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जानिए Ivermectin दवा के बारे में, जिसे 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को देने जा रही गोवा सरकार

गोवा सरकार ने अपने यहां एक बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने 18 साल से अधिक उम्र वाले लोगों के लिए एक खास दवाई के इस्तेमाल की मंजूरी दी है, जिसका नाम है Ivermectin. इसका क्या उपयोग है, जानिए...

कोरोना संकट के बीच गोवा सरकार का फैसला (फाइल फोटो: PTI) कोरोना संकट के बीच गोवा सरकार का फैसला (फाइल फोटो: PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोरोना संकट के बीच गोवा सरकार का फैसला
  • 18 साल से अधिक उम्र वालों को दी जाएगी खास दवाई

कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए अलग-अलग स्तर पर काम चल रहा है. वैक्सीनेशन का काम लगातार जारी है और अलग-अलग राज्यों में टीकाकरण चल रहा है. इस बीच गोवा सरकार ने अपने यहां एक बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने 18 साल से अधिक उम्र वाले लोगों के लिए एक खास दवाई के इस्तेमाल की मंजूरी दी है, जिसका नाम है Ivermectin. गोवा सरकार ने क्या आदेश दिया है और ये दवाई किस काम की है, एक नज़र डाल लीजिए...  

क्या है गोवा सरकार का फैसला?
गोवा सरकार ने अपने यहां 18 साल से अधिक उम्र वाले सभी लोगों के लिए Ivermectin की पांच टैबलेट देने की मंजूरी दी है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे के मुताबिक, इस टैबलेट से लोगों में कोरोना से लड़ने की क्षमता बढ़ेगी और वायरस का खतरा कम होगा. गोवा में इस दवाई के 12 MG के टैबलेट हर जिलों, अस्पतालों में उपलब्ध कराए जाएंगे.

क्या है Ivermectin? 
Ivermectin एक एंटी-पैरास्टिक दवाई है, जिसे भारत में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा मंजूरी दी गई है. इस दवाई का इस्तेमाल मुख्य रूप से डॉक्टरों की सलाह पर किया जाता है, जो किसी तरह के संक्रमण को रोकने का काम करती है. अधिकतर ये दवाई उन मरीजों को दी जाती है, जो कि strongyloidiasis और onchocerciasis का सामना कर रहे हैं.

कोरोना मरीजों के लिए कैसे फायदेमंद साबित होगी?
अब सवाल ये है कि कोरोना से ये दवाई आपको कैसे बचाएगी. एक स्टडी के मुताबिक, Ivermectin किसी भी व्यक्ति में कोरोना संक्रमण फैलने से बचा सकती है. अमेरिका में मई-जून में इसको लेकर एक स्टडी पब्लिश हुई थी, उसके बाद से कई वैज्ञानिकों ने इस दवाई और कोरोना संक्रमण के कनेक्शन पर अध्ययन किया है.

इस दवाई को लेकर अभी तक करीब ढाई हजार लोगों पर ट्रायल किया जा चुका है. यूके, इटली, स्पेन, जापान के एक्सपर्ट्स ने दावा किया है कि इस दवाई के इस्तेमाल से कोरोना मरीजों में रिकवरी की क्षमता बढ़ती है, मरने वालों की संख्या में कमी आई है. 

हालांकि, इसकी सुरक्षा को लेकर अभी भी कई तरह के सवाल खड़े होते आए हैं. FDA का कहना है कि बड़ी मात्रा में इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. 


 

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