scorecardresearch
 

कैसे जाएगा कोरोना? 4 करोड़ लोगों ने पहली, तो 7 करोड़ ने वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं लगवाई

कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है. लेकिन कोरोना के मन से कोरोना का डर कम हो गया है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह वजह है कि लोगों का वैक्सीन के प्रति उत्साह कम हो गया है. यही वजह है कि काफी लोग कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं.

X
फाइल फोटो फाइल फोटो

देश में बुधवार को कोरोना के एक्टिव केस बढ़कर 1.45 लाख पुहंच गए. कोरोना के खिलाफ जंग में वैक्सीन को ही सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है. इसके बावजूद देश में अभी भी तमाम ऐसे लोग हैं, जो वैक्सीन के लिए आगे न आकर खुद को खतरे में रख रहे हैं साथ ही सरकार की भी चिंता बढ़ा रहे हैं. देश में करीब 4 करोड़ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की एक भी डोज नहीं लगवाई है. जबकि 7 करोड़ लोगों ने वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं ली. इतना ही नहीं 25 जुलाई तक 18 साल से ऊपर के करीब 69 लाख पात्र लोगों ने कोरोना का बूस्टर डोज नहीं लगवाया है. 

भारत में 18 साल से ऊपर के सभी लोगों के लिए वैक्सीन की बूस्टर डोज की अनुमति दी गई थी. 15 जुलाई को सरकार ने 18 साल से सभी लोगों को फ्री बूस्टर डोज के लिए 75 दिन का अभियान भी शुरू किया था. 

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक, 25 जुलाई तक 60 साल से ऊपर के 10.43 करोड़ में से सिर्फ 29% लोगों ने कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज लगवाई है. देश में बूस्टर डोज के लिए पात्र 68,97,62,152 लोगों में से सिर्फ 7,30,96,284 लोगों ने अभी तक बूस्टर डोज ली है. कुछ दिनों में बूस्टर डोज के लिए पात्र लोगों की संख्या बढ़कर 93 करोड़ पहुंच जाएगी. 
 
लोग क्यों नहीं लगवा रहे वैक्सीन? 

समाचार एजेंसी के मुताबिक, धीमी वैक्सीनेशन के जवाब में अधिकारियों ने बताया कि अब लोगों में वैक्सीन को लेकर उत्साह नहीं है. लोगों में कोरोना का डर नहीं रहा. अब लोग इस बीमारी से परिचित हो चुके हैं. बूस्टर डोज की धीमी दर के ये सभी कारण हैं. 
 
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि कोरोना वायरस अभी गया नहीं है. पात्र लोगों को कोरोना वैक्सीन की डोज लेनी चाहिए, ताकि संक्रमण को सीमित किया जा सके. ICMR अन्य अंतराराष्ट्रीय रिसर्च इंस्टीट्यूट ने भी सलाह दी है कि वैक्सीन की शुरुआती दोनों डोज के 6 महीने बाद एंटीबॉडी का स्तर कम होने लगता है. ऐसे में बूस्टर डोज से इम्यून रिस्पॉन्स फिर से बढ़ जाएगा.  

सूत्रों ने बताया कि 15 जुलाई तक हर रोज 4.7 लाख बूस्टर डोज लगाई जा रही थीं. पिछले 11 दिन से ये बढ़कर 20.4 लाख प्रति दिन हो गई हैं. अधिकारियों ने बताया कि केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल , तमिलनाडु ऐसे राज्य हैं जहां हर रोज 1000 से ज्यादा केस मिल रहे हैं. वहीं, देश के 181 जिलों में वीकली पॉजिटिविटी रेट 10% से ज्यादा है. 

कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है. लेकिन कोरोना के मन से कोरोना का डर कम हो गया है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह वजह है कि लोगों का वैक्सीन के प्रति उत्साह कम हो गया है. यही वजह है कि काफी लोग कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं. 


 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें