दिल्ली के हिंदू राव अस्पताल में कार्यरत डॉ. पीयूष पुष्कर सिंह को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है. डॉ. पुष्कर पर आरोप है कि उन्होंने 14 मार्च को बाड़ा हिंदू राव अस्पताल के ऑर्थो इमरजेंसी वार्ड का एक वीडियो फेसबुक पेज पर अपलोड किया था. इसी वजह से अस्पताल प्रशासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है. डॉ. पुष्कर ऑर्थोपेडिक विभाग में डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) कोर्स की पढ़ाई कर रहे थे.
उत्तरी नगर निगम दिल्ली के महापौर अवतार सिंह ने डॉक्टर के हटाए जाने को लेकर कहा, 'डॉ. पुष्कर को पिछले दो महीनों से चेतावनी दी जा रही थी. लेकिन वो कारपोरेशन को बदनाम कर रहे थे. जिस केस की इन्होंने वीडियो में बात की है वो कोरोना से पहले का है. जांच कमिटी ने अपने फैसले में यह बात कही है. हम डॉक्टर्स के खिलाफ नहीं उनके साथ हैं.'
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वहीं दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि असल में यह पूरा मामला पीपीई किट की शिकायत को लेकर है. डॉ. पीयूष पुष्कर सिंह को फेसबुक लाइव कर अस्पताल की शिकायत करना भारी पड़ा. क्योंकि शिकायत के बाद उन्हें जब किट समेत तमाम सुरक्षा उपकरण मिले तो उन्होंने इसे दूसरे डॉक्टर्स में वितरित कर दिया. यह बात अस्पताल प्रशासन को नगवार गुजरी. मौजूदा समय नर्सिंग स्टाफ की सुरक्षा बढ़ाने के लिए है, ना कि उन्हें टर्मिनेट करने के लिए. इस तरह के फैसलों से स्टाफ का मनोबल टूटेगा.
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मलका गंज काउंसलर गुड्डी देवी जाटव ने कहा, 'सोशल मीडिया के माध्यम से उन्होंने किट की डिमांड की. हम एक तरफ उन्हें कोरोना योद्धा कह रहे हैं वहीं दूसरी तरफ उन्हें नौकरी से हटा रहे हैं. यह डॉ़क्टर्स का मनोबाल तोड़ने वाला है. इससे सफाई कर्मचारियों का मनोबल भी टूटेगा. डॉक्टर्स और नर्स स्टाफ को समय पर सैलरी तक नहीं मिल रही है.