर्कर्स को मिला 'इंडिया टुडे ग्रुप हेल्थगिरी अवॉर्ड्स' हेल्थवर्कर्स को मिला 'इंडिया टुडे ग्रुप हेल्थगिरी अवॉर्ड्स'

दूसरी लहर के दौरान कोरोना ने देश में भारी तबाही मचाई. अस्पतालों में बेड्स की कमी, ऑक्सीजन की कमी की वजह से कितने ही मरीजों की जान चली गई. ऐसे में लोगों को डर सता रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर तो नहीं आएगी? गौतमबुद्ध नगर के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि जब कोरोना आयो तो हम बिल्कुल तैयार नहीं थे. दूसरी लहर आयी, तीसरी लहर आने वाली है. जाहिर सी बात है हमने सबक सीखा. अब बहुत कुछ तैयार कर चुके हैं.

9:07 PM (3 सप्ताह पहले)

बेस्ट ऑक्सीजन डिलिवरी इनिशिएटिव

Posted by :- deepak kumar

बेस्ट ऑक्सीजन डिलिवरी इनिशिएटिव

9:05 PM (3 सप्ताह पहले)

कोरोना काल के दौरान शानदार काम करने वाले सेलिब्रेटी

Posted by :- deepak kumar

कोरोना काल के दौरान शानदार काम करने वाले सेलिब्रेटी

9:03 PM (3 सप्ताह पहले)

कोरोना काल के दौरान बेस्ट एंबुलेंस सर्विस

Posted by :- deepak kumar

कोरोना काल के दौरान बेस्ट एंबुलेंस सर्विस 

9:02 PM (3 सप्ताह पहले)

कोरोना से मुकाबला करने वाला बेस्ट राज्य

Posted by :- deepak kumar

कोरोना से मुकाबला करने वाला बेस्ट राज्य

8:55 PM (3 सप्ताह पहले)

बेस्ट एनजीओ और अन्य हेल्थ केयर सर्विस मुहैया कराने वाला संस्थान

Posted by :- deepak kumar

बेस्ट एनजीओ और अन्य हेल्थ केयर सर्विस मुहैया कराने वाला संस्थान

8:53 PM (3 सप्ताह पहले)

कोविड से मुकाबला करने वाला बेस्ट चैरेटी अस्पताल

Posted by :- deepak kumar

कोविड से मुकाबला करने वाला बेस्ट चैरेटी अस्पताल

8:52 PM (3 सप्ताह पहले)

कोविड से मुकाबला करने वाला बेस्ट सरकारी अस्पताल

Posted by :- deepak kumar

कोविड से मुकाबला करने वाला बेस्ट सरकारी अस्पताल

8:51 PM (3 सप्ताह पहले)

कोविड से मुकाबला करने वाला बेस्ट प्राइवेट अस्पताल

Posted by :- deepak kumar

कोविड से मुकाबला करने वाला बेस्ट प्राइवेट अस्पताल

8:49 PM (3 सप्ताह पहले)

कोविड वैक्सीन के लिए शानादार काम करने वाला संस्थान

Posted by :- deepak kumar

कोविड वैक्सीन के लिए शानादार काम करने वाला संस्थान

8:47 PM (3 सप्ताह पहले)

स्पेशल अवॉर्ड फॉर एन अनसंग हीरो

Posted by :- deepak kumar

स्पेशल अवॉर्ड फॉर एन अनसंग हीरो. ये वे लोग हैं जो चुपचाप कोरोना काल के दौरान काम करते रहे.

8:45 PM (3 सप्ताह पहले)

कोविड 19 के दौरान स्पेशल अवॉर्ड फॉर असिस्टेंस इन लास्ट राइट्स

Posted by :- deepak kumar

कोविड 19 के दौरान स्पेशल अवॉर्ड फॉर असिस्टेंस इन लास्ट राइट्स

8:44 PM (3 सप्ताह पहले)

कोविड 19 के दौरान बेस्ट चाइल्ड केयर एंड सपोर्ट

Posted by :- deepak kumar

कोविड 19 के दौरान बेस्ट चाइल्ड केयर एंड सपोर्ट

8:42 PM (3 सप्ताह पहले)

कोविड 19 के दौरान बेस्ट मेंटल हेल्थ काउसलिंग

Posted by :- deepak kumar

कोविड 19 के दौरान बेस्ट मेंटल हेल्थ काउसलिंग

8:39 PM (3 सप्ताह पहले)

कोविड 19 के दौरान बेस्ट वैक्सीन डिलिवरी प्रोग्राम चलाने वाला प्राइवेट अस्पताल 

Posted by :- deepak kumar

कोविड 19 के दौरान बेस्ट वैक्सीन डिलिवरी प्रोग्राम चलाने वाला प्राइवेट अस्पताल 
नारायणा हेल्थ बेंगलुरु और श्री एचएन हॉस्पिटल ट्रस्ट मुंबई

8:35 PM (3 सप्ताह पहले)

कोविड-19 के दौरान सबसे बढ़िया तरीके से वैक्सीनेशन ड्राइवल चलाने वाला राज्य केरल

Posted by :- deepak kumar

कोविड-19 के दौरान सबसे बढ़िया तरीके से वैक्सीनेशन ड्राइवल चलाने वाला राज्य केरल

8:34 PM (3 सप्ताह पहले)

कोविड-19 के दौरान सबसे बढ़िया तरीके से वैक्सीनेशन ड्राइवल चलाने वाला राज्य गुजरात

Posted by :- deepak kumar

कोविड-19 के दौरान सबसे बढ़िया तरीके से वैक्सीनेशन ड्राइवल चलाने वाला राज्य गुजरात

8:23 PM (3 सप्ताह पहले)

मुंबई के इस अस्पताल में कम रहा डेथ रेट

Posted by :- deepak kumar

मुंबई के टोपीवाला नेशनल मेडिकल कॉलेज और बीवाईएल चैरिटेबल अस्पताल मुंबई ने कोरोना काल के दौरान बेहतरीन काम किया. यहां पर सबसे कम डेथ रेट देखा गया. 

8:20 PM (3 सप्ताह पहले)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के वैज्ञानिकों पर भरोसा किया

Posted by :- deepak kumar

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के वैज्ञानिकों पर भरोसा किया. पीएम के लॉकडाउन के फैसले को पूरे देश ने समर्थन दिया. कोरोना संकट में स्वास्थ्य के महत्व को समझा गया. भारत ने दुनिया के कई देशों की मदद की. भारत ने 123 देशों की मदद की. उन्होंने कहा कि हेल्थगीरी अवॉर्ड्स बेहद महत्वपूर्ण प्रयास है. गांधी जी के विचारों से प्रेरित है हेल्थगिरी अवॉर्ड्स. गांधी जी ने स्वास्थ्य को सही संपत्ति करार दिया था.

8:16 PM (3 सप्ताह पहले)

भारत का वैक्सीनेशन कार्यक्रम महत्वपूर्ण सक्सेस स्टोरी

Posted by :- deepak kumar

इंडिया टुडे ग्रुप के चेयरमैन अरुण पुरी ने कहा कि हमारे पास जश्न मनाने के लिए और भी बहुत कुछ है. भारत का वैक्सीनेशन कार्यक्रम कोरोना महामारी के खिलाफ दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण सक्सेस स्टोरी में से एक रहा है. एक धीमी शुरुआत के बाद, हमने दुनिया के सबसे व्यापक टीकाकरण अभियानों में से एक को शुरू किया है. 1 मार्च से, हमने कोरोना वैक्सीन की 90 करोड़ से ज्यादा खुराकें दी हैं. यह यूरोप की आबादी से भी ज्यादा है. 17 सितंबर को सिर्फ एक दिन में हमने पूरे देश में 2.5 करोड़ से अधिक लोगों को टीका लगाया. यह एक विश्व रिकॉर्ड है. विश्व स्तर पर टीकों का सबसे बड़ा निर्माता होने के अलावा, भारत ने दुनिया की पहली डीएनए वैक्सीन विकसित की है, जिसे 12 साल से ऊपर के सभी लोगों को दिया जा सकता है. प्रधानमंत्री ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा को इस बात की जानकारी दी है. आदरणीय स्वास्थ्य मंत्री ने हमें हाल ही में बताया कि कैसे भारत का लक्ष्य इस महीने से कोरोना वैक्सीन के निर्यात को फिर से शुरू करना है, ताकि हम अपने ग्लोबल कमिटमेंट को पूरा कर सकें. 

माननीय मंत्री जी, हमने ऑनलाइन पब्लिक नामांकन के माध्यम से हेल्थगीरी पुरस्कारों के विजेताओं को चुना है. सभी 18 कैटेगरी में से प्रत्येक के लिए पांच या छह नामों को चुना गया था. जूरी ने विजेताओं का चयन किया और एक स्वतंत्र रिसर्च एजेंसी, एमडीआरए द्वारा उनकी जांच की, उनका सत्यापन किया. इस जूरी में मनीष सभरवाल, चेयरमैन, टीम लीज सर्विसेज लिमिटेड, डॉ श्रीनाथ रेड्डी, अध्यक्ष, पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया, डॉ नरेश त्रेहन, चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर, मेदांता,  डॉ स्वाति पीरामल, वाइस चेयरपर्सन, पीरामल ग्रुप, और मैं स्वयं शामिल था. मैं अपनी जूरी को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने इस काम के लिए समय निकाला. मैं यहां यह बताना चाहता हूं कि हमने पिछले वर्ष सम्मानित हो चुके लोगों के नाम पर विचार नहीं किया, हालांकि उनका शानदार काम जारी है. मेरा मानना है कि आज के विजेता और हेल्थगीरी अवार्ड्स में भाग लेने वाली शख्सियतें ही न्यू इंडिया के सच्चे हीरो और असली चैंपियन हैं. ये हमारा सौभाग्य है कि हमें उनके उत्कृष्ट कार्य को सम्मान देने का मौका मिला. अब मैं माननीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, रसायन और उर्वरक मंत्री मनसुख मंडाविया से आपका परिचय कराना चाहता हूं. श्री मंडाविया गुजरात से राज्यसभा के सदस्य हैं और हमारे सबसे युवा कैबिनेट मंत्रियों में से एक हैं. उन्होंने 2016 में सड़क परिवहन और राजमार्ग, शिपिंग, रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली थी. 2019 में, उन्हें बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार दिया गया था. उन्होंने पिछले साल जनवरी में स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच में भारत का प्रतिनिधित्व किया था. 

वे स्त्री स्वच्छता, महिला अधिकारों के प्रबल समर्थक हैं. उन्हें 'सुविधा सेनेटरी नैपकिन' की उनकी पहल के लिए Menstrual Hygiene Day पर यूनिसेफ ने  'Men for Menstruation' से सम्मानित किया है. इस साल जुलाई में, उन्हें स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री बनाया गया, जहां अन्य कार्यों के अलावा, उन्हें महामारी के खिलाफ सरकार की लड़ाई का नेतृत्व करना है. मंडाविया में साइकलिंग को लेकर गजब का जुनून है, वह संसद तक साइकिल की सवारी करने वाले हमारे चुनिंदा राजनेताओं में से एक हैं. यह पूछे जाने पर कि वह ऐसा क्यों करते हैं, उन्होंने कहा, "यह उनके लिए एक जुनून है, फैशन नहीं". मुझे पता है कि वह उसी जुनून के साथ अपनी नई जिम्मेदारियां निभाएंगे. उनकी कड़ी मेहनत और लोगों की सेवा करने के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए मेरा विश्वास है कि इस देश का 'स्वास्थ्य' अच्छे हाथों में है.
मैं माननीय मंत्री जी का हृदय से स्वागत करता हूं और उनसे मुख्य संबोधन देने का अनुरोध करता हूं.
 

8:13 PM (3 सप्ताह पहले)

कोरोना का मुकाबला करना युद्ध लड़ने जैसा

Posted by :- deepak kumar

उन्होंने आगे कहा कि यह एक तरह का युद्ध था. और इससे मुकाबले के लिए योद्धाओं (warriors) के एक असाधारण समूह की जरूरत थी. देश भर में, हजारों समर्पित पुरुष, महिलाएं और संगठन; दोनों ही तरफ से सरकार में और निजी क्षेत्रों में, हमारे कोरोना योद्धा थे जिन्होंने संकट में फंसे देश के नागरिकों की मदद की. उन्होंने लोगों की देखभाल की, एम्बुलेंस लेकर गए, जरूरतमंदों को मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई की, बच्चों के लिए मदद कार्यक्रम चलाए, मृतकों का अंतिम संस्कार किया और संकट से निपटने में राज्य का पूर्ण सहयोग किया. मुझे खुशी है कि हम गुमनाम नायकों के प्रतिबद्धता भरे इस निस्वार्थ कार्य को पुरस्कृत कर रहे हैं. हालांकि, हर अंधकार के बाद रोशनी आती है. भारत में लगातार 92 दिनों से रोजाना 50,000 से कम मामले सामने आए हैं, कल तो अपने देश में मात्र 26,727 नए कोरोना केस ही आए.  इसके अलावा, साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट, जो कि WHO की सिफारिश के अनुसार 5 प्रतिशत से कम रहना चाहिए, वो भारत में पिछले  94 दिनों से 3% से कम है. और दिल्ली में अब तीन महीने से लगातार 100 से कम पॉजिटिव केस आए हैं. 

इसका नतीजा ये हुआ कि अब देश के प्रमुख शहरों में कोविड के लिए बने अस्पतालों में बहुत कम ही बेड मरीजों से भरे हैं. केरल, जहां कि सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं, वहां अस्पतालों में भर्ती सभी लोगों में से केवल 4% में गंभीर लक्षण थे. अब लगता है कि कोरोना की दूसरी लहर को आखिरकार हमने पीछे छोड़ दिया है. लेकिन हम केवल अपनी रिस्क पर ही लापरवाह हो सकते हैं. हमें सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों का पालन करने और मास्क लगाने की अपनी सुरक्षा को बनाए रखने की आवश्यकता है.