कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव की वजह से अब धार्मिक एक्टिविटी भी रोकी जा रही है. हरिद्वार के डीएम सी रविशंकर ने 31 मार्च तक के लिए ऐतिहासिक व विख्यात 'हर की पौड़ी' तट पर होने वाली गंगा महाआरती में आम लोगों की एंट्री पर पाबंदी लगा दी है. हालांकि इस दौरान गंगा आरती जारी रहेगी और जो भी श्रद्धालु इस देखना चाहते हैं वो इसका लाइव प्रसारण देख पाएंगे. इससे पहले पौड़ी जिले के सभी प्रमुख मंदिरों में भी सामूहिक आरती पर रोक लगा दी गई थी.
ऋषिकेश में परमार्थ निकेतन पर होने वाली आरती को भी 31 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. इस दौरान योग शिविरों पर भी रोक रहेगी. वहीं त्रिवेणी घाट पर लगने वाली भव्य आरती को भी छोटा कर दिया गया है. आरती में शामिल होने के लिए थर्मामीटर की जांच से गुजरना होगा. शरीर का तापमान 100 डिग्री फारेनहाइट से ऊपर होने पर आरती स्थल पर प्रवेश नहीं किया जा सकता है.
श्री गंगा सभा के अध्यक्ष चंद्रशेखर शर्मा ने कहा, "त्रिवेणी घाट पर आरती स्थल के आसपास भीड़ को एकत्र होने से रोक दिया गया है. वहां स्कैनिंग की व्यवस्था भी की गई है."
परमार्थ निकेतन के प्रबंधक राम अनंत तिवारी ने कहा, "आश्रम के दोनों प्रवेश द्वार पर सेनेटाइजर की व्यवस्था की गई है."
डीएम पौड़ी और देहरादून के निर्देशों के बाद ही यह व्यवस्था लागू की गई है.
अपर सचिव एवं नमामि गंगे कार्यक्रम निदेशक उदयराज सिंह के अनुसार, जलशक्ति मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार अग्रिम आदेशों तक आयोजन स्थगित किए गए हैं.
उधर, राज्य में जिम कॉर्बेट व राजाजी समेत सभी छह राष्ट्रीय उद्यान, सात अभयारण्य, चार कंजर्वेशन रिजर्व व दोनों चिड़ियाघर भी 31 मार्च तक बंद कर दिए गए हैं.
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जाहिर है कोरोना वायरस के प्रभाव को कम करने के लिए लोगों को भीड़-भाड़ वाले इलाके में जाने से मना किया गया है. इतना ही नहीं लोगों को आपस में दूरी रखने की भी सलाह दी जा रही है. जिससे कि संक्रमण को रोका जा सके.