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सोचा नहीं था हवाई जहाज में बैठूंगा, मालिक ने की व्यवस्था- मजदूर ने बताई दिल छूने वाली कहानी

पिछले कुछ दिनों में ट्रेन की लेट-लतीफी की वजह से कई लोगों की जान जाने की भी खबर आई है. लेकिन प्रवासी मजदूरों के पास अपने घर वापस लौटने का रास्ता ही क्या है? उनके पास इतने पैसे नहीं हैं कि वो विमान से घर लौटे. हालांकि गुरुवार सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर ऐसा कुछ हुआ जो सुनने में बिल्कुल असामान्य लगता है.

विमान से घर लौट रहे मजदूर (फोटो-एएनआई) विमान से घर लौट रहे मजदूर (फोटो-एएनआई)

  • दिल्ली से पटना लौट रहे थे प्रवासी मजदूर
  • मशरूम की खेती करते हैं मालिक किसान

प्रवासी मजदूरों की घर वापसी का सिलसिला जारी है. ज्यादातर मजदूर ट्रेन से अपने राज्यों के लिए रवाना हो चुके हैं, वहीं कई अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. पिछले कुछ दिनों में ट्रेन की लेट-लतीफी की वजह से कई लोगों की जान जाने की भी खबर आई है. लेकिन प्रवासी मजदूरों के पास अपने घर वापस लौटने का रास्ता ही क्या है? उनके पास इतने पैसे नहीं हैं कि वो विमान से घर लौटे. हालांकि गुरुवार सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर ऐसा कुछ हुआ जो सुनने में बिल्कुल असामान्य लगता है.

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर गुरुवर सुबह 10 प्रवासी मजदूर दिखाई दिए. इन्होंने बताया कि ये विमान से पटना जा रहे हैं. आप सोच रहे होंगे कि इनके पास इतने पैसे कहां से आए कि वो फ्लाइट से यात्रा कर सकें. दरअसल ये लोग पप्पन गहलोत नाम के एक किसान के यहां काम करते हैं.

पप्पन गहलोत मशरूम की खेती करते हैं. उन्हें जब मालूम हुआ कि उनके यहां काम करने वाले मजदूर अपने घर जाना चाहते हैं तो उन्होंने सभी प्रवासियों के लिए हवाई टिकट की व्यवस्था की. एक मजदूर ने बताया, 'मैंने कभी नहीं सोचा था कि हवाई जहाज में बैठूंगा. हमारे मालिक (मालिक किसान) ने हमारी वापसी के लिए हवाई टिकट बनवाया.'

जाहिर है हाल के दिनों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई जब मकान मालिक ने पैसे नहीं मिलने की सूरत में किराएदार को घर से बाहर निकाल दिया. या फिर मालिकों ने अपने यहां काम करने वाले मजदूरों के पैसे काट लिए. कोरोना आपदा के दौरान सबसे अधिक त्रासदी इसी वर्ग के लोगों ने झेली है. फिर चाहे वो बेघर होने का दर्द हो, भूख का या फिर लंबी अनवरत यात्रा का.

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मजदूरों के लिए सरकार ने रेल तो चला दी है लेकिन वो घर पहुंचाने में काफी समय ले रही है. इस दौरान कई यात्रियों ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बिहार के मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर अपनी मृतक मां के कफन के साथ एक मासूम बच्चे को खेलते हुए दिखाया जा रहा है.

घटना 25 मई की मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन की है. जब श्रमिक एक्सप्रेस में सवार होकर एक प्रवासी महिला मुजफ्फरपुर लौट रही थी और यात्रा के दौरान ही उसकी मौत हो गई. यह प्रवासी महिला अहमदाबाद से बिहार वापस लौट रहे थी. कटिहार जिले की रहने वाली मृतक महिला अहमदाबाद से श्रमिक एक्सप्रेस में अपने बहन और जीजा के साथ मुजफ्फरपुर पहुंची थी. हालांकि रास्ते में महिला की मौत हो गई थी. मौत की वजह का अभी खुलासा नहीं हो पाया है.

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चारों तरफ निराशा की खबरों के बीच पप्पन गहलोत का अपने मजदूरों के प्रति लगाव देश के सामने एक मिसाल पेश करती है. जिन्होंने इस मुश्किल घड़ी में अपने पैसे बचाने की बजाय, मजदूरों को तकलीफ से बचाने पर जोर दिया.

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