scorecardresearch
 

नीतीश सरकार को HC ने लगाई फटकार- कोर्ट की कार्यवाही का बना दिया मजाक, हमें खुद पर शर्म आ रही

पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार से कहा कि लॉकडाउन लगाएं या कुछ और करें, लेकिन लोग सड़क पर पड़े-पड़े मर रहे हैं. आप ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर क्या इमिडिएट रिस्पॉन्स कर रहे हैं, इसका जवाब दीजिए. जिस पर सरकार के महाधिवक्ता ने एक आखिरी मौका दिए जाने की बात कही.

पटना हाई कोर्ट पटना हाई कोर्ट
स्टोरी हाइलाइट्स
  • HC ने कहा आदेशों का 10% नहीं किया पालन
  • 6 मई तक के लिए सुनवाई की गई स्थगित
  • महाधिवक्ता ने मांगा कोर्ट से आखिरी मौका

बिहार में कोरोना की स्थिति और अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी पर जनहित याचिका की सुनवाई कर रहे पटना हाई कोर्ट ने आज बिहार सरकार को एक बार फिर कड़ी फटकार लगाई है. कोरोना से निपटने के सरकार के रुख को देखते हुए हाईकोर्ट ने आज कहा कि आप लोगों ने कोर्ट की कार्यवाही का मजाक बना कर रख दिया है.

कोर्ट ने कहा कि हम 15 अप्रैल से आदेश पर आदेश दिए जा रहे हैं, लेकिन आपने उसका 10 प्रतिशत भी पालन नहीं किया है. आज हम खुद शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं कि हम आदेश देते रहे और लोग मरते रहे. हमने सिर्फ आपके विश्वास और दिलासे पर इतने दिन गंवा दिए कि आप हमारे कहे अनुसार काम कर रहे हैं.

सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था से नाराज कोर्ट ने आज सेना तक से मदद लेने की बात कह डाली. कोर्ट ने कहा कि आप खुद मान चुके हैं कि पूरा सिस्टम collapse हो गया है इसलिए हम पुणे के armed forces medical college के स्पेशलिस्ट से मदद लेने के बारे में भी सोच सकते हैं. सोमवार को हाईकोर्ट ने सरकार को मंगलवार तक लॉकडाउन पर अपनी राय देने को कहा था. आज मंगलवार को कोर्ट की कार्यवाही के दौरान ही सरकार ने लॉकडॉउन लगाने का फैसला लिया. सरकार ने कोर्ट में बताया कि पूरे प्रदेश में 15 मई तक लॉकडाउन लगाया गया है.

कोर्ट ने लॉकडाउन के फैसले से भी असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि आप लॉकडाउन लगाएं या कुछ और करें, लेकिन लोग सड़क पर पड़े-पड़े मर रहे हैं. आप ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर क्या इमिडिएट रिस्पॉन्स कर रहे हैं, इसका जवाब दीजिए. जिस पर सरकार के महाधिवक्ता ने एक आखिरी मौका दिए जाने की बात कही. एडवोकेट जनरल ने 6 मई को कोर्ट में आखिरी एफिडेविट दाखिल करने की बात कही, जिसे कोर्ट ने मान लिया. कोर्ट ने 6 मई तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी है, उस दिन सरकार इस केस के लेटेस्ट अपडेट के बारे में कोर्ट को अवगत कराएगी.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें