scorecardresearch
 

दिल्ली में कोरोना हुआ खतरनाक, पिछले 24 घंटे में 6 लोगों की मौत, संक्रमण दर 10 फीसदी के पार

दिल्ली में कोरोना को लेकर चिंताजनक खबर सामने आई है. मामले कम होने के बावजूद भी संक्रमण दर 10 फीसदी के पार चला गया है. कम टेस्टिंग ने भी राजधानी में चुनौती को बढ़ा दिया है.

X
दिल्ली कोरोना अपडेट दिल्ली कोरोना अपडेट
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली में कम टेस्टिंग, लेकिन संक्रमण दर ज्यादा
  • पाबंदी लगाने पर जोर नहीं, टीकाकरण पर फोकस

दिल्ली में कोरोना के मामलों में कुछ कमी देखने को मिली है, लेकिन मौत का आंकड़ा बढ़ गया है. पिछले 24 घंटे में 1060 मामले दर्ज किए गए हैं और 6 लोगों की मौत हुई है. चिंता की बात ये है कि संक्रमण दर 10 फीसदी के भी पार चला गया है. 

अभी दिल्ली में पॉजिटिविटी रेट 10.09% पर पहुंच गया है. पिछले कुछ दिनों से ये आंकड़ा 6 से 7 फीसदी के बीच में चल रहा था. ऐसे में एक दिन में ही संक्रमण दर में बड़ा उछाल देखने को मिला है. मामलों की बात करें तो कल राजधानी में कोरोना के 1530 केस सामने आए थे. आज सोमवार को ये आंकड़ा 1060 पर रह गया है. अब कम केस राहत दे सकते हैं, लेकिन टेस्टिंग का आंकड़ा भी उत्साह बढ़ाने वाला नहीं है.

पिछले 24 घंटे में दिल्ली में कोरोना के सिर्फ 10,506 टेस्ट किए गए हैं. यहां भी आरटीपीसीआर की संख्या 9,176 रही है तो एंटीजन का आंकड़ा 1,330 दर्ज किया गया है. ऐसे में कम टेस्टिंग के बावजूद भी संक्रमण दर 10 फीसदी के ऊपर चला गया है, जो संकेत देता है कि कोरोना लोगों के बीच में फिर तेजी से पैर पसार रहा है. वैसे कोरोना की स्पीड तो महाराष्ट्र में भी तेज चल रही है. वहां पर केस भी बढ़ रहे हैं और मौत का आंकड़ा भी डरा रहा है.

सोमवार को महाराष्ट्र में कोरोना के 2354 नए मरीज सामने आए हैं और 2 मरीजों की मौत हुई है. चिंता वाला ट्रेंड ये है कि पिछले 8 दिन में 18 मरीजों की मौत हो चुकी है. आंकड़े बताते हैं कि देश में तीन हफ्तों से वीकली केस बढ़ते जा रहे हैं. 30 मई से 5 जून के हफ्ते में देशभर में कोरोना के 25 हजार 586 मामले सामने आए थे. जबकि, 6 जून से 12 जून के बीच 48 हजार 766 मामले सामने आए थे. वहीं, 13 से 19 जून के बीच 79 हजार 372 मरीज मिले हैं. वीकली केस का ये आंकड़ा फरवरी के बाद सबसे ज्यादा है. 

वैसे इस बार कोरोना के मामलों में तेजी के बावजूद भी पाबंदियां नहीं लगाई जा रही हैं. एक्सपर्ट मान रहे हैं कि मामले जरूर ज्यादा आ रहे हैं, लेकिन अस्पताल में भर्ती हो रही मरीजों की संख्या कम है. इसका एक बड़ा कारण टीकाकरण माना जा रहा है. पिछली लहरों की तुलना में अब देश में ज्यादातर लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है, जिस वजह से संक्रमित होने पर भी ज्यादा गंभीर लक्षण दिखाई नहीं पड़ रहे हैं.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें