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दिल्ली: बोरिया-बिस्तर समेट फिर लौटने लगे प्रवासी मजदूर, रेलवे स्टेशन-बस अड्डों पर उमड़ी भीड़

मुसाफिरों का कहना था कि कोरोना संक्रमण अनियंत्रित तरीके से बढ़ रहा है. हालात और ज्यादा खराब हुए तो लॉकडाउन की सीमा भी बढ़ाई जा सकती है. ऐसे में उनके लिए परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा. इसलिए वो अब अपने पैतृक स्थान पर जा रहे हैं. 

आनंद विहार बस अड्डे पर उमड़ी भीड़ (फोटो- पीटीआई) आनंद विहार बस अड्डे पर उमड़ी भीड़ (फोटो- पीटीआई)
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स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली में 6 दिनों का लॉकडाउन लगाया गया है
  • प्रवासियों ने दिल्ली छोड़कर जाना शुरू कर दिया है
  • CM केजरीवाल की अपील का असर नहीं

दिल्ली सरकार और LG के बीच हुई बैठक के बाद सोमवार रात 10 बजे से अगले सोमवार 26 अप्रैल सुबह 5 बजे तक दिल्ली में फिर लॉकडाउन लगाया गया है. दिल्ली में लगातार कोरोना के रिकॉर्ड मामले दर्ज हो रहे थे, जिसको देखते हुए यह फैसला लिया गया है. इसी के साथ ही आज रात से दिल्ली में लॉकडाउन की मियाद शुरू हो गई है. 

लेकिन इस ऐलान के बाद आनंद विहार, कौशांबी बस अड्डे से यूपी और बिहार के दूर-दराज शहरों के प्रवासी लोग पलायन करने लगे हैं. यहां एक बार फिर से 2020 जैसी भीड़ उमड़ पड़ी है जब मार्च में लॉकडाउन के ऐलान के बाद एक बार में आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर हजारों लोग की भीड़ लग गई थी. सोमवार को दिन भर आनंद विहार स्टेशन पर ऐसा ही दृश्य देखने को मिला. यहां से मजदूर लगातार अपने घरों की ओर जा रहे हैं और इंतजार कर रहे हैं कि किसी बस के जरिए उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने को मिल जाए. इसके चलते आनंद विहार और कौशांबी बस अड्डे पर भीड़ बढ़ती जा रही है. 

आनंद विहार रेलवे स्टेशन की ओर जाती भीड़ (PTI)

मुसाफिरों का कहना था कि कोरोना संक्रमण अनियंत्रित तरीके से बढ़ रहा है. हालात और ज्यादा खराब हुए तो लॉकडाउन की सीमा भी बढ़ाई जा सकती है. ऐसे में उनके लिए परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा. इसलिए वो अब अपने पैतृक स्थान पर जा रहे हैं. 

आनंद विहार पर मजदूरों की भीड़ (PTI)

बता दें कि लॉकडाउन के ऐलान के बाद ही दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा था कि मैं भरोसा दिलाता हूं कि सरकार आपका पूरा ख्याल रखेगी. आप दिल्ली में ही रहिए. उन्होंने कहा, "पिछली बार जब देश में लॉकडाउन लगा था. हमने देखा था कि किस तरह बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने गांव जाने लगे. मैं खासतौर से हाथ जोड़कर अपील करना चाहता हूं, ये छोटा सा लॉकडाउन है, 6 दिन का. दिल्ली छोड़कर मत जाइए. लेकिन सीएम केजरीवाल की अपील का मजदूरों पर कोई असर नहीं दिख रहा है. मजदूर किसी तरह से भी घर जाने पर आपदा हैं. 

बस की छत पर बैठकर घर जाते लोग (फोटो-पीटीआई)

कहने की जरूरत नहीं है कि आनंद विहार में सोशल डिस्टेंसिंग जैसी चीज का दूर तक नामो निशान नहीं था.

सीएम केजरीवाल ने 6 दिन के लॉकडाउन का ऐलान करते हुए कहा था कि आपके आने-जाने में ही इतना समय खराब हो जाएगा. कितना पैसा खराब होगा. कितनी ऊर्जा खराब होगी. दिल्ली में ही रहिए. मुझे उम्मीद है कि ये छोटा लॉकडाउन है और छोटा ही रहेगा. मुझे पूरी उम्मीद है कि शायद बढ़ाने की जरूरत ना पड़े. आप दिल्ली में ही रहिए. यकीन मानिए हम पूरी ईमानदारी के साथ सब मिलकर लड़ेंगे और जल्दी ही इस मुसीबत से छुटकारा पा लेंगे. मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि सरकार आपका पूरा ख्याल रखेगी. मैं हूं ना. मुझ पर भरोसा रखिए."

19 अप्रैल की आनंद विहार की तस्वीर (PTI)

हालांकि सीएम केजरीवाल की अपील बेअसर दिख रही है. प्रवासी लोगों ने दिल्ली छोड़कर जाना शुरू कर दिया है. आनंद विहार, कौशांबी बस अड्डे पर जिस तरह की भीड़ नजर आ रही है, उससे साफ है कि सीएम की अपील का कोई असर नहीं है. 

  • क्या दिल्ली में 6 दिन के लॉकडाउन से रुकेगा कोरोना का संक्रमण?

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