scorecardresearch
 

ममता सरकार का बड़ा फैसला, कोरोना मरीजों का निजी अस्पतालों में होगा मुफ्त इलाज

पश्चिम बंगाल में फिलहाल कोरोना के 334 एक्टिव केस हैं, जबकि 15 लोगों की मौत हुई है. पिछले 24 घंटे में 58 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं.

Advertisement
X
फाइल फोटो-पीटीआई
फाइल फोटो-पीटीआई

  • इलाज का सारा खर्च राज्य सरकार उठाएगी
  • पिछले 24 घंटे में 58 नए मामले सामने आए

कोरोना के खिलाफ जारी जंग के बीच पश्चिम बंगाल में ममता सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. अब राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों का प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त इलाज होगा. इलाज के दौरान जो भी खर्चा आएगा, उसे राज्य सरकार वहन करेगी.

बंगाल में अब तक 334 एक्टिव केस हैं, जबकि 15 लोगों की मौत हुई है. पिछले 24 घंटे में 58 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. हाल ही में सीएम ममत बनर्जी ने कोरोना को लेकर केंद्र सरकार द्वारा इंटर मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम (IMCT) भेजने का विरोध किया था.

सीएम ने कहा था कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से अपील करती हैं कि केंद्र टीम भेजने का आधार बताए, तबतक वे इस दिशा में आगे कोई कदम नहीं बढ़ा पाएंगी. ममता ने केंद्र के इस कदम को देश की संघीय भावना के खिलाफ बताया था.

Advertisement

गौरतलब है कि कोरोना वायरस पर अब पश्चिम बंगाल में खुलकर राजनीति चल रही है. इस सियासी वार में बीते दिनों पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ भी कूद पड़े थे. राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी संविधान को नहीं मानती हैं, और वे खुद को कानून समझती हैं.

CMC के डॉक्टरों ने लगाया था आरोप

कलकत्ता मेडिकल कॉलेज (CMC) के 7 डॉक्टरों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी. बुधवार CMC के 200 से ज्यादा जूनियर डॉक्टर्स ने एक खुली चिट्ठी में प्रबंधन पर Covid-19 संदिग्धों को लेकर खराब मैनेजमेंट का आरोप लगाया था.

कोरोना पर फुल कवरेज के लि‍ए यहां क्ल‍िक करें

कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...

एशिया के इस पहले मेडिकल कॉलेज में कार्यरत जूनियर डॉक्टर्स का कहना था कि ये संस्थान स्थिति की खराब हैंडलिंग की वजह से हेल्थ वर्कर्स और मरीजों के लिए खतरनाक जोन बन गया है.

Advertisement
Advertisement