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पत्नी-बेटी संग कोरोना अस्पताल में फर्ज निभा रहे डॉक्टर महबूब खान, पड़ोसियों से मिला सम्मान

महबूब खान हैदराबाद के चेस्ट हॉस्पिटल में मेडिकल सुपरिनटेंडेट हैं. कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद सरकार ने इस अस्पताल को कोविड अस्पताल घोषित किया है, जहां कोरोना मरीजों का इलाज किया जा रहा है. डॉक्टर खान इस मुश्किल वक्त में लगातार अस्पताल में अपनी सेवायें दे रहे हैं और कोरोना को हराने की हर मुमिकन कोशिश कर रहे हैं.

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डॉक्टर पत्नी और बेटी के साथ महबूब खान
डॉक्टर पत्नी और बेटी के साथ महबूब खान

  • कोरोना अस्पताल में डॉक्टर महबूब कर रहे ड्यूटी
  • पत्नी और बेटी भी अस्पताल में निभा रहीं फर्ज
  • पड़ोसियों ने पूरे परिवार को किया सम्मानित

कोरोना वॉरियर्स के सम्मान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर पूरा देश नतमस्तक है. देशवासियों ने पहले थाली-ताली बजाकर इन वीरों का हौसला बढ़ाया तो रात में दीये जलाकर पूरी दुनिया को सत्कार की रोशन तस्वीर भी दिखायी. इज्जत देने के मामले में सेना भी पीछे नहीं रही और आसमान से अस्पतालों पर फूलों की बारिश की गई. ऐसे ही कोरोना वीरों की भूमिका निभा रहे एक डॉक्टर परिवार का हैदराबाद में जब उनके पड़ोसियों ने स्वागत किया तो सब भावुक हो गये.

ये किस्सा है डॉक्टर महबूब खान का. महबूब खान हैदराबाद के चेस्ट हॉस्पिटल में मेडिकल सुपरिनटेंडेट हैं. कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद सरकार ने इस अस्पताल को कोविड अस्पताल घोषित किया है, जहां कोरोना मरीजों का इलाज किया जा रहा है. डॉक्टर खान इस मुश्किल वक्त में लगातार अस्पताल में अपनी सेवायें दे रहे हैं और कोरोना को हराने की हर मुमिकन कोशिश कर रहे हैं.

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लेकिन इस लड़ाई में डॉक्टर महबूब खान अकेले नहीं, बल्कि पूरे परिवार के साथ जुटे हुये हैं. महबूब खान की पत्नी शाहीना खान और बेटी रशिका खान भी डॉक्टर हैं. 48 साल की डॉक्टर शाहीना हैदराबाद के गांधी अस्पताल में पिछले 25 साल से अपनी सेवायें दे रही हैं. गांधी अस्पताल को भी कोविड 19 हॉस्पिटल बनाया गया है. लिहाजा, शाहीना खान कोरोना संक्रमितों के बीच भी अपना फर्ज निभा रही हैं.

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महबूब और शाहीना खान तो लंबे समय से इस पेशे में हैं लेकिन हाल ही में एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाली उनकी 22 साल की बेटी रशिका खान भी कोरोना से जंग में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही हैं. रशिका भी कोविड 19 अस्पताल में प्रैक्टिस कर रही हैं.

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डॉक्टर महबूब खान के परिवार के इसी योगदान ने उनके पड़ोसियों को भी सम्मान देने के लिये मजबूर कर दिया और पड़ोसियों ने न सिर्फ उनके लिये फूल बरसाये बल्कि शॉल ओढ़ाकर उनके जज्बे को सलाम किया.

पड़ोसियों की तरफ ऐसा इस्तकबाल देखकर खान परिवार बेहद भावुक हो गया. 56 साल के महबूब खान ने अपने करियर में तमाम उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन जब उन्होंने पड़ोसियों से ऐसी इज्जत पाई तो बेहद भावुक हो गये. डॉक्टर खान के परिवार में एक सबसे छोटा बेटा 22 वर्षीय रेहम खान है. रेहम भी मेडिकल की तैयारी कर रहा है. यानी पूरा परिवार मेडिकल सेवा से जुड़ा है.

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डॉक्टर महबूब खान के अलावा गांधी अस्पताल के सुपरिनटेंडेंट डॉक्टर राजा राव का भी उनके पड़ोसियों ने दिल खोलकर वेलकम किया. जबकि गांधी अस्पताल ही नर्स बी. शीतल सुहासिनी को भी उनके अपार्टमेंट में फूलों की माला पहनाकर और शॉल देकर सम्मानित किया गया.

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