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कोरोना फिर कहर मचाने लगा, दुनियाभर में 2 करोड़ एक्टिव मरीज, रोज 6 लाख से अधिक नए केस

दुनियाभर में कोरोना की रफ्तार फिर बढ़ने लगी है. बीते कुछ दिन से हर रोज औसतन 6 लाख नए मरीज सामने आ रहे हैं. भारत में भी कोरोना की रफ्तार डराने लगी है. WHO के मुताबिक, कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट अब भी हावी बना हुआ है. इसका सब-वैरिएंट BA.5 तेजी से फैल रहा है, जिस कारण मामले बढ़ रहे हैं.

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दुनियाभर में कोरोना के अब तक करीब 60 करोड़ मामले सामने आ चुके हैं. (फाइल फोटो-AP/PTI) दुनियाभर में कोरोना के अब तक करीब 60 करोड़ मामले सामने आ चुके हैं. (फाइल फोटो-AP/PTI)

Coronavirus in World: कोरोना एक बार फिर कहर बरपाने लगा है. दुनियाभर में नए मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं. कोरोना का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या भी 2 करोड़ के करीब पहुंच गई है. कोरोना की रफ्तार इसलिए डराने वाली है, क्योंकि वैक्सीनेशन के बावजूद संक्रमित बढ़ते जा रहे हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, दुनियाभर में ओमिक्रॉन और उसके सब-वैरिएंट्स ने संक्रमण को बढ़ा दिया है. कोरोना पर WHO की रिपोर्ट बताती है कि 8 जुलाई से 8 अगस्त के बीच दुनियाभर में 1.75 लाख सैम्पल की सिक्वेंसिंग की गई, जिनमें से 1.74 लाख यानी 99% में ओमिक्रॉन पाया गया था.

99% मरीजों में हल्के लक्षण

- worldometers के मुताबिक, अब तक दुनियाभर में कोरोना के 59.71 करोड़ मामले सामने आ चुके हैं और 64.59 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. कुछ दिनों से नए मामलों में गिरावट जरूर आ रही है, लेकिन फिर भी हर दिन औसतन 6 लाख नए मामले सामने आ रहे हैं. 

- worldometers के आंकड़े बताते हैं कि इस समय 1.94 करोड़ से ज्यादा एक्टिव मरीज हैं. हालांकि, राहत की बात ये है कि 99% से ज्यादा मरीजों में हल्के लक्षण हैं, जबकि 44 हजार से ज्यादा मरीज ऐसे हैं जो गंभीर रूप से बीमार हैं.

क्यों बढ़ रहा है कोरोना?

- पिछले साल नवंबर में साउथ अफ्रीका में कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट मिला था. इसके बाद से ओमिक्रॉन में लगातार म्यूटेशन हो रहे हैं. लगातार म्यूटेशन की वजह से इसके कई सब-वैरिएंट्स भी सामने आ चुके हैं.

- अब ओमिक्रॉन और उसके सब-वैरिएंट्स ही संक्रमण बढ़ा रहे हैं. WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में इस समय ओमिक्रॉन का BA.5 सब-वैरिएंट हावी बना हुआ है और संक्रमण बढ़ा रहा है. जबकि, इसके बाकी सब-वैरिएंट्स BA.4, BA.2.12.1 और BA.2 में कमी आ रही है.

- WHO के मुताबिक, BA.5 तेजी से फैल रहा है और हफ्तेभर में इसके मामलों में एक फीसदी का उछाल आ गया. 10 अगस्त को आई सिचुएशन रिपोर्ट बताती है कि एक हफ्ते में BA.5 के मामले 68.9% से बढ़कर 69.7% पर आ गए.

- BA.5 समेत ओमिक्रॉन के और दूसरे सब-वैरिएंट्स नैचुरल इन्फेक्शन और वैक्सीन से बनी इम्युनिटी को चकमा देने में सक्षम हैं. इनसे संक्रमित होने पर गंभीर बीमारी तो नहीं हो रही है, लेकिन ये ज्यादा संक्रामक है. 

भारत में क्यों बढ़ रहे मामले?

- भारत में भी कोरोना की रफ्तार डराने लगी है. यहां भी ओमिक्रॉन और उसके सब-वैरिएंट्स की वजह से ही संक्रमण बढ़ रहा है. भारत में BA.2, BA.2.38, BA.4 और BA.5 से संक्रमण बढ़ रहा है. इनके अलावा एक और नया सब-वैरिएंट BA.2.75 भी टेंशन बढ़ा रहा है.

- दिल्ली के LNJP अस्पताल में हुई स्टडी में आधे मरीज BA.2.75 से संक्रमित मिले हैं. ये स्टडी 90 मरीजों पर हुई थी और इनमें से आधे BA.2.75 से संक्रमित मिले थे. हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि ये सब-वैरिएंट्स कम गंभीर है और मरीज 5 से 7 दिन में रिकवर हो जा रहे हैं.

- BA.2.75 के साथ सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि इसमें 9 म्यूटेशन हैं और ये सभी नए म्यूटेशन हैं. इसलिए ये नैचुरल इन्फेक्शन के साथ-साथ वैक्सीन से बनी इम्युनिटी को भी मात दे सकता है. एक्सपर्ट का कहना है कि जब तक ऑक्सीजन की मांग और मौतों की संख्या न बढ़ने लगे, तब तक चिंता की बात नहीं है.

 

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