पूरा देश कोरोना के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में जुटा हुआ है. कोरोना को हराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 21 दिनों का देशव्यापी लॉकडाउन जारी है. इस दौरान कई संस्थाएं लोगों के बीच राहत सामग्री बांट रही हैं. ऐसे ही एक संगठन को बलिया जिला प्रशासन ने नोटिस भेजा है और पूछा है कि लॉकडाउन के मानकों का पालन न करने के लिए क्यों न उनके खिलाफ एक्शन लिया जाए.
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बलिया में सामाजिक संस्था युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह को प्रशासन ने नोटिस जारी किया है. जिला प्रशासन ने कहा है कि रोहित सिंह सोशल डिस्टेंसिंग में बाधा बन रहे थे. प्रशासन ने उन्हें चेतावनी दी है और पूछा है कि क्यों उनके खिलाफ आपदा अधिनियम, एपिडेमिक डिजिज एक्ट,1897 और उत्तर प्रदेश महामारी कोविड- 19 विनियमावली 2020 के तहत उनके ऊपर कार्रवाई न की जाए.
लॉकडाउन के मानकों का पालन नहीं
इधर रोहित कुमार सिंह की मानें तो लॉकडाउन के दौरान उनकी संस्था बलिया में जरूरतमंदों को खाने के साथ-साथ मास्क और सैनिटाइजर इत्यादि उपलब्ध करा रही थी. लेकिन जिला प्रशासन के द्वारा उनको इस बात का नोटिस दिया गया कि उनका यह कार्य लॉकडाउन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों को पूरा नहीं कर रहा है.
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युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा कि उनकी संस्था 20 मार्च से ही बलिया के सुदूर देहात में मास्क, साबुन, सैनिटाइजर, साड़ी, कपड़ा और भोजन बांट रही है.
प्रशासन को देंगे लिखित जवाब
उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोज लोगों से जरूरतमंदों की मदद की अपील कर रहे हैं और युवा चेतना उस समय से मदद कर रही है, जब देश में कोरोना के नाम पर कोई चर्चा नहीं थी. रोहित कुमार सिंह का कहना है कि तय अवधि के अंदर उनके वकील द्वारा जिला प्रशासन को लिखित स्पष्टीकरण उपलब्ध करा दिया जाएगा.
प्रशासन ने रद्द किए कई पास
बता दें कि उत्तर प्रदेश के चंदौली, गाजीपुर और बलिया सहित तमाम जनपदों में लॉक डाउन के दौरान जरूरतमंदों को भोजन पैकेट और राशन सामग्री उपलब्ध कराने वाली सामाजिक संस्थाओं और इस कार्य में व्यक्तिगत रूप से रुचि लेनेवाले कई लोगों का पास जिला प्रशासन ने निरस्त कर दिया है.
पास का हो रहा था गलत इस्तेमाल
सूत्रों की मानें तो ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि सरकार को इस तरह की जानकारी मिल रही थी कि भोजन और भोजन सामग्री पहुंचाने के लिए जारी किए गए पास के नाम पर कई लोग इसका दुरुपयोग कर रहे थे.
प्रदेश के चंदौली में भी ऐसे तमाम सामाजिक संस्थाओं और व्यक्तिगत रूप से बनाए गए युवाओं के ग्रुप को पास जारी किया गया था लेकिन जिला प्रशासन ने इन सभी अनुमति पत्रों को निरस्त कर दिया है.