देश में कोरोना वायरस की बेकाबू होती रफ्तार, हर रोज आते 10 हजार से ज्यादा केस और अनलॉक की प्रक्रिया के बीच आज और कल का दिन काफी अहम होने वाला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार और बुधवार को देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से क्रमश: चर्चा करेंगे. पहले चरण की बात शुरू हो गई है, जिसमें 21 मुख्यमंत्री हिस्सा ले रहे हैं.
दो राउंड में होने वाली बातचीत के पहले हिस्से में आज जिन 21 राज्यों के मुखियाओं से बात होनी है, उन राज्यों में अभी कोरोना वायरस के कम मामले हैं.
इन राज्यों में पंजाब, असम, केरल, उत्तराखंड, झारखंड, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, गोवा, मणिपुर, नगालैंड, लद्दाख, पुडुचेरी, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, अंडमान-निकोबार, दादर-नगर हवेली दमन-दीव, सिक्किम और लक्षद्वीप शामिल हैं. ऐसा नहीं हैं कि इन मामलों में अधिक केस नहीं हैं, लेकिन बाकी राज्यों के मुकाबले कम मामले हैं.
16 जून को होने वाली बैठक में कई मुख्यमंत्री अपनी बात रखेंगे, इनका क्रम इस प्रकार होगा
पंजाब
त्रिपुरा
गोवा
अरुणाचल प्रदेश
अंडमान निकोबार
दादरा-नागर हवेली
लक्षद्वीप
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इसके अलावा बातचीत का एक दूसरा चरण बुधवार को होगा, जिनमें दिल्ली-महाराष्ट्र-तमिलनाडु-राजस्थान-उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे. देश में कोरोना वायरस के कुल मामलों में से करीब 70 फीसदी मामले ऐसे ही राज्यों से सामने आ रहे हैं. जिनमें दिल्ली-मुंबई-चेन्नई-अहमदाबाद जैसे शहर महत्वपूर्ण हैं.
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बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले लॉकडाउन से लेकर अबतक करीब पांच बार सभी मुख्यमंत्रियों से चर्चा करते आए हैं. अनलॉक 1 की प्रक्रिया शुरू होने से पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसी बात की थी, जिसके बाद राज्यों को अधिक अधिकार दिए गए थे.
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अब जब देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और इकॉनोमी लगभग खुल गई है तो किस तरह दोहरी चुनौती से निपटा जाए और केसों को काबू किया जाए इसपर मंथन हो सकता है.
पिछले करीब एक हफ्ते से देश में रोज दस हजार केस आ रहे हैं, दो दिनों में तो रोज 11-11 हजार मामले सामने आए हैं. अगर देश में कुल केस की बात करें तो 3.32 लाख से अधिक मामले हो चुके हैं, जबकि 9 हजार से अधिक लोगों की मौत भी हो चुकी है. बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़े अधिकारियों के साथ मौजूदा हालात पर चर्चा की थी, जिसमें दिल्ली समेत अन्य प्रभावित इलाकों पर मंथन हुआ था.
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