scorecardresearch
 

फ्रांस में कोरोना का कर्फ्यू, घर से बाहर निकलने पर लगेगा 11 हजार रु का जुर्माना

कोरोना वायरस की वजह से फ्रांस में लोग अगर अपने घर से बिना किसी बेहद जरूरी काम के बाहर निकलते हैं तो इसके लिए 135-यूरो का जुर्माना उनपर लगाने का फैसला लिया गया है. इतना ही नहीं घर से बाहर निकलने का उन्हें सटीक कारण भी बताना होगा और इसके साथ ही एक फॉर्म भी भरना होगा.

Advertisement
X
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

  • कोरोना के प्रसार की वजह से फ्रांस का बड़ा फैसला
  • नागरिकों के घर से बाहर निकलने पर लगाई रोक

दुनिया भर में लगातार फैल रहे कोरोना वायरस से अब तक 7 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. इसी क्रम में फ्रांस सरकार ने अपने नागरिकों को इस जानलेवा वायरस से बचाने के लिए बेहद सख्त कदम उठाया है. फ्रांस सरकार ने लोगों के घर से गैर-जरूरी बाहर निकलने पर पूरी तरह बैन लगा दिया है और आदेश को नहीं मानने पर जुर्माना लगाने का भी फैसला लिया है.

कोरोना वायरस की वजह से फ्रांस में लोग अगर अपने घर से बिना किसी बेहद जरूरी काम के बाहर निकलते हैं तो इसके लिए 135-यूरो यानी कि करीब 11 हजार रुपये (10,971.38 रुपये) का जुर्माना उनपर लगाने का फैसला लिया गया है. इतना ही नहीं घर से बाहर निकलने का उन्हें सटीक कारण भी बताना होगा और इसके साथ ही एक फॉर्म भी भरना होगा.

Advertisement

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक दोपहर 12 बजे स्थानीय समय (सुबह 11 बजे जीएमटी) से घर से बाहर निकलने पर किसी भी व्यक्ति को फॉर्म पर स्वीकृत पांच कारणों में से एक को बताना होगा और उसका प्रमाण अपने पास रखना होगा.

जिन पांच कारणों को इस पाबंदी से छूट दी गई है उसमें आवश्यकताओं के लिए अधिकृत दुकान जाना, स्वास्थ्य कारणों के लिए यात्रा, परिवार के लिए तत्काल कारणों से यात्रा, कमजोर या बच्चे की देखभाल के लिए और व्यक्तिगत आधार पर व्ययाम के लिए घर के करीब जाना शामिल है.

जो फॉर्म नागरिकों को भरना होगा उसका नाम 'अटैचमेंट डी डेप्लेमेंट डार्गैटोएयर' रखा गया है जिसे वहां के आंतरिक मामलों के मंत्रालय की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है. हालांकि लोगों को सादे कागज पर भी बाहर जाने का कारण बताने की सुविधा दी गई है. इसे एक शपथ पत्र माना जाएगा.

इस फैसले को लेकर आंतरिक मंत्री क्रिस्टोफ कास्टानेर ने कहा कि अपराधियों के लिए जुर्माना जल्द ही 135 यूरो ($ 150) निर्धारित किया जाएगा. इसके साथ ही इसे ठीक से लागू करने के लिए 100,000 सिविल सेवकों और सैनिकों को पूरे देश में तैनात किया जाएगा.

बता दें कि कोरोना की वजह से चीन में 3,226, इटली में 2158, ईरान में 853, स्पेन में 342, फ्रांस में 148, दक्षिण कोरिया में 81, अमेरिका में 87, ब्रिटेन में 55, नीदरलैंड में 24, जर्मनी में 17, स्विट्जरलैंड में 19, नीदरलैंड में 20 और जापान में 24 लोगों की मौत हो गई है.

Advertisement
Advertisement