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दिल्ली में कोरोना की खतरनाक रफ्तार, 24 घंटे में 1797 मामले, संक्रमण दर 8% के पार

दिल्ली में कोरोना के मामले तेज गति से बढ़ने लगे हैं. पिछले 24 घंटे में राजधानी में कोरोना के 1797 मामले सामने आए हैं. संक्रमण दर में भी बड़ा इजाफा हुआ है जो अब आठ फीसदी के भी पार चली गई है.

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दिल्ली में कोरोना की रफ्तार ने डराया दिल्ली में कोरोना की रफ्तार ने डराया
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली में लगातार चौथे दिन मामले हजार पार
  • ओमिक्रॉन के सबवैरिएंट को माना जा रहा जिम्मेदार

राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामले फुल स्पीड से बढ़ने लगे हैं. पिछले 24 घंटे में दिल्ली में कोरोना के 1797 मामले सामने आ गए हैं, एक मरीज की मौत भी हुई है. संक्रमण दर भी आठ फीसदी के पार चली गई है. अभी दिल्ली में पॉजिटिविटी रेट 8.18 फ़ीसदी है.

गुरुवार को दिल्ली में कोरोना के 1323 मामले सामने आए थे, ऐसे में एक दिन के अंदर ही मामलों में बड़ा उछाल देखने को मिल गया है. आंकड़े बताते हैं कि राजधानी में अभी सक्रिय कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 4843 हो चुकी है. वहीं कंटेन्मेंट जोन्स का आंकड़ा भी 190 पर पहुंच गया है. दिल्ली में पिछले कई दिनों से लगातार कोरोना मामले हजार पार चल रहे हैं. अस्पतालों में मरीजों की संख्या तो ज्यादा नहीं बढ़ी है, लेकिन बढ़ते मामलों ने एक बार फिर सरकार को चिंता में डाला है.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक मामले जरूर ज्यादा सामने आ रहे हैं, लेकिन किसी में भी गंभीर लक्षण नहीं है, उन्हें अस्पताल में भी एडमिट करने की जरूरत नहीं पड़ रही है. इसी वजह से सरकार भी लोगों से पैनिक ना करने की अपील कर रही है. वहीं जो मामले सामने आ भी रहे हैं, उसमें ओमिक्रॉन के सबवैरिएंट के ज्यादा केस देखने को मिल रहे हैं. जानकारों की माने तो उसी वजह से दिल्ली में एक सप्ताह के भीतर मामले तीन गुना तक बढ़ गए हैं.

दिल्ली के अलावा महाराष्ट्र, हरियाणा, कर्नाटक और केरल में भी कोरोना के मामलों में तेजी दर्ज की गई है. देश में आने वाले कुल मामलों में 81.37 फीसदी अकेले इन पांच राज्यों से सामने आए हैं. अकेले महाराष्ट्र से 33.12 फीसदी मामले दर्ज किए गए हैं. पूरे देश की बात करें तो पिछले 24 घंटे में कोरोना के 12,847 नए मामले सामने आए और 14 लोगों की मौत हुई. अभी देश में सक्रिय मरीजों की संख्या 63 हजार के पार हो गई है. कुल एक्टिव मरीज 63,063 हैं.

अब मामलों के अचानक से बढ़ने पर टीकाकरण पर फिर ज्यादा जोर दिया जा रहा है. केंद्र सरकार को सुझाव दिया गया है कि बूस्टर डोज के अंतराल को 9 की जगह 6 महीने कर दिया जाए. अभी तक दोनों डोज लगने के बाद बूस्टर के लिए 9 महीने तक इंतजार करना पड़ता है. लेकिन उसी अंतराल को 6 महीने करने की मांग हो रही है. सरकार ने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन आने वाले दिनों में कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है.

बच्चों की वैक्सीन को लेकर भी भारत में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं. अमेरिका में तो 6 महीने से ऊपर के सभी बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन अनिवार्य कर दी गई है. वहां पर फाइजर और मॉडर्ना को सरकार की तरफ से हरी झंडी दिखाई गई है.

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